Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَوْفُوا: पूरा करो, पूरा-पूरा दो।
- الْمِكْيَالَ: नापने का पैमाना (जिससे तरल या दाने नापे जाते हैं)।
- الْمِيزَانَ: तौलने का तराज़ू (जिससे वज़न तौला जाता है)।
- بِالْقِسْطِ: न्याय और इंसाफ़ के साथ।
- تَبْخَسُوا: कम करो, घटाओ, नुक़्सान पहुँचाओ।
- تَعْثَوْا: फ़साद फैलाओ, ज़मीन में बिगाड़ पैदा करो।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ मेरी क़ौम के लोगो! जब भी तुम किसी को नापकर दो या तौलकर दो, तो उसे पूरा-पूरा दो और न्याय का पूरा ध्यान रखो। नापने और तौलने में किसी भी तरह की कमी या धोखाधड़ी मत करो। लोगों को उनका हक़ पूरा दो, उनकी चीज़ों में कमी मत करो, चाहे वह चीज़ अनाज हो, सोना-चाँदी हो या कोई और चीज़। किसी को उसका हक़ देने में कंजूसी या धोखा न करो, क्योंकि यह बड़ा गुनाह है।
और ज़मीन में फ़साद फैलाने के लिए मत चलो। यानी अल्लाह की नाफ़रमानी के कामों में मत लगो, लोगों को नुक़्सान मत पहुँचाओ, और न ही ज़मीन में किसी तरह की बुराई और बिगाड़ पैदा करो। याद रखो कि यह दुनिया अल्लाह की है और उसने इसे अच्छे कामों के लिए बनाया है, इसलिए इसमें बुराई और फ़साद फैलाना अल्लाह की नाराज़गी का कारण है।
फ़ायदे (उपदेश):
- ईमानदारी और दयालुता: यह आयत हमें सिखाती है कि व्यापार और लेन-देन में ईमानदारी बहुत ज़रूरी है। जो व्यक्ति नाप-तौल में पूरा हक़ देता है, अल्लाह उसे दुनिया और आख़िरत दोनों में बरकत देता है।
- दूसरों के हक़ का सम्मान: इस्लाम हमें सिखाता है कि किसी भी इंसान का हक़ मारना बड़ा गुनाह है। चाहे वह हक़ माल का हो, मेहनत का हो या किसी और चीज़ का। अल्लाह ने हर इंसान का हक़ निर्धारित किया है, और उसे पूरा देना हमारा धर्म है।
- ज़मीन पर फ़साद से बचाव: यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि ज़मीन पर फ़साद फैलाना, चाहे वह चोरी हो, धोखा हो, झूठ हो या किसी और तरह की बुराई, अल्लाह की नज़र में बहुत बुरा काम है। एक अच्छा मुसलमान वही है जो समाज में अमन और सुधार लाए, न कि बिगाड़ और फ़साद।
- समाज में भरोसा: जब लोग नाप-तौल में ईमानदारी करेंगे और एक-दूसरे का हक़ पूरा देंगे, तो समाज में भरोसा और मुहब्बत बढ़ेगी। यही एक खूबसूरत इस्लामी समाज की पहचान है।
📜 आयत 83-87 — सूरा हूद
अनुवाद — हूद 85
सूरा हूद आयत 85 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ऐ मेरी क़ौम पैमाने और तराज़ू ऌन्साफ़ के साथ…सूरा आयत 85/123 — सूरा हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा हूद सुनें, सूरा हूद अनुवाद, सूरा हूद mp3, सूरा हूद pdf. आयत 83–87. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा हूद
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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