अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مِن بَعْدِهِ: उस (फ़िरऔन) के विनाश के बाद।
- اسْكُنُوا الْأَرْضَ: उस भूमि (शाम और मिस्र) में बस जाओ।
- وَعْدُ الْآخِرَةِ: आख़िरत का वादा, यानी क़यामत का दिन।
- لَفِيفًا: एकत्रित होकर, मिले-जुले हुए, सबको एक साथ।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब अल्लाह तआला ने फ़िरऔन और उसके लश्कर को समुद्र में ग़रक़ करके हमेशा के लिए ख़त्म कर दिया, तो उसके बाद उसने बनी इस्राईल को हिदायत दी कि वे उस पवित्र भूमि (शाम और मिस्र) में सुकूनत इख्तियार करें और वहाँ रहकर अल्लाह की इबादत करें। यह अल्लाह की तरफ से उनके लिए एक इनाम था कि उन्हें ज़ुल्म और ग़ुलामी से आज़ादी मिली और उन्हें एक अम्न वाली ज़मीन अता की गई।
फिर अल्लाह तआला ने उन्हें आगाह किया कि जब आख़िरत का वादा (क़यामत) आएगा, तो वह तुम सबको क़ब्रों से निकालकर हश्र के मैदान में इकट्ठा करेगा। वहाँ कोई पीछे नहीं रहेगा, न कोई छिप सकेगा। सब लोग—छोटे, बड़े, अमीर, ग़रीब—मिले-जुले हुए (लफ़ीफ़न) हाज़िर होंगे और अपने आमाल का हिसाब देंगे। यह अल्लाह की क़ुदरत की निशानी है कि वह हर चीज़ पर क़ादिर है और उसका वादा सच्चा है।
यह आयत हमें सिखाती है कि दुनिया की ज़िंदगी चाहे जितनी लंबी क्यों न हो, आख़िरकार एक दिन सबको अल्लाह के सामने पेश होना है। इसलिए हमें चाहिए कि इस दुनिया में अल्लाह की इताअत करें, उसके हुक्मों पर अमल करें और उस दिन के लिए तैयारी करें जब सबको अपने किए का सामना करना होगा। अल्लाह का वादा बिल्कुल सच्चा है—वह ज़ालिमों को सज़ा देगा और नेक लोगों को उनके अच्छे आमाल का बदला अता करेगा। यह हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ गुज़ारें और उस दिन के लिए अच्छे आमाल का ज़ख़ीरा इकट्ठा करें।
📜 आयत 102-106 — अल-इसरा
अनुवाद — अल-इसरा 104
सूरा अल-इसरा आयत 104 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उसके बाद हमने बनी इसराईल से कहा कि (अब…सूरा आयत 104/111 — अल-इसरा الإسراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-इसरा सुनें, अल-इसरा अनुवाद, अल-इसरा mp3, अल-इसरा pdf. आयत 102–106. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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