अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- बर्रन (برا): नेक, आज्ञाकारी, भलाई करने वाला
- जब्बारन (جبّارا): अत्याचारी, घमंडी, सिर ऊँचा करने वाला
- असिय्यन (عصيّا): आज्ञा का उल्लंघन करने वाला, नाफ़रमान
तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने हज़रत यहया अलैहिस्सलाम की तारीफ़ में बताया कि वे अपने माँ-बाप के लिए बड़े नेक और आज्ञाकारी थे। वे उनके साथ नर्मी, मुहब्बत और शफ़क़त से पेश आते थे, उनकी ख़िदमत करते थे और उनके हुक्म को अपने सिर की आँखों पर रखते थे। वे कभी उनसे बदसलूकी नहीं करते थे, न ही उन्हें तकलीफ़ पहुँचाते थे।
साथ ही अल्लाह ने यह भी बताया कि हज़रत यहया अलैहिस्सलाम न तो जब्बार (अत्याचारी और घमंडी) थे और न ही असी (नाफ़रमान)। यानी वे न तो अल्लाह की नाफ़रमानी करते थे और न ही अपने माँ-बाप की। वे नम्र, विनम्र, दयालु और अल्लाह के फरमाँबरदार बंदे थे।
यह आयत हमें सिखाती है कि नेकी का असली रूप यह है कि इंसान अपने रब की इबादत करे और अपने माँ-बाप के साथ भलाई करे। जो इंसान माँ-बाप की नाफ़रमानी करता है या उनके साथ बुरा सलूक करता है, वह अल्लाह की नज़र में बड़ा गुनाहगार है। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया कि अल्लाह की रज़ा माँ-बाप की रज़ा में है, और अल्लाह की नाराज़गी माँ-बाप की नाराज़गी में है।
हज़रत यहया अलैहिस्सलाम की यह सीरत हमारे लिए एक बेहतरीन नमूना है। आज के दौर में जब बहुत से लोग अपने माँ-बाप को बूढ़ापे में अकेला छोड़ देते हैं या उनकी बेइज़्ज़ती करते हैं, यह आयत हमें याद दिलाती है कि माँ-बाप की ख़िदमत और उनके साथ नेकी करना अल्लाह की इबादत के बाद सबसे अफ़ज़ल अमल है। अल्लाह हम सबको हज़रत यहया अलैहिस्सलाम की सीरत पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 12-16 — मरियम
अनुवाद — मरियम 14
सूरा मरियम आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वह (ख़ुद भी) परहेज़गार और अपने माँ बाप के…सूरा आयत 14/98 — मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मरियम सुनें, मरियम अनुवाद, मरियम mp3, मरियम pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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