अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَلُوفٌ: हज़ारों की संख्या में, अत्यधिक बड़ी जमात।
- حَذَرَ الْمَوْتِ: मृत्यु के डर से।
- فَقَالَ لَهُمُ اللَّهُ مُوتُوا: अल्लाह ने उन्हें मरने का आदेश दिया, और वे मर गए।
- ثُمَّ أَحْيَاهُمْ: फिर अल्लाह ने उन्हें दोबारा जीवित किया।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! क्या तुमने उन लोगों के हाल पर ग़ौर नहीं किया जो मौत के डर से अपने घरों से निकल खड़े हुए थे? वे हज़ारों की तादाद में थे—इतनी बड़ी जमात कि उनकी गिनती अल्लाह के सिवा कोई नहीं जानता। वे किसी वबा (महामारी) या जंग के ख़ौफ़ से अपनी जान बचाने के लिए अपने वतन छोड़कर भाग निकले। उन्होंने समझा कि इस तरह वे मौत से बच जाएँगे, लेकिन वे भूल गए कि मौत और ज़िंदगी का मालिक सिर्फ़ अल्लाह है। अल्लाह ने उन्हें आदेश दिया: "मर जाओ!" और वे उसी वक़्त मर गए—एक साथ, मानो उनकी जानें एक ही पल में निकल गईं। यह उनकी नादानी की सज़ा थी कि उन्होंने अल्लाह के फ़ैसले से भागने की कोशिश की।
फिर अल्लाह ने अपनी क़ुदरत से उन्हें दोबारा ज़िंदा किया, ताकि वे अपनी ग़लती पर पछताएँ, सबक़ सीखें और जान लें कि अल्लाह की मर्ज़ी के बिना न तो कोई मरता है और न जीता है। यह घटना बनी इसराईल के एक गिरोह की है, और अल्लाह ने इसे इसलिए बयान किया ताकि लोग समझें कि उसकी क़ुदरत के आगे सारी तदबीरें बेकार हैं।
अल्लाह लोगों पर बहुत बड़ा फज़ल (कृपा) करने वाला है—उसने उन्हें यह ज़िंदगी दी, उन्हें मौत के बाद दोबारा उठाया, और उन्हें तौबा का मौक़ा दिया। लेकिन अफ़सोस! अधिकतर लोग इस एहसान का शुक्र अदा नहीं करते। वे अल्लाह की नेमतों को भूल जाते हैं और अपनी ज़िंदगी में उसकी तरफ़ ध्यान नहीं देते।
यह क़िस्सा हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है—हमें चाहिए कि अल्लाह के फ़ैसलों पर भरोसा रखें, उसकी रहमत से कभी मायूस न हों, और हर हाल में उसका शुक्र अदा करें। क्योंकि जो शख्स अल्लाह के सामने झुक जाता है, अल्लाह उसे अपनी पनाह में ले लेता है और उसके लिए हर मुश्किल में राह निकालता है। याद रखिए! मौत से भागना नामुमकिन है, लेकिन अल्लाह की रहमत से जुड़ा हुआ इंसान हर हाल में कामयाब है।
📜 आयत 241-245 — अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 243
सूरा अल-बकरा आयत 243 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ताकि तुम समझो (ऐ रसूल) क्या तुम ने उन लोगों…सूरा आयत 243/286 — अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बकरा सुनें, अल-बकरा अनुवाद, अल-बकरा mp3, अल-बकरा pdf. आयत 241–245. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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