Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- رَفَعْنَاهُ (रफ़ा'नाहु): हमने उसे ऊँचा किया
- مَكَانًا عَلِيًّا (मकानन अलिय्यन): बुलंद मकाम (ऊँचा स्थान)
तफ़सीर (व्याख्या):
इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला अपने नबी हज़रत इदरीस (अलैहिस्सलाम) का ज़िक्र कर रहे हैं, जिन्हें कुरआन में "सिद्दीक़" और "नबी" कहा गया है। अल्लाह ने उन्हें बुलंद मकाम अता किया—यानी उनका ज़िक्र दुनिया भर में ऊँचा किया, उनकी नबुव्वत का दर्जा बुलंद किया, और उन्हें अपने करीबियों में शामिल किया। कुछ मुफ़स्सिरीन के अनुसार, उन्हें जन्नत में ऊँचे मुकाम पर रखा गया, और कुछ के अनुसार उन्हें चौथे आसमान पर उठाया गया।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह अपने नेक बंदों की इज़्ज़त किस तरह बढ़ाता है। हज़रत इदरीस (अलैहिस्सलाम) ने अपनी ज़िंदगी में सच्चाई, इस्तिक़ामत और अल्लाह की इबादत का ऐसा नमूना पेश किया कि अल्लाह ने उन्हें दुनिया और आख़िरत दोनों में बुलंदी अता की।
प्यारे भाइयों और बहनों! याद रखिए, अल्लाह के यहाँ असली बुलंदी पैसों या ओहदों से नहीं, बल्कि तक़वा और नेक अमल से मिलती है। जो बंदा अल्लाह की राह में अपने आपको पेश करता है, अल्लाह उसके ज़िक्र को ज़मीन से आसमान तक बुलंद कर देता है। आइए, हम भी हज़रत इदरीस (अलैहिस्सलाम) की सीख पर अमल करें—सच बोलें, नेकी करें, और अल्लाह से जुड़े रहें, ताकि हमारा भी मकाम उन लोगों में हो जिन्हें अल्लाह ने बुलंदी अता की। यही असली कामयाबी है, और यही वह रास्ता है जो हमें जन्नत के ऊँचे दर्जों तक पहुँचाता है।
📜 आयत 55-59 — सूरा मरियम
अनुवाद — मरियम 57
सूरा मरियम आयत 57 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने उनको बहुत ऊँची जगह (बेहिश्त में) बुलन्द कर…सूरा आयत 57/98 — सूरा मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा मरियम सुनें, सूरा मरियम अनुवाद, सूरा मरियम mp3, सूरा मरियम pdf. आयत 55–59. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


