Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- बَرًّا: अपनी माँ के प्रति अत्यंत दयालु, आज्ञाकारी और भलाई करने वाला।
- جَبَّارًا: अत्याचारी, घमंडी, जो लोगों पर ज़ुल्म करे और सत्य को न माने।
- شَقِيًّا: अभागा, दुखी, जो अपने रब की आज्ञा का उल्लंघन करे और गुनाहों में डूबा रहे।
तफ़सीर (व्याख्या):
हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) अपनी पैदाइश के समय से ही अल्लाह की क़ुदरत का एक अज़ीम निशान थे। जब उन्होंने पालने में बोलना शुरू किया, तो अल्लाह ने उन्हें यह घोषणा करने की तौफ़ीक़ दी कि वह अल्लाह के नेक बंदे हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने यह भी बताया कि अल्लाह ने उन्हें अपनी माँ के प्रति अत्यंत दयालु और आज्ञाकारी बनाया है। उनकी माँ मरियम (अलैहिस्सलाम) ने उन्हें अकेले पाला, और उन्होंने अपनी माँ का पूरा सम्मान किया, उनकी सेवा की और उनके साथ नर्मी और मुहब्बत से पेश आए।
इसके साथ ही, अल्लाह ने उन्हें "जब्बार" (अत्याचारी, घमंडी) और "शक़ी" (अभागा, नाफ़रमान) नहीं बनाया। यानी वह न तो लोगों पर ज़ुल्म करने वाले थे, न ही अल्लाह की इबादत से मुँह मोड़ने वाले। वह हमेशा अल्लाह के आज्ञाकारी, नम्र और सच्चे बंदे रहे। यह उनकी महान शख्सियत का एक और गुण था कि उन्होंने अपनी माँ के साथ भलाई और अल्लाह की इबादत को एक साथ निभाया।
इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि एक सच्चा इंसान वही है जो अपने माता-पिता के साथ भलाई करे, उनके साथ नर्मी और मुहब्बत से पेश आए, और साथ ही अल्लाह की आज्ञा का पालन करे। घमंड, अत्याचार और नाफ़रमानी इंसान को अभागा बना देती है, जबकि नम्रता, आज्ञाकारिता और माता-पिता की सेवा इंसान को अल्लाह के करीब लाती है। हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) की यह सीख हम सबके लिए एक रोशनी है कि हम अपने माता-पिता का सम्मान करें और अल्लाह की राह पर चलें, ताकि हम दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब हों।
📜 आयत 30-34 — सूरा मरियम
अनुवाद — मरियम 32
सूरा मरियम आयत 32 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (अलहमदोलिल्लाह कि) मुझको सरकश नाफरमान नहीं बनायासूरा आयत 32/98 — सूरा मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा मरियम सुनें, सूरा मरियम अनुवाद, सूरा मरियम mp3, सूरा मरियम pdf. आयत 30–34. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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