अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- لَبِثُوا – वे ठहरे रहे (निवास किया)
- كَهْفِهِمْ – अपनी गुफा में
- ثَلَاثَ مِائَةٍ سِنِينَ – तीन सौ वर्ष
- وَازْدَادُوا تِسْعًا – और नौ (वर्ष) और बढ़ गए (अर्थात् कुल तीन सौ नौ वर्ष)
तफ़सीर:
अल्लाह तआला इस आयत में हमें अहले-कहफ (गुफा वालों) के चमत्कारी वृत्तांत से अवगत करा रहे हैं। ये नौजवान ईमानवाले थे जो अपने दीन की हिफ़ाज़त के लिए एक गुफा में छिप गए थे। अल्लाह ने उन्हें गहरी नींद सुला दिया और वे उसी गुफा में तीन सौ नौ (309) वर्षों तक नींद की हालत में जीवित रहे। यह अल्लाह की क़ुदरत का एक अज़ीम नमूना है कि वे न तो मरे और न ही उनके शरीर ख़राब हुए, बल्कि इतनी लंबी अवधि तक सोते रहे।
यहाँ अल्लाह ने पहले तीन सौ वर्ष का ज़िक्र किया, फिर नौ वर्ष अलग से बताए। इसका एक हिकमत यह भी हो सकती है कि चंद्र वर्ष (हिजरी) के हिसाब से वे तीन सौ नौ वर्ष रहे, जबकि शम्सी (सौर) वर्ष के हिसाब से तीन सौ वर्ष। यह अल्लाह की बारीकी और सटीक जानकारी को दर्शाता है, ताकि इंसान अल्लाह के इल्म की कमालियत को समझे।
दावती पहलू:
यह क़िस्सा हमारे लिए सबक है कि जब इंसान अल्लाह पर भरोसा करके अपने ईमान की हिफ़ाज़त करता है, तो अल्लाह उसे हर मुश्किल से निकालने का रास्ता निकालता है। ये नौजवान अकेले थे, मगर अल्लाह ने उन्हें सदियों तक महफ़ूज़ रखा। आज भी अगर हम अपने दीन पर साबित-क़दम रहें, तो अल्लाह हमारी हिफ़ाज़त करेगा। यह आयत हमें यक़ीन दिलाती है कि अल्लाह की क़ुदरत की कोई हद नहीं, और उसका वादा सच्चा है। जो लोग अल्लाह की राह में अपनी जान, माल और आराम कुर्बान करते हैं, अल्लाह उन्हें दुनिया और आख़िरत में बेहतरीन बदला देता है। हमें चाहिए कि इस क़िस्से से सबक लेकर अपने ईमान को मज़बूत करें और अल्लाह पर पूरा भरोसा रखें।
📜 आयत 23-27 — अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 25
सूरा अल-कहफ आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और असहाब कहफ अपने ग़ार में नौ ऊपर तीन सौ…सूरा आयत 25/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 23–27. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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