अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- خَالِدِينَ: हमेशा रहने वाले, सदैव ठहरने वाले।
- لَا يَبْغُونَ: वे इच्छा नहीं करेंगे, न ही तलाश करेंगे।
- حِوَلًا: बदलाव, स्थानांतरण, या किसी और चीज़ में परिवर्तन।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों के बारे में बताती है जिन्हें अल्लाह तआला ने अपनी रहमत से जन्नत (स्वर्ग) में दाखिल किया है। वे लोग जन्नत में हमेशा के लिए रहेंगे—न कभी वहाँ से निकलेंगे और न ही उनके दिल में कभी यह ख़याल आएगा कि वे किसी और जगह जाना चाहें। वे जन्नत की नेमतों, सुकून, और खुशी से इस कदर मगन होंगे कि उन्हें किसी और चीज़ की तमन्ना ही नहीं होगी। वे न तो बदलाव चाहेंगे, न ही किसी दूसरे मुकाम की आरज़ू करेंगे, क्योंकि जन्नत की नेमतें और अल्लाह की रज़ा से मिलने वाला सुकून ऐसा है जिसके आगे दुनिया की हर खुशी और हर आराम बेमानी है।
यह आयत मोमिनों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी है—वह जगह जहाँ न दर्द है, न थकान, न ग़म, और न ही कोई कमी। वहाँ की हर चीज़ उनके दिल की मुराद के मुताबिक़ होगी, और अल्लाह की मेहरबानी से उन्हें ऐसी नेमतें मिलेंगी जिनका न तो किसी ने देखा है, न सुना है, और न ही किसी के ख़याल में आ सकती हैं।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला ने अपने नेक बंदों के लिए ऐसा इनाम तैयार किया है जो हमारी समझ से बाहर है। जो लोग दुनिया में अल्लाह की इबादत करते हैं, उसके हुक्मों पर चलते हैं, और अपनी ज़िंदगी को उसकी रज़ा के मुताबिक़ बनाते हैं, उनके लिए यही आख़िरी मंज़िल है—एक ऐसी जगह जहाँ से कभी जाने की इच्छा भी नहीं होगी। यह हमें बताती है कि दुनिया की चंद रोज़ की मुश्किलें और जद्दोजहद कुछ भी नहीं, अगर उसके बदले में हमें ऐसी हमेशा की ज़िंदगी मिलने वाली है। तो आओ, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ, ताकि हम भी उन लोगों में शामिल हों जिनके लिए यह आयत खुशखबरी लेकर आई है।
📜 आयत 106-110 — अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 108
सूरा अल-कहफ आयत 108 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वहाँ से हिलने की भी ख्वाहिश न करेंगेसूरा आयत 108/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 106–110. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








