Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
मूसा (अलैहिस्सलाम) ने उस बन्दे (ख़िज़र) से अत्यन्त विनम्रता और नरमी के साथ कहा: "क्या मैं आपके साथ रह सकता हूँ, इस शर्त पर कि आप मुझे उस ज्ञान में से कुछ सिखाएँ जो अल्लाह ने आपको प्रदान किया है, जो मेरे लिए मार्गदर्शन और भलाई का साधन बने?"
शब्दों के अर्थ:
- أَتَّبِعُكَ — मैं आपका अनुसरण करूँ, आपके साथ चलूँ।
- مِمَّا عُلِّمْتَ — उसमें से जो आपको सिखाया गया है (अल्लाह की ओर से विशेष ज्ञान)।
- رُشْدًا — ऐसा ज्ञान जो सत्य और सही मार्ग की ओर मार्गदर्शन करे, हिदायत और भलाई वाला ज्ञान।
व्याख्या:
यह वह अद्भुत दृश्य है जब अल्लाह के पैग़म्बर मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अल्लाह के एक विशेष बन्दे (ख़िज़र) से मुलाक़ात की। मूसा (अलैहिस्सलाम) ने उन्हें सलाम किया और पूरे अदब के साथ यह अनुरोध किया कि क्या वे उन्हें अपने साथ रहने की अनुमति देंगे, ताकि वे उस ज्ञान में से कुछ सीख सकें जो अल्लाह ने उन्हें विशेष रूप से प्रदान किया है — एक ऐसा ज्ञान जो उन्हें सत्य की ओर मार्गदर्शन करे और जीवन में सही निर्णय लेने में सहायता करे।
यह आयत हमें सीख देती है कि ज्ञान प्राप्त करने के लिए विनम्रता आवश्यक है। मूसा जैसे महान पैग़म्बर ने भी सीखने के लिए अपने से छोटे या कम प्रसिद्ध व्यक्ति के सामने नम्रता दिखाई। यह हमें बताता है कि इल्म (ज्ञान) की तलाश में इंसान को कभी घमंड नहीं करना चाहिए, चाहे वह कितना भी बड़ा ज्ञानी क्यों न हो। अल्लाह ने ज्ञान को कई लोगों में बाँट रखा है, और हर इंसान के पास कुछ न कुछ विशेष ज्ञान हो सकता है जो हमसे सीखा जा सकता है।
इस आयत से हमें यह भी पता चलता है कि सच्चा ज्ञान वही है जो इंसान को अल्लाह के करीब ले जाए और उसके जीवन को सही दिशा दे। मूसा (अलैहिस्सलाम) ने "रुश्द" (मार्गदर्शन वाला ज्ञान) माँगा — यानी ऐसा ज्ञान जो केवल जानकारी न हो, बल्कि अमल में लाने योग्य हो और दिल को रोशन करे। यह हमारे लिए भी एक महत्वपूर्ण सबक है कि हम जो ज्ञान प्राप्त करें, वह हमें अच्छाई की ओर ले जाए और हमारे दिलों को अल्लाह की याद से जोड़े।
📜 आयत 64-68 — सूरा अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 66
सूरा अल-कहफ आयत 66 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने उसे इल्म लदुन्नी (अपने ख़ास इल्म) में से…सूरा आयत 66/110 — सूरा अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-कहफ सुनें, सूरा अल-कहफ अनुवाद, सूरा अल-कहफ mp3, सूरा अल-कहफ pdf. आयत 64–68. हिंदी अर्थ: اردو.
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Thursday, October 1, 2026
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