अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الصُّور (अस-सूर): वह नरसिंगा (तुरही) जिसमें फूँका जाएगा। यह इसराफील अलैहिस्सलाम का नरसिंगा है।
- نَحْشُرُ (नहशुरु): हम इकट्ठा करेंगे।
- الْمُجْرِمِينَ (अल-मुजरिमीन): अपराधी, अर्थात काफिर और मुशरिक।
- زُرْقًا (ज़ुर्क़न): नीली आँखों वाले, जिनकी आँखें और चेहरे भय और सख्ती से नीले पड़ गए हों।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला उस भयानक दिन का वर्णन कर रहे हैं जब इसराफील अलैहिस्सलाम नरसिंगे में फूँकेंगे और सारे लोग क़ब्रों से उठ खड़े होंगे। यह दूसरी फूँक होगी जो क़ियामत के लिए होगी। उस दिन अल्लाह तआला सभी अपराधियों—जिन्होंने दुनिया में कुफ्र और शिर्क किया—को हश्र के मैदान में इकट्ठा करेगा, और उनकी हालत यह होगी कि उनकी आँखें नीली होंगी, उनके चेहरे स्याह होंगे, और वे अत्यधिक प्यास और भय के कारण इस तरह विकृत हो जाएँगे। यह उनके लिए रूसवाई और ज़िल्लत का दिन होगा।
यह वर्णन हमें बताता है कि क़ियामत का दिन कितना भयानक और सख्त होगा। जो लोग आज अल्लाह के आगे सर नहीं झुकाते, जो उसके हुक्मों की परवाह नहीं करते, उनका अंजाम उस दिन यही होगा कि वे ज़लील और रुसवा होंगे। लेकिन जो लोग आज अल्लाह की इबादत करते हैं, उसके रास्ते पर चलते हैं, उनके लिए उस दिन खुशी और कामयाबी होगी।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सचेत करती है कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की आज्ञा के अनुसार बनाएँ। हमें चाहिए कि हम नमाज़ की पाबंदी करें, अल्लाह का ज़िक्र करें, और उसके हुक्मों पर अमल करें। क़ियामत का दिन ज़रूर आएगा, और उस दिन हर इंसान अपने अमाल का बदला पाएगा। अल्लाह तआला हमें उस दिन की सख्ती से बचाए और हमें जन्नत का मुस्तहिक बनाए। आमीन।
📜 आयत 100-104 — ताहा
अनुवाद — ताहा 102
सूरा ताहा आयत 102 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिस दिन सूर फूँका जाएगा और हम उस दिन गुनाहगारों…सूरा आयत 102/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 100–104. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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