Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- خَرُّوا: गिर पड़े, सजदे में झुक गए।
- بُكِيًّا: रोते हुए (यह 'بُكَاء' का बहुवचन है, जिसका अर्थ है अत्यधिक रोना)।
- اجْتَبَيْنَا: हमने चुन लिया, विशेष रूप से अपनी ओर से चुन लिया।
तफसीर:
ये वे महान नबी हैं जिनका ज़िक्र इस सूरह में ज़करिया (अलैहिस्सलाम) से लेकर इदरीस (अलैहिस्सलाम) तक किया गया है। अल्लाह तआला ने उन पर अपनी विशेष कृपा और रहमत की, उन्हें नबुव्वत का शरफ़ अता किया। ये सभी नबी उन चुनी हुई नस्लों से ताल्लुक़ रखते हैं जिन्हें अल्लाह ने अपनी रहमत से नवाज़ा — कुछ आदम (अलैहिस्सलाम) की औलाद से हैं, कुछ उन लोगों की नस्ल से हैं जिन्हें नूह (अलैहिस्सलाम) के साथ कश्ती में सवार किया गया था, कुछ इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) की औलाद से हैं, और कुछ याक़ूब (अलैहिस्सलाम) जिन्हें 'इसराईल' कहा जाता है, की नस्ल से हैं। इसके अलावा, अल्लाह ने उन्हें हिदायत दी और अपनी ख़िदमत के लिए चुन लिया।
इन नबियों की सबसे खूबसूरत सिफ़त यह थी कि जब उनके सामने अल्लाह की आयतें पढ़ी जातीं — जिनमें अल्लाह की वहदानियत, उसकी कुदरत और उसके अहकाम का बयान होता — तो वे तुरंत सजदे में गिर पड़ते और अल्लाह के खौफ़ से रोते हुए उसकी इबादत करते। यह उनका अंदाज़ था — न सिर्फ़ ज़ुबान से, बल्कि पूरे जिस्म और दिल से अल्लाह के आगे झुक जाना। उनका रोना अल्लाह की अज़मत के एहसास से था, न कि किसी दुनियावी ग़म से। यही उनकी नबुव्वत की निशानी थी कि वे अल्लाह की आयतों से बेहद मुतास्सिर होते थे।
दावती पहलू:
इस आयत में हमारे लिए बहुत बड़ा सबक़ है। अल्लाह के प्यारे नबी जब अपने रब की आयतें सुनते थे तो सजदे में गिर जाते थे और रोते थे। हमें भी चाहिए कि जब हम क़ुरआन की आयतें सुनें या पढ़ें, तो हमारे दिल नरम हों, हमारी आँखों से आँसू निकलें और हम अल्लाह के आगे झुकें। यही इमान की निशानी है। अल्लाह उन लोगों से मुहब्बत करता है जो उसकी आयतों के सामने अपने आपको पूरी तरह सरेंडर कर देते हैं। हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी में क़ुरआन को पढ़ने और समझने का एहतिमाम करें, ताकि हमारे दिल भी उसी तरह नरम हों और हम अल्लाह के क़रीब हो सकें। याद रखें, जो लोग अल्लाह की आयतों से मुतास्सिर होते हैं, अल्लाह उन्हें अपनी रहमत के साये में जगह देता है।
📜 आयत 56-60 — सूरा मरियम
अनुवाद — मरियम 58
सूरा मरियम आयत 58 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये अम्बिया लोग जिन्हें खुदा ने अपनी नेअमत दी आदमी…सूरा आयत 58/98 — सूरा मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा मरियम सुनें, सूरा मरियम अनुवाद, सूरा मरियम mp3, सूरा मरियम pdf. आयत 56–60. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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