अल-इसरा · 104/111
अनुवाद उच्चारण — अल-इसरा
وَقُلْنَا مِن بَعْدِهِ لِبَنِي إِسْرَائِيلَ اسْكُنُوا الْأَرْضَ فَإِذَا جَاءَ وَعْدُ الْآخِرَةِ جِئْنَا بِكُمْ لَفِيفًا ۝١٠٤
Wa qulnaa mim ba`dihee li Baneee Israaa`eelas kunul arda faizaa jaaa`a wa`dulaakhirati ji`naa bikum lafeefaa
📖 हिंदी अर्थ
और उसके बाद हमने बनी इसराईल से कहा कि (अब तुम ही) इस मुल्क में (खूब आराम से) रहो सहो फिर जब आख़िरत का वायदा आ पहुँचेगा तो हम तुम सबको समेट कर ले आएँगें

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • مِن بَعْدِهِ: उस (फ़िरऔन) के विनाश के बाद।
  • اسْكُنُوا الْأَرْضَ: उस भूमि (शाम और मिस्र) में बस जाओ।
  • وَعْدُ الْآخِرَةِ: आख़िरत का वादा, यानी क़यामत का दिन।
  • لَفِيفًا: एकत्रित होकर, मिले-जुले हुए, सबको एक साथ।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब अल्लाह तआला ने फ़िरऔन और उसके लश्कर को समुद्र में ग़रक़ करके हमेशा के लिए ख़त्म कर दिया, तो उसके बाद उसने बनी इस्राईल को हिदायत दी कि वे उस पवित्र भूमि (शाम और मिस्र) में सुकूनत इख्तियार करें और वहाँ रहकर अल्लाह की इबादत करें। यह अल्लाह की तरफ से उनके लिए एक इनाम था कि उन्हें ज़ुल्म और ग़ुलामी से आज़ादी मिली और उन्हें एक अम्न वाली ज़मीन अता की गई।

फिर अल्लाह तआला ने उन्हें आगाह किया कि जब आख़िरत का वादा (क़यामत) आएगा, तो वह तुम सबको क़ब्रों से निकालकर हश्र के मैदान में इकट्ठा करेगा। वहाँ कोई पीछे नहीं रहेगा, न कोई छिप सकेगा। सब लोग—छोटे, बड़े, अमीर, ग़रीब—मिले-जुले हुए (लफ़ीफ़न) हाज़िर होंगे और अपने आमाल का हिसाब देंगे। यह अल्लाह की क़ुदरत की निशानी है कि वह हर चीज़ पर क़ादिर है और उसका वादा सच्चा है।

यह आयत हमें सिखाती है कि दुनिया की ज़िंदगी चाहे जितनी लंबी क्यों न हो, आख़िरकार एक दिन सबको अल्लाह के सामने पेश होना है। इसलिए हमें चाहिए कि इस दुनिया में अल्लाह की इताअत करें, उसके हुक्मों पर अमल करें और उस दिन के लिए तैयारी करें जब सबको अपने किए का सामना करना होगा। अल्लाह का वादा बिल्कुल सच्चा है—वह ज़ालिमों को सज़ा देगा और नेक लोगों को उनके अच्छे आमाल का बदला अता करेगा। यह हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ गुज़ारें और उस दिन के लिए अच्छे आमाल का ज़ख़ीरा इकट्ठा करें।



📜 आयत 102-106 — अल-इसरा

102قَالَ لَقَدْ عَلِمْتَ مَا أَنزَلَ هَٰؤُلَاءِ إِلَّا رَبُّ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ بَصَائِرَ وَإِنِّي لَأَظُنُّكَ يَا فِرْعَوْنُ مَثْبُورًا
मूसा ने कहा तुम ये ज़रुर जानते हो कि ये मौजिज़े सारे आसमान व ज़मीन के परवरदिगार ने नाज़िल किए (और वह भी लोगों की) सूझ बूझ की बातें हैं और ऐ फिरऔन मै तो ख्याल करता हूँ कि तुम पर यामत आई है
103فَأَرَادَ أَن يَسْتَفِزَّهُم مِّنَ الْأَرْضِ فَأَغْرَقْنَاهُ وَمَن مَّعَهُ جَمِيعًا
फिर फिरऔन ने ये ठान लिया कि बनी इसराईल को (सर ज़मीने) मिò से निकाल बाहर करे तो हमने फिरऔन और जो लोग उसके साथ थे सब को डुबो मारा
104وَقُلْنَا مِن بَعْدِهِ لِبَنِي إِسْرَائِيلَ اسْكُنُوا الْأَرْضَ فَإِذَا جَاءَ وَعْدُ الْآخِرَةِ جِئْنَا بِكُمْ لَفِيفًا
और उसके बाद हमने बनी इसराईल से कहा कि (अब तुम ही) इस मुल्क में (खूब आराम से) रहो सहो फिर जब आख़िरत का वायदा आ पहुँचेगा तो हम तुम सबको समेट कर ले आएँगें
105وَبِالْحَقِّ أَنزَلْنَاهُ وَبِالْحَقِّ نَزَلَ ۗ وَمَا أَرْسَلْنَاكَ إِلَّا مُبَشِّرًا وَنَذِيرًا
और (ऐ रसूल) हमने इस क़ुरान को बिल्कुल ठीक नाज़िल किया और बिल्कुल ठीक नाज़िल हुआ और तुमको तो हमने (जन्नत की) खुशखबरी देने वाला और (अज़ाब से) डराने वाला (रसूल) बनाकर भेजा है
106وَقُرْآنًا فَرَقْنَاهُ لِتَقْرَأَهُ عَلَى النَّاسِ عَلَىٰ مُكْثٍ وَنَزَّلْنَاهُ تَنزِيلًا
और क़ुरान को हमने थोड़ा थोड़ा करके इसलिए नाज़िल किया कि तुम लोगों के सामने (ज़रुरत पड़ने पर) मोहलत दे देकर उसको पढ़ दिया करो
अल-इसराकुरान सूची
111आयत
मक्कीRevelation
104आयत

अनुवाद — अल-इसरा 104

सूरा अल-इसरा आयत 104 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उसके बाद हमने बनी इसराईल से कहा कि (अब…

सूरा आयत 104/111 — अल-इसरा الإسراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-इसरा सुनें, अल-इसरा अनुवाद, अल-इसरा mp3, अल-इसरा pdf. आयत 102–106. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए