अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- سُكِّرَتْ: बंद कर दी गईं, अचेत कर दी गईं।
- أَبْصَارُنَا: हमारी आँखें।
- مَسْحُورُونَ: जिन पर जादू किया गया हो।
तफ़सीर:
यदि हम क़ुरैश के इनकार करने वालों पर आसमान का कोई दरवाज़ा खोल दें और वे उसमें चढ़ते हुए ऊपर चले जाएँ, यहाँ तक कि वे आसमान की अजीबों-ग़रीब चीज़ें और अल्लाह की कुदरत के नज़ारे अपनी आँखों से देख लें, तब भी वे ईमान नहीं लाएँगे। इसके विपरीत, वे यही कहेंगे कि हमारी आँखें बंद कर दी गई हैं या हमें धोखा दिया गया है, और हमने जो कुछ देखा वह सिर्फ़ एक धोखा था। वे यह भी कहेंगे कि हम पर जादू कर दिया गया है, और मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने हमें अपने जादू से ऐसा भ्रमित कर दिया है कि हमें ये चीज़ें दिखाई दे रही हैं। उनका दिल अंधा है, इसलिए आँखों से चमत्कार देखकर भी वे हक़ को क़बूल नहीं करेंगे। उनकी यह हठधर्मिता और अंधेपन की हद है कि वे साफ़ सच्चाई को भी झूठ कहने से बाज़ नहीं आते।
फ़ायदे:
- यह आयत हमें सिखाती है कि ईमान दिल का मामला है; जिसके दिल में अल्लाह की तरफ़ से अंधापन हो, उसके लिए कोई भी निशानी या चमत्कार फ़ायदा नहीं पहुँचा सकता। इसलिए हमें अपने दिल को साफ़ रखना चाहिए और हक़ को क़बूल करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
- यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह की कुदरत के नज़ारे और उसकी निशानियाँ हर जगह मौजूद हैं; जो सच्चे दिल से देखता है, वह ईमान ले आता है, और जो हठधर्म है, वह कभी हिदायत नहीं पाता।
- इससे हमें यह सबक़ मिलता है कि हमें अपने अहंकार और ज़िद को छोड़कर अल्लाह की तरफ़ से आने वाली हर बात को खुले दिल से क़बूल करना चाहिए, क्योंकि यही कामयाबी का रास्ता है।
- यह आयत मुसलमानों को तसल्ली देती है कि अगर लोग आपकी बात न मानें, तो निराश न हों; क्योंकि हक़ की दावत का असर दिलों पर अल्लाह ही डालता है, और जिसे अल्लाह ने गुमराह किया, उसे कोई हिदायत नहीं दे सकता।
📜 आयत 13-17 — अल-हिज्र
अनुवाद — अल-हिज्र 15
सूरा अल-हिज्र आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तब भी यहीं कहेगें कि हो न हो हमारी ऑंखें…सूरा आयत 15/99 — अल-हिज्र الحجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हिज्र सुनें, अल-हिज्र अनुवाद, अल-हिज्र mp3, अल-हिज्र pdf. आयत 13–17. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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