Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بَقِيَّتُ اللَّهِ: अल्लाह की ओर से बचा हुआ (हलाल कमाई)।
- خَيْرٌ: बेहतर, अधिक लाभदायक।
- مُؤْمِنِينَ: सच्चे ईमान वाले।
- بِحَفِيظٍ: निगरानी करने वाला, रक्षक (यहाँ अर्थ: तुम्हारे कर्मों का हिसाब रखने वाला)।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह के नबी शुएब (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम को नाप-तौल में कमी करने और लोगों का हक़ मारने से रोका। इस आयत में वे उन्हें समझाते हैं कि जो कुछ अल्लाह ने तुम्हें हलाल रूप से दिया है और उसमें से जो कुछ तुम्हारे पास बचता है—बशर्ते तुम नाप-तौल में इंसाफ़ करो और लोगों के हक़ पूरे दो—वह बचा हुआ हलाल माल उस माल से कहीं बेहतर है जो तुम नाप-तौल में कमी करके या ज़मीन में फ़साद फैलाकर हासिल करते हो। यह बेहतरी इसलिए है क्योंकि हलाल कमाई में बरकत होती है और वह आख़िरत में भी काम आएगी, जबकि हराम कमाई न तो दुनिया में सुकून देती है और न आख़िरत में। यह नसीहत उन लोगों के लिए है जो सच्चे दिल से अल्लाह पर ईमान रखते हैं, क्योंकि ईमान ही वह चीज़ है जो इंसान को अल्लाह के हुक्म पर चलने और हलाल-हराम کی تمیز کرنے کی توفیق देता है।
इसके बाद नबी शुएब (अलैहिस्सलाम) फ़रमाते हैं: "मैं तुम्हारे ऊपर कोई निगरानी करने वाला नहीं हूँ जो तुम्हारे हर काम को गिनता रहे और तुम्हें ज़बरदस्ती नेकी पर मजबूर करे। मेरा काम सिर्फ़ अल्लाह का पैग़ाम पहुँचाना है। हिसाब लेने वाला तो अल्लाह है, जो हर छोटे-बड़े काम को जानता है और उसका हिसाब रखता है।"
फ़ायदे (सबक):
- हलाल कमाई में बरकत होती है, भले ही वह कम हो, जबकि हराम कमाई में बरकत नहीं होती, भले ही वह ज़्यादा दिखे।
- ईमान की पहचान यह है कि इंसान अल्लाह के हुक्म को अपनी ख्वाहिशों पर तरजीह दे और हलाल-हराम का ख़याल रखे।
- नबियों का काम सिर्फ़ पैग़ाम पहुँचाना है; हिसाब लेने का अधिकार सिर्फ़ अल्लाह को है। यह हमें सिखाता है कि हमें दूसरों को नेकी की दावत देनी चाहिए, लेकिन ज़बरदस्ती या जासूसी नहीं करनी चाहिए।
- जो इंसान अल्लाह पर भरोसा करके हलाल रोज़ी पर संतुष्ट रहता है, अल्लाह उसे अपनी तरफ़ से ऐसी बरकत देता है जो किसी हराम माल में नहीं होती।
- यह आयत हमें सिखाती है कि दुनिया की कमाई से बढ़कर आख़िरत की कमाई है, और सच्चा मुनाफ़ा वही है जो अल्लाह की रज़ा के साथ हो।
📜 आयत 84-88 — सूरा हूद
अनुवाद — हूद 86
सूरा हूद आयत 86 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : अगर तुम सच्चे मोमिन हो तो ख़ुदा का बक़िया तुम्हारे…सूरा आयत 86/123 — सूरा हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा हूद सुनें, सूरा हूद अनुवाद, सूरा हूद mp3, सूरा हूद pdf. आयत 84–88. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा हूद
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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