Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- ज़फ़ीर (زَفِيرٌ): इसका अर्थ है ज़ोर से साँस खींचना और छोड़ना, जो दर्द और पीड़ा की वजह से होता है। यह आह और कराह की आवाज़ है जो सीने से निकलती है।
- ला यस्मऊन (لَا يَسْمَعُونَ): वे सुन नहीं पाएँगे, यानी उनकी सुनने की शक्ति समाप्त कर दी जाएगी।
तफ़सीर:
यह आयत उन लोगों की भयानक स्थिति का वर्णन कर रही है जिन्होंने दुनिया में अल्लाह के बताए रास्ते को ठुकराया और उसकी इबादत से मुँह मोड़ा। जब वे जहन्नम में डाले जाएँगे, तो उनके लिए वहाँ ज़फ़ीर होगी — यानी दर्द और अज़ाब की शिद्दत से उनकी साँसें बुरी तरह से चलेंगी, और उनके सीने से ऐसी आवाज़ें निकलेंगी जो उनकी बेचैनी और तकलीफ़ का इज़हार करेंगी। यह वह हालत होगी जब उनका दम घुट रहा होगा, और हर साँस के साथ उन्हें नया अज़ाब महसूस होगा।
और उस भयानक हालत में वे कुछ भी सुन नहीं पाएँगे — न कोई आवाज़, न कोई पुकार, न कोई राहत की खबर। आग का शोर, उसकी भयानक गर्जना, और उनके अपने दर्द की चीख़ें — सब कुछ उनके लिए बेमानी हो जाएगा, क्योंकि उनकी सुनने की शक्ति ही छीन ली जाएगी। यह उनके लिए अज़ाब का एक और रूप होगा — कि वे न तो किसी की मदद की आवाज़ सुन सकेंगे और न ही कोई उनकी दर्द भरी पुकार सुनेगा। वे पूरी तरह से अकेले, बेसहारा और अल्लाह की रहमत से महरूम होंगे।
दावती पहलू:
यह आयत हमारे लिए एक ज़ोरदार चेतावनी है कि अल्लाह की नाफ़रमानी का अंजाम कितना भयानक है। लेकिन साथ ही, यह अल्लाह की रहमत का भी पैग़ाम है — कि उसने हमें दुनिया में मौका दिया है, तौबा का दरवाज़ा खुला रखा है, और रास्ता दिखाया है। आज हमारे पास सुनने की क़ुव्वत है, समझने की ताक़त है, और अल्लाह के कलाम को पढ़ने और उस पर अमल करने का मौक़ा है। आओ, हम इस नेमत की क़द्र करें, अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक ढालें, और उस आग से बचने की कोशिश करें जिसकी एक झलक हमें इस आयत में दिखाई गई है। अल्लाह की रहमत उन लोगों के लिए है जो उसकी तरफ़ रुजू करते हैं — और वह रहमत हर उस शख्स के लिए है जो आज अपने रब की तरफ़ एक क़दम बढ़ाए।
📜 आयत 98-102 — सूरा अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 100
सूरा अल-अंबिया आयत 100 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उन लोगों की दोज़ख़ में चिंघाड़ होगी और ये लोग…सूरा आयत 100/112 — सूरा अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अंबिया सुनें, सूरा अल-अंबिया अनुवाद, सूरा अल-अंबिया mp3, सूरा अल-अंबिया pdf. आयत 98–102. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अंबिया
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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