अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مِنْ أَجْرٍ: बदला, पारिश्रमिक या कोई पारिश्रमिक।
- ذِكْرٌ: नसीहत, याद दिलाने वाली चीज़, उपदेश।
- لِلْعَالَمِينَ: सारे संसार के लोगों के लिए, सभी मनुष्यों और जिन्नों के लिए।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप इन लोगों से अपने इस धर्म-प्रचार और क़ुरआन पहुँचाने के बदले में कोई पारिश्रमिक या बदला नहीं माँगते। आपका काम तो केवल उन्हें सीधा रास्ता दिखाना है। यह क़ुरआन जो आप पर उतारा गया है, यह कोई साधारण किताब नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक नसीहत और याद दिलाने वाला संदेश है। हर इंसान और हर जिन्न के लिए यह एक ऐसा ज़रिया है जिससे वह अपने रब को पहचान सके, अपनी ज़िंदगी का सही उद्देश्य समझ सके और अच्छे कर्मों की ओर प्रेरित हो सके। आपका यह निःस्वार्थ व्यवहार इस बात का सबूत है कि आपका उद्देश्य केवल लोगों की भलाई है, न कि कोई सांसारिक लाभ। अगर लोग समझदार होते तो इसी बात से आपकी सच्चाई को पहचान लेते और आप पर ईमान ले आते।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि दीन की दावत और अच्छे कामों की तरफ़ बुलाना बिल्कुल निःस्वार्थ होना चाहिए। किसी भी धार्मिक कार्य के बदले में दुनियावी मेहनताना या बदला लेना उसकी पवित्रता को खत्म कर देता है।
- यह आयत हमें बताती है कि क़ुरआन सिर्फ़ किसी एक ज़माने या किसी एक क़ौम के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए हिदायत और रहमत है। यह हर ज़माने और हर जगह के लोगों के लिए एक जीवंत संदेश है।
- एक सच्चे मुसलमान का नज़रिया दुनिया के सभी लोगों के प्रति भलाई और सुधार का होना चाहिए, क्योंकि क़ुरआन का पैग़ाम सारे संसार के लिए है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि जब हमारा काम ख़ालिस अल्लाह के लिए होता है, तो अल्लाह खुद उसकी कद्र करता है और उसे कामयाब बनाता है, चाहे लोग उसे न मानें।
- इससे हमें यह भी समझ आता है कि नबी करीम ﷺ की महानता और सच्चाई का एक बड़ा सबूत यह है कि उन्होंने 23 साल की लंबी मेहनत में कभी किसी से कोई दुनियावी फ़ायदा नहीं उठाया, बल्कि उल्टा उन्होंने तकलीफ़ें सहीं। यह उनके नबी होने की सबसे बड़ी गवाही है।
📜 आयत 102-106 — यूसुफ
अनुवाद — यूसुफ 104
सूरा यूसुफ आयत 104 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हालॉकि तुम उनसे (तबलीगे रिसालत का) कोई सिला नहीं मॉगते…सूरा आयत 104/111 — यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूसुफ सुनें, यूसुफ अनुवाद, यूसुफ mp3, यूसुफ pdf. आयत 102–106. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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