अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَا تَثْرِيبَ – कोई झिड़की नहीं, कोई तोबीह नहीं, कोई मलामत नहीं।
- عَلَيْكُمُ – तुम पर।
- الْيَوْمَ – आज।
- يَغْفِرُ – क्षमा करेगा।
- أَرْحَمُ الرَّاحِمِينَ – सबसे अधिक दयालु, रहम करने वालों में सबसे बड़ा रहम करने वाला।
तफसीर (व्याख्या):
जब हज़रत यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) के भाइयों ने अपने किए पर शर्मिंदगी और पछतावे का इज़हार किया और अपनी गलती कबूल की, तो उन्होंने उन्हें माफ़ कर दिया और बड़ी ही नर्मी और रहमदिली से फ़रमाया: "आज तुम पर कोई मलामत नहीं है, न कोई तोबीह है और न ही मैं तुम्हें तुम्हारे पिछले कामों की याद दिलाऊँगा।" यह उनकी ऊँची हिम्मत और दरगुज़र का सबूत था कि उन्होंने उस बड़ी साज़िश और धोखे को, जो उन्होंने बचपन में उनके साथ किया था, पूरी तरह माफ़ कर दिया।
इसके बाद उन्होंने उनके लिए दुआ की और कहा: "अल्लाह तुम्हें माफ़ करे, क्योंकि वह सबसे बड़ा रहम करने वाला है।" यह दुआ उनके दिलों को सुकून देने और उन्हें यक़ीन दिलाने के लिए थी कि अगर उन्होंने सच्चे दिल से तौबा कर ली है, तो अल्लाह की रहमत उनके गुनाहों को ढक देगी। यहूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) ने न सिर्फ़ उन्हें माफ़ किया, बल्कि उनके लिए अल्लाह से माफ़ी की दुआ भी माँगी, जो उनके किरदार की बुलंदी और उनके दिल की सफ़ाई को दिखाता है।
फ़ायदे (सबक):
- माफ़ी की ताक़त: यह आयत सिखाती है कि इंसान को चाहिए कि वह दूसरों की गलतियों को माफ़ करे, ख़ासकर जब सामने वाला अपनी गलती पर पछताए। माफ़ी दिल को साफ़ करती है और रिश्तों को मज़बूत बनाती है।
- अल्लाह की रहमत की उम्मीद: जब इंसान अपने गुनाहों पर तौबा करता है, तो अल्लाह उसे माफ़ करने का वादा करता है। अल्लाह की रहमत उसके ग़ज़ब से कहीं ज़्यादा वसीअ है, और वह हर उस बंदे को माफ़ करता है जो सच्चे दिल से उसकी तरफ़ रुजू करता है।
- बदला न लेने की हिम्मत: यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) के पास अपने भाइयों को सज़ा देने की पूरी ताक़त थी, लेकिन उन्होंने बदला नहीं लिया। यह सिखाता है कि ताक़तवर वही है जो गुस्से पर क़ाबू रखे और दूसरों को माफ़ करे।
- दुआ की अहमियत: माफ़ी के साथ-साथ दुआ करना सिखाया गया है। जब कोई आपसे माफ़ी माँगे, तो उसके लिए दुआ करना और उसकी भलाई की कामना करना सबसे अच्छा अमल है।
- इस्लाम की खूबसूरती: यह आयत इस्लाम के उस पैग़ाम को दिखाती है जो रहम, दरगुज़र और भाईचारे पर ज़ोर देता है। इस्लाम दिलों को जोड़ने और नफ़रतों को मिटाने का दीन है।
📜 आयत 90-94 — यूसुफ
अनुवाद — यूसुफ 92
सूरा यूसुफ आयत 92 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : यूसुफ ने कहा अब आज से तुम पर कुछ इल्ज़ाम…सूरा आयत 92/111 — यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूसुफ सुनें, यूसुफ अनुवाद, यूसुफ mp3, यूसुफ pdf. आयत 90–94. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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