अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- الداعي: पुकारने वाला (हश्र के मैदान की ओर बुलाने वाला)।
- لا عِوَجَ: कोई टेढ़ापन नहीं, कोई विचलन नहीं।
- خَشَعَت: झुक गईं, दब गईं, विनम्र हो गईं।
- هَمْسًا: बहुत हल्की आवाज़, पैरों की आहट या धीमी फुसफुसाहट।
तफसीर (व्याख्या):
उस दिन (क़ियामत के दिन) सभी लोग उस पुकारने वाले (इस्राफील अलैहिस्सलाम) के पीछे चलेंगे, जो उन्हें हश्र के मैदान की ओर बुलाएगा। उस पुकार से कोई भी विचलित नहीं हो सकेगा, न कोई उससे बच सकेगा और न ही उसके आगे झुकने में कोई टेढ़ापन या रुकावट होगी। यह पुकार सत्य और सर्वशक्तिमान अल्लाह की ओर से होगी, जिसका पालन करना हर प्राणी के लिए अनिवार्य होगा।
उस दिन सभी आवाज़ें रहमान (अल्लाह) के सामने दब जाएँगी, डर और सम्मान से सब खामोश हो जाएँगे। कोई बोलने की हिम्मत नहीं करेगा। वहाँ केवल हल्की-हल्की आहटें सुनाई देंगी — जैसे पैरों के चलने की धीमी आवाज़ या बहुत ही मद्धिम फुसफुसाहट। यह दृश्य अल्लाह की महानता और उसके सामने सभी के झुकने का प्रतीक होगा।
दावती पहलू (आध्यात्मिक संदेश):
यह आयत हमें उस महान दिन की याद दिलाती है जब सारी सृष्टि अल्लाह के सामने नतमस्तक होगी। यह हमारे लिए एक चेतावनी है कि हम अपने जीवन को इस तरह बनाएँ कि उस दिन हमारा हिसाब आसान हो। जो लोग आज अल्लाह के आगे झुकते हैं, उनकी आवाज़ें और दिल उसकी याद में विनम्र होते हैं, वे उस दिन की भयावहता से محفوظ रहेंगे। यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के सामने विनम्रता और खामोशी ही असली इज़्ज़त है। आइए, हम अपने दिलों को अल्लाह की याद से नरम करें और उसकी राह पर चलें, ताकि उस दिन हमारा चेहरा रोशन हो और हमारी आवाज़ें उसकी रहमत के साये में सुरक्षित रहें।
📜 आयत 106-110 — ताहा
अनुवाद — ताहा 108
सूरा ताहा आयत 108 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उस दिन लोग एक पुकारने वाले इसराफ़ील की आवाज़ के…सूरा आयत 108/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 106–110. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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