अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- خَلْقَهُ: उसकी रचना, आकृति, स्वरूप और बनावट।
- هَدَى: मार्गदर्शन किया, रास्ता दिखाया, उपयोग का तरीका सिखाया।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब फ़िरऔन ने मूसा (अलैहिस्सलाम) से पूछा कि तुम्हारा रब कौन है, तो मूसा (अलैहिस्सलाम) ने उसे ऐसा उत्तर दिया जो उसके सीमित दिमाग से कहीं ऊपर था। उन्होंने कहा: "हमारा रब वह है जिसने हर चीज़ को उसकी रचना प्रदान की, फिर मार्गदर्शन किया।"
यानी अल्लाह तआला ने हर मख़लूक़ (प्राणी) को उसका विशेष स्वरूप, आकार और संरचना दी है — जो उसके लिए सबसे उपयुक्त है। चाहे वह इंसान हो, जानवर हो, पेड़-पौधे हों या पानी और हवा — हर चीज़ को उसकी अपनी ख़ास बनावट दी गई है। फिर उसके बाद अल्लाह ने हर मख़लूक़ को यह भी सिखाया कि वह अपनी इस रचना का उपयोग कैसे करे। जैसे मधुमक्खी को शहद बनाने का तरीका, पक्षी को घोंसला बनाने का तरीका, इंसान को खेती करने और ज़मीन से फ़ायदा उठाने का तरीका — सब कुछ अल्लाह की ओर से दिया गया मार्गदर्शन है।
यह आयत हमें अल्लाह की रबूबियत (पालनहार होने) की सबसे बड़ी निशानी बताती है। जिस रब ने हर चीज़ को उसकी ज़रूरत के मुताबिक बनाया और फिर उसे उपयोग का तरीका भी सिखाया — वही सच्चा पालनहार है। यही वह सच्चाई है जो फ़िरऔन जैसे घमंडी को भी चुप करा सकती है, क्योंकि यह तर्क दिल और दिमाग दोनों को संतुष्ट करता है।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि अल्लाह तआला ने हमें जो कुछ भी दिया है — चाहे वह शारीरिक क्षमताएँ हों, बुद्धि हो, या दुनिया के साधन — वह सब बेकार नहीं है। अल्लाह ने हर चीज़ का सही उपयोग सिखाया है। हमें चाहिए कि हम अपनी इन नेमतों को अल्लाह की बताई हुई राह में इस्तेमाल करें, और उसके दिए हुए मार्गदर्शन (क़ुरआन और सुन्नत) को अपनाएँ। जिसने हमें बनाया और सिखाया, उसी की बताई हुई राह पर चलना ही हमारी कामयाबी है।
📜 आयत 48-52 — ताहा
अनुवाद — ताहा 50
सूरा ताहा आयत 50 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मूसा ने कहा हमारा परवरदिगार वह है जिसने हर चीज़…सूरा आयत 50/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 48–52. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, August 19, 2026
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