अल-बकरा · 70/286
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-बकरा
قَالُوا ادْعُ لَنَا رَبَّكَ يُبَيِّن لَّنَا مَا هِيَ إِنَّ الْبَقَرَ تَشَابَهَ عَلَيْنَا وَإِنَّا إِن شَاءَ اللَّهُ لَمُهْتَدُونَ ۝٧٠
Qaalud-`u lanaa rabbaka yubaiyil lanaa maa hiya innal baqara tashaabaha `alainaa wa innaaa in shaaa`al laahu lamuhtadoon
📖 हिंदी अर्थ
तब कहने लगे कि तुम अपने खुदा से दुआ करो कि हमें ज़रा ये तो बता दे कि वह (गाय) और कैसी हो (वह) गाय तो और गायों में मिल जुल गई और खुदा ने चाहा तो हम ज़रूर (उसका) पता लगा लेगे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • تَشَابَهَ عَلَيْنَا: हम पर संदेह हुआ, अर्थात यह बात हमारे लिए अस्पष्ट और संदिग्ध हो गई।
  • لَمُهْتَدُونَ: हम निश्चित रूप से मार्गदर्शन पाने वाले होंगे, अर्थात हम सही गाय तक पहुँच जाएँगे।

तफसीर (व्याख्या):

बनी इसराइल ने मूसा (अलैहिस्सलाम) से कहा: "आप अपने रब से हमारे लिए दुआ कीजिए कि वह हमें स्पष्ट कर दे कि वह गाय वास्तव में कैसी हो — क्या वह जुताई करने वाली (खेत जोतने वाली) है या सिंचाई करने वाली (खेतों को पानी देने वाली) है? क्या वह काम करने वाली है या आराम करने वाली है?" उन्होंने यह इसलिए कहा क्योंकि पहले बताए गए गुणों (जैसे बूढ़ी न हो, छोटी न हो, बीच की उम्र की हो, पीली और चमकीली हो) के आधार पर बहुत सी गायें मिलती थीं, और उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि किसे चुनें। उन्होंने यह भी कहा: "और हम, यदि अल्लाह ने चाहा, तो निश्चित रूप से सही गाय तक पहुँच जाएँगे और उसे ढूँढ लेंगे।" यह कहकर उन्होंने अपनी ओर से दृढ़ संकल्प और अल्लाह पर भरोसा जताया, हालाँकि उनका यह बार-बार सवाल करना वास्तव में हठधर्मिता और कठोरता थी, क्योंकि अल्लाह ने पहले ही स्पष्ट आदेश दे दिया था।

फ़ायदे (सीख):

  1. अल्लाह से दुआ करते समय विनम्रता और अच्छे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए, जैसा कि बनी इसराइल ने "अपने रब से" कहकर अदब किया।
  2. किसी भी कार्य में "इंशा अल्लाह" कहना सुन्नत है, क्योंकि यह अल्लाह की इच्छा पर निर्भरता और भविष्य के लिए अच्छी उम्मीद का प्रतीक है।
  3. अल्लाह के आदेशों में देरी और बार-बार सवाल करना मुश्किलें पैदा कर सकता है; इसलिए बेहतर है कि जो आदेश मिले, उसे तुरंत और बिना हिचकिचाहट के पूरा किया जाए।
  4. अल्लाह अपने बंदों पर बहुत दयालु है — वह उनकी जिज्ञासा और कमज़ोरी के बावजूद उन्हें मार्गदर्शन देता है और उनकी मदद करता है, बशर्ते वे सच्चे दिल से उसकी ओर रुजू करें।
  5. इस क़िस्से से यह सबक मिलता है कि अल्लाह के हुक्म को सरलता से स्वीकार करना चाहिए; अत्यधिक पूछताछ और उलझनें पैदा करना इंसान के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है, जैसा कि इस घटना में हुआ।


📜 आयत 68-72 — सूरा अल-बकरा

68قَالُوا ادْعُ لَنَا رَبَّكَ يُبَيِّن لَّنَا مَا هِيَ ۚ قَالَ إِنَّهُ يَقُولُ إِنَّهَا بَقَرَةٌ لَّا فَارِضٌ وَلَا بِكْرٌ عَوَانٌ بَيْنَ ذَٰلِكَ ۖ فَافْعَلُوا مَا تُؤْمَرُونَ
(तब वह लोग कहने लगे कि (अच्छा) तुम अपने खुदा से दुआ करो कि हमें बता दे कि वह गाय कैसी हो मूसा ने कहा बेशक खुदा ने फरमाता है कि वह गाय न तो बहुत बूढ़ी हो और न बछिया बल्कि उनमें से औसत दरजे की हो, ग़रज़ जो तुमको हुक्म दिया गया उसको बजा लाओ
69قَالُوا ادْعُ لَنَا رَبَّكَ يُبَيِّن لَّنَا مَا لَوْنُهَا ۚ قَالَ إِنَّهُ يَقُولُ إِنَّهَا بَقَرَةٌ صَفْرَاءُ فَاقِعٌ لَّوْنُهَا تَسُرُّ النَّاظِرِينَ
वह कहने लगे (वाह) तुम अपने खुदा से दुआ करो कि हमें ये बता दे कि उसका रंग आख़िर क्या हो मूसा ने कहा बेशक खुदा फरमाता है कि वह गाय खूब गहरे ज़र्द रंग की हो देखने वाले उसे देखकर खुश हो जाए
70قَالُوا ادْعُ لَنَا رَبَّكَ يُبَيِّن لَّنَا مَا هِيَ إِنَّ الْبَقَرَ تَشَابَهَ عَلَيْنَا وَإِنَّا إِن شَاءَ اللَّهُ لَمُهْتَدُونَ
तब कहने लगे कि तुम अपने खुदा से दुआ करो कि हमें ज़रा ये तो बता दे कि वह (गाय) और कैसी हो (वह) गाय तो और गायों में मिल जुल गई और खुदा ने चाहा तो हम ज़रूर (उसका) पता लगा लेगे
71قَالَ إِنَّهُ يَقُولُ إِنَّهَا بَقَرَةٌ لَّا ذَلُولٌ تُثِيرُ الْأَرْضَ وَلَا تَسْقِي الْحَرْثَ مُسَلَّمَةٌ لَّا شِيَةَ فِيهَا ۚ قَالُوا الْآنَ جِئْتَ بِالْحَقِّ ۚ فَذَبَحُوهَا وَمَا كَادُوا يَفْعَلُونَ
मूसा ने कहा खुदा ज़रूर फरमाता है कि वह गाय न तो इतनी सधाई हो कि ज़मीन जोते न खेती सीचें भली चंगी एक रंग की कि उसमें कोई धब्बा तक न हो, वह बोले अब (जा के) ठीक-ठीक बयान किया, ग़रज़ उन लोगों ने वह गाय हलाल की हालाँकि उनसे उम्मीद न थी वह कि वह ऐसा करेंगे
72وَإِذْ قَتَلْتُمْ نَفْسًا فَادَّارَأْتُمْ فِيهَا ۖ وَاللَّهُ مُخْرِجٌ مَّا كُنتُمْ تَكْتُمُونَ
और जब एक शख्स को मार डाला और तुममें उसकी बाबत फूट पड़ गई एक दूसरे को क़ातिल बताने लगा जो तुम छिपाते थे
अल-बकराकुरान सूची
286आयत
मदनीअवतरण स्थान
70आयत

अनुवाद — अल-बकरा 70

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Wednesday, September 30, 2026

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