अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- حَشَرْتَنِي (हशरतनी): तूने मुझे उठाया / इकट्ठा किया, अर्थात् क़ियामत के दिन मुझे जीवित करके खड़ा किया।
- أَعْمَىٰ (आ'मा): अंधा, जिसे देखने की शक्ति न हो।
- بَصِيرًا (बसीरन): देखने वाला, आँखों वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस व्यक्ति की दयनीय स्थिति का वर्णन करती है जिसने दुनिया में अल्लाह की याद से मुँह मोड़ा और उसके हिदायत के संदेश को सुनने से इनकार किया। जब ऐसा व्यक्ति क़ियामत के दिन उठाया जाएगा, तो वह अंधा होगा — न केवल आँखों से, बल्कि हृदय और समझ से भी। वह हैरान और परेशान होकर अल्लाह से पूछेगा: "ऐ मेरे रब! तूने मुझे अंधा क्यों उठाया? मैं तो दुनिया में देखने वाला था, मेरी आँखें ठीक थीं, मैं सब कुछ देखता-समझता था।"
यह सवाल उसकी बेबसी और पछतावे को दर्शाता है। वह समझता है कि दुनिया में उसके पास आँखें थीं, लेकिन असल में वह दिल से अंधा था — उसने अल्लाह की निशानियों को देखकर भी नहीं पहचाना, उसने सच्चाई को सुनकर भी नहीं माना। उसकी आँखें खुली थीं, पर उसका दिल बंद था। इसलिए आज अल्लाह उसे उसी अंधेपन के साथ उठाएगा, जो उसके दिल में था — यानी वह हुज्जत (प्रमाण) से अंधा होगा, और कुछ विद्वानों के अनुसार वह शारीरिक रूप से भी अंधा होगा, जैसा कि दूसरी आयत में आया है: "और हम उन्हें क़ियामत के दिन उनके मुँह के बल अंधा, गूँगा और बहरा करके उठाएँगे।"
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हमारे लिए एक बहुत बड़ी चेतावनी और सबक है। अल्लाह ने हमें आँखें दीं ताकि हम उसकी निशानियाँ देखें, कान दिए ताकि उसका कलाम सुनें, और दिल दिया ताकि उसे समझें। अगर हम इन नेमतों का इस्तेमाल अल्लाह की इबादत और उसकी राह में नहीं करते, तो यही नेमतें हमारे खिलाफ गवाह बनेंगी। इसलिए आज ही अपनी आँखों से सच्चाई को देखें, अपने दिल से उसे अपनाएँ, और अल्लाह की याद से जुड़ जाएँ — ताकि क़ियामत के दिन हम अंधे न उठें, बल्कि रोशनी और खुशी के साथ अपने रब के सामने हाज़िर हों। याद रखें, दुनिया की यह ज़िंदगी बहुत छोटी है, लेकिन इसका नतीजा हमेशा के लिए है। अल्लाह हमें सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 123-127 — ताहा
अनुवाद — ताहा 125
सूरा ताहा आयत 125 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह कहेगा इलाही मैं तो (दुनिया में) ऑंख वाला था…सूरा आयत 125/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 123–127. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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