अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَأَنذِرِ: डराओ, सावधान करो
- الْعَذَابُ: यातना, अज़ाब
- ظَلَمُوا: अत्याचार किया, (यहाँ अर्थ है) शिर्क किया
- أَخِّرْنَا: हमें मोहलत दो, देर करो
- أَجَلٍ قَرِيبٍ: निकट समय (यानी दुनिया में वापस भेज दो)
- نُجِبْ دَعْوَتَكَ: हम तुम्हारी पुकार (एकेश्वरवाद) को स्वीकार करें
- أَقْسَمْتُم: तुमने क़सम खाई थी
- زَوَال: समाप्ति, मिटना, ख़त्म होना
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप लोगों को उस दिन से डराएँ जब उनके पास अज़ाब (यातना) आ जाएगा—और वह दिन क़ियामत का दिन है। उस समय जिन लोगों ने अपने ऊपर अत्याचार किया—यानी कुफ़्र और शिर्क किया—वे पुकार उठेंगे: "ऐ हमारे रब! हमें थोड़ी सी मोहलत दे, हमें दुनिया में वापस भेज दे, ताकि हम तेरी पुकार (तौहीद) को स्वीकार कर लें और तेरे भेजे हुए रसूलों का अनुसरण करें।"
तब उन्हें डाँटते हुए कहा जाएगा: "क्या तुम पहले (दुनिया में) क़समें नहीं खाया करते थे कि तुम्हें कभी जाना नहीं है? तुम यही समझते थे कि दुनिया से कोई जाना नहीं, कोई मृत्यु नहीं, कोई दोबारा उठना नहीं। तुमने पुनर्जीवन और हिसाब-किताब को झुठलाया था। आज यह मोहलत की फ़रियाद करना बेकार है।"
यह आयत उन लोगों के उस हाल का वर्णन है जो दुनिया में आराम से रहे, आख़िरत को भुला दिया, और जब सच्चाई सामने आ जाएगी तो वे पछताएँगे और वापसी की इच्छा करेंगे—लेकिन तब कोई वापसी नहीं होगी।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- आख़िरत की याद: यह आयत हमें सिखाती है कि क़ियामत का दिन अवश्य आने वाला है। जो आज उसे भुलाकर ग़ाफ़िल रहते हैं, वे उस दिन पछताएँगे। इसलिए हमें हर पल इस दिन की तैयारी में रहना चाहिए।
- दुनिया की क्षणभंगुरता: यह आयत बताती है कि दुनिया से जाना तय है। जो लोग यह सोचते हैं कि उन्हें कभी मरना नहीं या दोबारा नहीं उठना, वह उनकी भूल है। यह जीवन एक परीक्षा है, और हमें इसे अच्छे कर्मों से भरना चाहिए।
- तौबा का समय अभी है: आज हमारे पास मौक़ा है कि हम अल्लाह की पुकार को स्वीकार करें और उसके रसूलों का अनुसरण करें। क़ियामत के दिन यह मौक़ा नहीं मिलेगा। इसलिए जो आज सीधे रास्ते पर आ जाए, वही सफल है।
- अल्लाह की रहमत: यह आयत बताती है कि अल्लाह ने हमें दुनिया में भेजकर और रसूल भेजकर हिदायत का रास्ता दिखाया है। यह उसकी बड़ी मेहरबानी है। हमें इस नेमत की क़द्र करनी चाहिए और अपने जीवन को उसकी रज़ा के अनुसार ढालना चाहिए।
📜 आयत 42-46 — इब्राहीम
अनुवाद — इब्राहीम 44
सूरा इब्राहीम आयत 44 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) लोगों को उस दिन से डराओ (जिस…सूरा आयत 44/52 — इब्राहीम إبراهيم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: इब्राहीम सुनें, इब्राहीम अनुवाद, इब्राहीम mp3, इब्राहीम pdf. आयत 42–46. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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