Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- मिल्लत: धर्म, पद्धति, मार्ग।
- हनीफ़न: एकेश्वरवादी, सभी झूठे धर्मों से हटकर सत्य धर्म की ओर एकाग्रचित्त होकर झुकने वाला।
- मुशरिकीन: वे लोग जो अल्लाह के साथ किसी और को पूज्य मानते हैं या उसकी इबादत में किसी को साझी ठहराते हैं।
तफसीर:
हे नबी! इस आदेश के बाद हमने आपकी ओर वही (प्रकाशना) भेजी कि आप इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) के धर्म का अनुसरण करें, जो सत्य और एकेश्वरवाद पर आधारित था। इब्राहीम का धर्म वही इस्लाम है, जो अल्लाह की पूर्ण आज्ञाकारिता और उसकी एकता पर टिका हुआ है। वे सभी मिथ्या धर्मों और झूठी मान्यताओं से विमुख होकर केवल अल्लाह की ओर एकाग्र थे। वे कभी भी मुशरिकों (बहुदेववादियों) में से नहीं थे, जैसा कि मक्का के बहुदेववादी दावा करते थे कि हम इब्राहीम के धर्म पर हैं। वास्तव में, इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) पूर्ण रूप से अल्लाह के एक होने के साक्षी और उसकी इबादत में किसी को साझी नहीं मानने वाले थे। यह आदेश स्पष्ट करता है कि सच्चा धर्म वही है जो इब्राहीम की शिक्षाओं पर आधारित है, और वही इस्लाम है, जिसे अल्लाह ने सभी नबियों के माध्यम से पूर्ण किया।
फ़ायदे:
- यह आयत सिखाती है कि सच्चा धर्म वही है जो अल्लाह की एकता और उसकी आज्ञाकारिता पर आधारित हो, और यही इस्लाम है।
- इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) की शिक्षाएँ हमें सिखाती हैं कि हमें हर प्रकार के शिर्क (बहुदेववाद) से बचना चाहिए और केवल अल्लाह की इबादत करनी चाहिए।
- यह आयत मुसलमानों को प्रेरित करती है कि वे अपने जीवन को इब्राहीम की तरह सत्य, एकेश्वरवाद और अल्लाह के प्रति पूर्ण समर्पण पर स्थापित करें।
- यह बताती है कि अल्लाह अपने नबियों को सत्य मार्ग पर चलने का आदेश देता है, और यही मार्ग मानवता के लिए सबसे उत्तम है।
📜 आयत 121-125 — सूरा अन-नहल
अनुवाद — अन-नहल 123
सूरा अन-नहल आयत 123 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वह आख़िरत में भी यक़ीनन नेको कारों से होगें…सूरा आयत 123/128 — सूरा अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नहल सुनें, सूरा अन-नहल अनुवाद, सूरा अन-नहल mp3, सूरा अन-नहल pdf. आयत 121–125. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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