मरियम · 14/98
अनुवाद उच्चारण — मरियम
وَبَرًّا بِوَالِدَيْهِ وَلَمْ يَكُن جَبَّارًا عَصِيًّا ۝١٤
Wa barram biwaalidayhi wa lam yakum jabbaaran `asiyyaa
📖 हिंदी अर्थ
और वह (ख़ुद भी) परहेज़गार और अपने माँ बाप के हक़ में सआदतमन्द थे और सरकश नाफरमान न थे
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • बर्रन (برا): नेक, आज्ञाकारी, भलाई करने वाला
  • जब्बारन (جبّارا): अत्याचारी, घमंडी, सिर ऊँचा करने वाला
  • असिय्यन (عصيّا): आज्ञा का उल्लंघन करने वाला, नाफ़रमान

तफ़सीर:

अल्लाह तआला ने हज़रत यहया अलैहिस्सलाम की तारीफ़ में बताया कि वे अपने माँ-बाप के लिए बड़े नेक और आज्ञाकारी थे। वे उनके साथ नर्मी, मुहब्बत और शफ़क़त से पेश आते थे, उनकी ख़िदमत करते थे और उनके हुक्म को अपने सिर की आँखों पर रखते थे। वे कभी उनसे बदसलूकी नहीं करते थे, न ही उन्हें तकलीफ़ पहुँचाते थे।

साथ ही अल्लाह ने यह भी बताया कि हज़रत यहया अलैहिस्सलाम न तो जब्बार (अत्याचारी और घमंडी) थे और न ही असी (नाफ़रमान)। यानी वे न तो अल्लाह की नाफ़रमानी करते थे और न ही अपने माँ-बाप की। वे नम्र, विनम्र, दयालु और अल्लाह के फरमाँबरदार बंदे थे।

यह आयत हमें सिखाती है कि नेकी का असली रूप यह है कि इंसान अपने रब की इबादत करे और अपने माँ-बाप के साथ भलाई करे। जो इंसान माँ-बाप की नाफ़रमानी करता है या उनके साथ बुरा सलूक करता है, वह अल्लाह की नज़र में बड़ा गुनाहगार है। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया कि अल्लाह की रज़ा माँ-बाप की रज़ा में है, और अल्लाह की नाराज़गी माँ-बाप की नाराज़गी में है।

हज़रत यहया अलैहिस्सलाम की यह सीरत हमारे लिए एक बेहतरीन नमूना है। आज के दौर में जब बहुत से लोग अपने माँ-बाप को बूढ़ापे में अकेला छोड़ देते हैं या उनकी बेइज़्ज़ती करते हैं, यह आयत हमें याद दिलाती है कि माँ-बाप की ख़िदमत और उनके साथ नेकी करना अल्लाह की इबादत के बाद सबसे अफ़ज़ल अमल है। अल्लाह हम सबको हज़रत यहया अलैहिस्सलाम की सीरत पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 12-16 — मरियम

12يَا يَحْيَىٰ خُذِ الْكِتَابَ بِقُوَّةٍ ۖ وَآتَيْنَاهُ الْحُكْمَ صَبِيًّا
(ग़रज़ यहया पैदा हुए और हमने उनसे कहा) ऐ यहया किताब (तौरेत) मज़बूती के साथ लो
13وَحَنَانًا مِّن لَّدُنَّا وَزَكَاةً ۖ وَكَانَ تَقِيًّا
और हमने उन्हें बचपन ही में अपनी बारगाह से नुबूवत और रहमदिली और पाक़ीज़गी अता फरमाई
14وَبَرًّا بِوَالِدَيْهِ وَلَمْ يَكُن جَبَّارًا عَصِيًّا
और वह (ख़ुद भी) परहेज़गार और अपने माँ बाप के हक़ में सआदतमन्द थे और सरकश नाफरमान न थे
15وَسَلَامٌ عَلَيْهِ يَوْمَ وُلِدَ وَيَوْمَ يَمُوتُ وَيَوْمَ يُبْعَثُ حَيًّا
और (हमारी तरफ से) उन पर (बराबर) सलाम है जिस दिन पैदा हुए और जिस दिन मरेंगे और जिस दिन (दोबारा) ज़िन्दा उठा खड़े किए जाएँगे
16وَاذْكُرْ فِي الْكِتَابِ مَرْيَمَ إِذِ انتَبَذَتْ مِنْ أَهْلِهَا مَكَانًا شَرْقِيًّا
और (ऐ रसूल) कुरान में मरियम का भी तज़किरा करो कि जब वह अपने लोगों से अलग होकर पूरब की तरफ़ वाले मकान में (गुस्ल के वास्ते) जा बैठें
मरियमकुरान सूची
98आयत
मक्कीRevelation
14आयत

अनुवाद — मरियम 14

सूरा मरियम आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वह (ख़ुद भी) परहेज़गार और अपने माँ बाप के…

सूरा आयत 14/98 — मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मरियम सुनें, मरियम अनुवाद, मरियम mp3, मरियम pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए