अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- صَفْرَاءُ (सफ़रा): पीले रंग की।
- فَاقِعٌ (फ़ाक़ि): अत्यधिक गहरा और शुद्ध रंग, जिसमें कोई मिलावट न हो।
- تَسُرُّ النَّاظِرِينَ (तसुर्रुन नाज़िरीन): देखने वालों को खुशी और प्रसन्नता प्रदान करने वाली।
तफ़सीर (व्याख्या):
बनी इसराइल ने अपनी ज़िद और हठधर्मिता से बाज़ न आते हुए एक बार फिर मूसा (अलैहिस्सलाम) से कहा: "आप अपने रब से हमारे लिए दुआ कीजिए कि वह हमें स्पष्ट रूप से बता दे कि उस गाय का रंग क्या है?" इस पर मूसा (अलैहिस्सलाम) ने उन्हें बताया कि अल्लाह का फरमान है: "वह गाय गहरे पीले रंग की है, जिसका रंग बिल्कुल शुद्ध और चमकीला होगा, और वह देखने वालों की आँखों को खुशी और सुकून देगी।" यह रंग इतना सुंदर और जीवंत होगा कि हर कोई उसे देखकर प्रसन्न हो जाएगा। यह उनकी ज़िद और सवालों के बावजूद अल्लाह की ओर से एक स्पष्ट और सुंदर विशेषता का वर्णन था, जो उनकी बार-बार की पूछताछ का उत्तर था।
फ़ायदे (सबक):
- अल्लाह अपने बंदों के सवालों का जवाब देता है, भले ही वे ज़िद और हठधर्मिता से पूछें, लेकिन अल्लाह की रहमत और बंदों के प्रति उसका व्यवहार नर्मी और सहनशीलता पर आधारित है।
- इस आयत से पता चलता है कि अल्लाह की बनाई हुई चीज़ों में भी सुंदरता और खूबसूरती होती है, और वह अपने बंदों को ऐसी चीज़ें देता है जो उनके लिए खुशी और सुकून का कारण बनें।
- बार-बार सवाल करना और ज़िद करना अच्छी आदत नहीं है, क्योंकि इससे काम में مشقت (मुश्किल) आ सकती है। बेहतर है कि अल्लाह और उसके रसूल के हुक्म को बिना किसी हिचकिचाहट के मान लिया जाए।
- अल्लाह की हर आज्ञा में भलाई और हिकमत (समझदारी) होती है, चाहे हमें उसका कारण समझ में आए या न आए।
📜 आयत 67-71 — अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 69
सूरा अल-बकरा आयत 69 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह कहने लगे (वाह) तुम अपने खुदा से दुआ करो…सूरा आयत 69/286 — अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बकरा सुनें, अल-बकरा अनुवाद, अल-बकरा mp3, अल-बकरा pdf. आयत 67–71. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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