अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَغْنَوْا: रहना, बसना, निवास करना।
- ثَمُودَ: समूद क़ौम, जो पैग़म्बर सालिह (अलैहिस्सलाम) की उम्मत थी।
- كَفَرُوا: इनकार किया, अविश्वास किया।
- بُعْدًا: दूरी, रहमत से दूर होना, विनाश।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत समूद क़ौम के विनाश के बाद का दृश्य प्रस्तुत करती है। जब उन पर अल्लाह का अज़ाब आया और वे अपने घरों में तबाह होकर गिर पड़े, तो ऐसा लगा जैसे वे कभी वहाँ बसे ही नहीं थे। उनकी शक्ति, उनकी इमारतें, उनकी तरक्की — सब कुछ मिट गया। वे इतनी जल्दी मिट गए कि गुज़रे हुए वक़्त की कोई निशानी भी बाक़ी न रही।
फिर अल्लाह तआला फ़रमाता है: "सुन लो! समूद ने अपने रब का इनकार किया।" यानी उन्होंने अल्लाह की वह नेमतें देखीं जो उन्हें दी गई थीं — चट्टानों को काटकर बनाए गए घर, बाग़ात, चश्मे — लेकिन फिर भी उन्होंने शुक्र नहीं किया और अपने रब की आयतों को झुठलाया। उन्होंने सालिह (अलैहिस्सलाम) को झुठलाया और उस ऊँटनी को मार डाला जो अल्लाह की निशानी थी।
आख़िर में फ़रमाया: "सुन लो! समूद पर दूरी और विनाश है!" यानी अल्लाह की रहमत से वे दूर हो गए, उनके लिए हर भलाई का दरवाज़ा बंद हो गया। यह उनके लिए शर्मिंदगी और ज़िल्लत की घोषणा है — वे जिस चीज़ पर इतराते थे, उसी में वे तबाह हो गए।
फ़ायदे (सबक):
- दुनिया की तरक्की और ताक़त किसी को अल्लाह के अज़ाब से नहीं बचा सकती। समूद की चट्टानों को काटकर बनाई गई इमारतें आज भी मौजूद हैं, लेकिन उनके बनाने वाले मिट गए।
- अल्लाह की नेमतों का सही इस्तेमाल शुक्र है, और शुक्र का तरीक़ा यह है कि उसकी इबादत की जाए और उसके रसूलों की पैरवी की जाए। नेमतों के बावजूद नाफ़रमानी अज़ाब का सबब बनती है।
- अल्लाह की रहमत से दूर होना सबसे बड़ी सज़ा है। मुसलमान को चाहिए कि वह हमेशा अल्लाह की रहमत की उम्मीद रखे और उससे दूर होने वाले कामों से बचे।
- यह आयत बताती है कि अल्लाह की सज़ा जब आती है, तो इतनी तेज़ और पूरी होती है कि इंसान की सारी तदबीरें और ताकत बेकार हो जाती है। इसलिए इंसान को अल्लाह के सामने इतराना नहीं चाहिए, बल्कि उसकी नाफ़रमानी से डरना चाहिए।
- इस क़िस्से में उन लोगों के लिए इबरत है जो अपनी ताक़त और दौलत पर भरोसा करके हक़ से मुँह मोड़ते हैं — उनका अंजाम भी समूद जैसा ही हो सकता है।
📜 आयत 66-70 — हूद
अनुवाद — हूद 68
सूरा हूद आयत 68 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ऐसे मर मिटे कि गोया उनमें कभी बसे ही…सूरा आयत 68/123 — हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: हूद सुनें, हूद अनुवाद, हूद mp3, हूद pdf. आयत 66–70. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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