यूसुफ · 92/111
अनुवाद उच्चारण — यूसुफ
قَالَ لَا تَثْرِيبَ عَلَيْكُمُ الْيَوْمَ ۖ يَغْفِرُ اللَّهُ لَكُمْ ۖ وَهُوَ أَرْحَمُ الرَّاحِمِينَ ۝٩٢
Qaala laa tasreeba `alaikumul yawma yaghfirul laahu lakum wa Huwa arhamur raahimeen
📖 हिंदी अर्थ
यूसुफ ने कहा अब आज से तुम पर कुछ इल्ज़ाम नहीं ख़ुदा तुम्हारे गुनाह माफ फरमाए वह तो सबसे ज्यादा रहीम है ये मेरा कुर्ता ले जाओ

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لَا تَثْرِيبَ – कोई झिड़की नहीं, कोई तोबीह नहीं, कोई मलामत नहीं।
  • عَلَيْكُمُ – तुम पर।
  • الْيَوْمَ – आज।
  • يَغْفِرُ – क्षमा करेगा।
  • أَرْحَمُ الرَّاحِمِينَ – सबसे अधिक दयालु, रहम करने वालों में सबसे बड़ा रहम करने वाला।

तफसीर (व्याख्या):

जब हज़रत यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) के भाइयों ने अपने किए पर शर्मिंदगी और पछतावे का इज़हार किया और अपनी गलती कबूल की, तो उन्होंने उन्हें माफ़ कर दिया और बड़ी ही नर्मी और रहमदिली से फ़रमाया: "आज तुम पर कोई मलामत नहीं है, न कोई तोबीह है और न ही मैं तुम्हें तुम्हारे पिछले कामों की याद दिलाऊँगा।" यह उनकी ऊँची हिम्मत और दरगुज़र का सबूत था कि उन्होंने उस बड़ी साज़िश और धोखे को, जो उन्होंने बचपन में उनके साथ किया था, पूरी तरह माफ़ कर दिया।

इसके बाद उन्होंने उनके लिए दुआ की और कहा: "अल्लाह तुम्हें माफ़ करे, क्योंकि वह सबसे बड़ा रहम करने वाला है।" यह दुआ उनके दिलों को सुकून देने और उन्हें यक़ीन दिलाने के लिए थी कि अगर उन्होंने सच्चे दिल से तौबा कर ली है, तो अल्लाह की रहमत उनके गुनाहों को ढक देगी। यहूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) ने न सिर्फ़ उन्हें माफ़ किया, बल्कि उनके लिए अल्लाह से माफ़ी की दुआ भी माँगी, जो उनके किरदार की बुलंदी और उनके दिल की सफ़ाई को दिखाता है।


फ़ायदे (सबक):

  1. माफ़ी की ताक़त: यह आयत सिखाती है कि इंसान को चाहिए कि वह दूसरों की गलतियों को माफ़ करे, ख़ासकर जब सामने वाला अपनी गलती पर पछताए। माफ़ी दिल को साफ़ करती है और रिश्तों को मज़बूत बनाती है।
  2. अल्लाह की रहमत की उम्मीद: जब इंसान अपने गुनाहों पर तौबा करता है, तो अल्लाह उसे माफ़ करने का वादा करता है। अल्लाह की रहमत उसके ग़ज़ब से कहीं ज़्यादा वसीअ है, और वह हर उस बंदे को माफ़ करता है जो सच्चे दिल से उसकी तरफ़ रुजू करता है।
  3. बदला न लेने की हिम्मत: यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) के पास अपने भाइयों को सज़ा देने की पूरी ताक़त थी, लेकिन उन्होंने बदला नहीं लिया। यह सिखाता है कि ताक़तवर वही है जो गुस्से पर क़ाबू रखे और दूसरों को माफ़ करे।
  4. दुआ की अहमियत: माफ़ी के साथ-साथ दुआ करना सिखाया गया है। जब कोई आपसे माफ़ी माँगे, तो उसके लिए दुआ करना और उसकी भलाई की कामना करना सबसे अच्छा अमल है।
  5. इस्लाम की खूबसूरती: यह आयत इस्लाम के उस पैग़ाम को दिखाती है जो रहम, दरगुज़र और भाईचारे पर ज़ोर देता है। इस्लाम दिलों को जोड़ने और नफ़रतों को मिटाने का दीन है।


📜 आयत 90-94 — यूसुफ

90قَالُوا أَإِنَّكَ لَأَنتَ يُوسُفُ ۖ قَالَ أَنَا يُوسُفُ وَهَٰذَا أَخِي ۖ قَدْ مَنَّ اللَّهُ عَلَيْنَا ۖ إِنَّهُ مَن يَتَّقِ وَيَصْبِرْ فَإِنَّ اللَّهَ لَا يُضِيعُ أَجْرَ الْمُحْسِنِينَ
(उस पर वह लोग चौके) और कहने लगे (हाए) क्या तुम ही यूसुफ हो, यूसुफ ने कहा हाँ मै ही यूसुफ हूँ और यह मेरा भाई है बेशक ख़ुदा ने मुझ पर अपना फज़ल व (करम) किया है क्या इसमें शक़ नहीं कि जो शख़्श (उससे) डरता है (और मुसीबत में) सब्र करे तो ख़ुदा हरगिज़ (ऐसे नेको कारों का) अज्र बरबाद नहीं करता
91قَالُوا تَاللَّهِ لَقَدْ آثَرَكَ اللَّهُ عَلَيْنَا وَإِن كُنَّا لَخَاطِئِينَ
वह लोग कहने लगे ख़ुदा की क़सम तुम्हें ख़ुदा ने यक़ीनन हम पर फज़ीलत दी है और बेशक हम ही यक़ीनन (अज़सरतापा) ख़तावार थे
92قَالَ لَا تَثْرِيبَ عَلَيْكُمُ الْيَوْمَ ۖ يَغْفِرُ اللَّهُ لَكُمْ ۖ وَهُوَ أَرْحَمُ الرَّاحِمِينَ
यूसुफ ने कहा अब आज से तुम पर कुछ इल्ज़ाम नहीं ख़ुदा तुम्हारे गुनाह माफ फरमाए वह तो सबसे ज्यादा रहीम है ये मेरा कुर्ता ले जाओ
93اذْهَبُوا بِقَمِيصِي هَٰذَا فَأَلْقُوهُ عَلَىٰ وَجْهِ أَبِي يَأْتِ بَصِيرًا وَأْتُونِي بِأَهْلِكُمْ أَجْمَعِينَ
और उसको अब्बा जान के चेहरे पर डाल देना कि वह फिर बीना हो जाएंगें (देखने लगेंगे) और तुम लोग अपने सब लड़के बालों को लेकर मेरे पास चले आओ
94وَلَمَّا فَصَلَتِ الْعِيرُ قَالَ أَبُوهُمْ إِنِّي لَأَجِدُ رِيحَ يُوسُفَ ۖ لَوْلَا أَن تُفَنِّدُونِ
और जो ही ये काफ़िला मिस्र से चला था कि उन लोगों के वालिद (याक़ूब) ने कहा दिया था कि अगर मुझे सठिया या हुआ न कहो तो बात कहूँ कि मुझे यूसुफ की बू मालूम हो रही है
यूसुफकुरान सूची
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अनुवाद — यूसुफ 92

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सूरा आयत 92/111 — यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूसुफ सुनें, यूसुफ अनुवाद, यूसुफ mp3, यूसुफ pdf. आयत 90–94. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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