अल-हिज्र · 14/99
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-हिज्र
وَلَوْ فَتَحْنَا عَلَيْهِم بَابًا مِّنَ السَّمَاءِ فَظَلُّوا فِيهِ يَعْرُجُونَ ۝١٤
Wa law fatahnaa `alaihim baabam minas samaaa`i fazaloo feehi ya`rujoon
📖 हिंदी अर्थ
और अगर हम अपनी कुदरत से आसमान का एक दरवाज़ा भी खोल दें और ये लोग दिन दहाड़े उस दरवाज़े से (आसमान पर) चढ़ भी जाएँ

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • بَابًا مِّنَ السَّمَاءِ: आकाश का एक द्वार
  • فَظَلُّوا: वे लगातार बने रहते
  • يَعْرُجُونَ: चढ़ते/ऊपर जाते

व्याख्या:

यदि हम इन इनकार करने वालों (मक्का के काफिरों) के लिए आकाश का एक द्वार खोल देते, और वे उसमें लगातार ऊपर चढ़ते रहते — यहाँ तक कि वे आकाश के अजूबों और अल्लाह की सत्ता के प्रत्यक्ष चिन्हों को अपनी आँखों से देख लेते — तब भी वे ईमान नहीं लाते। वे यही कहते कि हमारी आँखों पर जादू कर दिया गया है, हमने ऐसा कुछ नहीं देखा जो हमें दिखाया गया है, और हम पर मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) का जादू चल गया है जिससे हमारी अक्लें मारी गई हैं। यह उनकी हठधर्मिता और अंध-जिद है — वे स्पष्ट प्रमाण देखकर भी उसे झुठला देंगे, क्योंकि उनका दिल सच्चाई को स्वीकारने से इनकार कर चुका है। वे मांग करते हैं कि हम पर आकाश का द्वार खोला जाए या हम ऊपर चढ़कर फ़रिश्तों को देखें, लेकिन अगर ऐसा हो भी जाए, तो भी वे इसे जादू और धोखा कहकर टाल देंगे। यह उनके लिए कोई नई बात नहीं होगी, बल्कि उनकी जिद और बढ़ जाएगी।

शिक्षाएँ और लाभ:

  1. ईमान दिल की बात है — केवल चमत्कार देख लेने से नहीं आता। जिसका दिल सच्चाई से अंधा हो चुका हो, उसके लिए सबसे बड़े प्रमाण भी बेकार हैं।
  2. अल्लाह ने अपनी रहमत से हमें कुरान और सुन्नत जैसे स्पष्ट मार्गदर्शन दिए हैं — यह किसी भी चमत्कार से बड़ा प्रमाण है। हमें इन्हें समझकर उस पर अमल करना चाहिए।
  3. जिद और हठ इंसान को सत्य से दूर कर देती है। हमें हमेशा सच्चाई को स्वीकार करने के लिए तैयार रहना चाहिए, चाहे वह किसी भी ज़रिए से मिले।
  4. यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के फैसले और उसकी योजना पर भरोसा रखें — वह जानता है कि कब और कैसे हिदायत देनी है। हमारा काम केवल सच्चाई पेश करना है, हिदायत देना अल्लाह के हाथ में है।
  5. इससे मुसलमानों को धैर्य और सब्र का पाठ मिलता है — जब सच्चाई के सामने लोग जिद करें, तो निराश न हों, बल्कि अपने कर्तव्य पर डटे रहें।


📜 आयत 12-16 — सूरा अल-हिज्र

12كَذَٰلِكَ نَسْلُكُهُ فِي قُلُوبِ الْمُجْرِمِينَ
हम (गोया खुद) इसी तरह इस (गुमराही) को (उन) गुनाहगारों के दिल में डाल देते हैं
13لَا يُؤْمِنُونَ بِهِ ۖ وَقَدْ خَلَتْ سُنَّةُ الْأَوَّلِينَ
ये कुफ्फ़ार इस (क़ुरान) पर ईमान न लाएँगें और (ये कुछ अनोखी बात नहीं) अगलों के तरीक़े भी (ऐसे ही) रहें है
14وَلَوْ فَتَحْنَا عَلَيْهِم بَابًا مِّنَ السَّمَاءِ فَظَلُّوا فِيهِ يَعْرُجُونَ
और अगर हम अपनी कुदरत से आसमान का एक दरवाज़ा भी खोल दें और ये लोग दिन दहाड़े उस दरवाज़े से (आसमान पर) चढ़ भी जाएँ
15لَقَالُوا إِنَّمَا سُكِّرَتْ أَبْصَارُنَا بَلْ نَحْنُ قَوْمٌ مَّسْحُورُونَ
तब भी यहीं कहेगें कि हो न हो हमारी ऑंखें (नज़र बन्दी से) मतवाली कर दी गई हैं या नहीं तो हम लोगों पर जादू किया गया है
16وَلَقَدْ جَعَلْنَا فِي السَّمَاءِ بُرُوجًا وَزَيَّنَّاهَا لِلنَّاظِرِينَ
और हम ही ने आसमान में बुर्ज बनाए और देखने वालों के वास्ते उनके (सितारों से) आरास्ता (सजाया) किया
अल-हिज्रकुरान सूची
99आयत
मक्कीअवतरण स्थान
14आयत

अनुवाद — अल-हिज्र 14

सूरा अल-हिज्र आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अगर हम अपनी कुदरत से आसमान का एक दरवाज़ा…

सूरा आयत 14/99 — सूरा अल-हिज्र الحجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हिज्र सुनें, सूरा अल-हिज्र अनुवाद, सूरा अल-हिज्र mp3, सूरा अल-हिज्र pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Saturday, October 3, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए