मरियम · 41/98
अनुवाद उच्चारण — सूरा मरियम
وَاذْكُرْ فِي الْكِتَابِ إِبْرَاهِيمَ ۚ إِنَّهُ كَانَ صِدِّيقًا نَّبِيًّا ۝٤١
Wazkur fil Kitaabi Ibraaheem; innahoo kaana siddeeqan Nabiyyaa
📖 हिंदी अर्थ
(और सब नेस्त व नाबूद हो जाएँगे) और सब के सब हमारी तरफ़ लौटाए जाएँगे और (ऐ रसूल) क़ुरान में इबराहीम का (भी) तज़किरा करो

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • صِدِّيقًا (सिद्दीक़न): अत्यधिक सत्यवादी, जो हर बात में सच्चा हो और अल्लाह की हर बात की पुष्टि करने वाला हो।
  • نَّبِيًّا (नबिय्यन): अल्लाह का नबी, जिसे अल्लाह ने अपनी ओर से मार्गदर्शन और संदेश देने के लिए चुना हो।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! तुम इस क़ुरआन में इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) का ज़िक्र करो, क्योंकि उनका क़िस्सा ईमान, सच्चाई और अल्लाह पर भरोसे की बेहतरीन मिसाल है। इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) अत्यधिक सत्यवादी थे—उन्होंने न केवल अपनी ज़बान से सच बोला, बल्कि अपने पूरे जीवन को सच्चाई पर ढाल दिया। वे अल्लाह की हर आयत, हर फ़रमान और हर वादे की दिल से तस्दीक़ करते थे। साथ ही, वे अल्लाह के नबी थे, यानी अल्लाह ने उन्हें अपने बंदों की हिदायत के लिए चुना और उन्हें ऊँचा मर्तबा अता किया।

यह ज़िक्र सिर्फ़ एक कहानी नहीं है, बल्कि हर उस इंसान के लिए सबक़ है जो सच्चाई और ईमान की राह पर चलना चाहता है। इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) ने अकेले दुनिया की तमाम बुराइयों और झूठ के सामने सच्चाई का झंडा बुलंद किया। उन्होंने बुतों को तोड़ा, झूठे देवताओं को चुनौती दी और अल्लाह की वहदानियत (एकता) का एलान किया। उनकी सच्चाई और नबुव्वत का यह मुकाम उन्हें उन सबसे अलग करता है जो सिर्फ़ दिखावे के लिए अच्छे बनते हैं।

इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि सच्चाई (सिद्क़) और नबुव्वत की राह ही सबसे ऊँची राह है। अगर हम इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) की तरह अपनी ज़िंदगी में सच्चाई को अपना लें—अल्लाह के साथ, लोगों के साथ और खुद के साथ—तो अल्लाह हमें भी अपनी मोहब्बत और हिदायत से नवाज़ेगा। यह ज़िक्र हमें यह भी बताता है कि अल्लाह अपने सच्चे बंदों को कभी अकेला नहीं छोड़ता, चाहे दुनिया उनके खिलाफ़ ही क्यों न हो। इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) को आग में डाला गया, लेकिन अल्लाह ने उन्हें ठंडा और सलामती बना दिया—यही है उन लोगों का अंजाम जो अल्लाह पर भरोसा करते हैं।

इसलिए, ऐ ईमान वालों! इस क़िस्से से सबक़ लो और अपनी ज़िंदगी में सच्चाई को अपनाओ। अल्लाह की राह में किसी भी मुश्किल से घबराओ मत, क्योंकि अल्लाह उन्हीं के साथ होता है जो सच्चे और साबित क़दम होते हैं। इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) की सच्चाई ने उन्हें "ख़लीलुल्लाह" (अल्लाह का दोस्त) का मर्तबा दिलाया—और यही मर्तबा हर उस इंसान के लिए मुमकिन है जो अल्लाह की राह में सच्चाई और सब्र के साथ जुड़ जाए।



📜 आयत 39-43 — सूरा मरियम

39وَأَنذِرْهُمْ يَوْمَ الْحَسْرَةِ إِذْ قُضِيَ الْأَمْرُ وَهُمْ فِي غَفْلَةٍ وَهُمْ لَا يُؤْمِنُونَ
और (ऐ रसूल) तुम उनको हसरत (अफ़सोस) के दिन से डराओ जब क़तई फैसला कर दिया जाएगा और (इस वक्त तो) ये लोग ग़फलत में (पड़े हैं)
40إِنَّا نَحْنُ نَرِثُ الْأَرْضَ وَمَنْ عَلَيْهَا وَإِلَيْنَا يُرْجَعُونَ
और ईमान नहीं लाते इसमें शक नहीं कि (एक दिन) ज़मीन के और जो कुछ उस पर है (उसके) हम ही वारिस होंगे
41وَاذْكُرْ فِي الْكِتَابِ إِبْرَاهِيمَ ۚ إِنَّهُ كَانَ صِدِّيقًا نَّبِيًّا
(और सब नेस्त व नाबूद हो जाएँगे) और सब के सब हमारी तरफ़ लौटाए जाएँगे और (ऐ रसूल) क़ुरान में इबराहीम का (भी) तज़किरा करो
42إِذْ قَالَ لِأَبِيهِ يَا أَبَتِ لِمَ تَعْبُدُ مَا لَا يَسْمَعُ وَلَا يُبْصِرُ وَلَا يُغْنِي عَنكَ شَيْئًا
इसमें शक नहीं कि वह बड़े सच्चे नबी थे जब उन्होंने अपने चचा और मुँह बोले बाप से कहा कि ऐ अब्बा आप क्यों, ऐसी चीज़ (बुत) की परसतिश करते हैं जो ने सुन सकता है और न देख सकता है
43يَا أَبَتِ إِنِّي قَدْ جَاءَنِي مِنَ الْعِلْمِ مَا لَمْ يَأْتِكَ فَاتَّبِعْنِي أَهْدِكَ صِرَاطًا سَوِيًّا
और न कुछ आपके काम ही आ सकता है ऐ मेरे अब्बा यक़ीनन मेरे पास वह इल्म आ चुका है जो आपके पास नहीं आया तो आप मेरी पैरवी कीजिए मैं आपको (दीन की) सीधी राह दिखा दूँगा
मरियमकुरान सूची
98आयत
मक्कीअवतरण स्थान
41आयत

अनुवाद — मरियम 41

सूरा मरियम आयत 41 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (और सब नेस्त व नाबूद हो जाएँगे) और सब के…

सूरा आयत 41/98 — सूरा मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा मरियम सुनें, सूरा मरियम अनुवाद, सूरा मरियम mp3, सूरा मरियम pdf. आयत 39–43. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Thursday, October 1, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए