अल-अंबिया · 17/112
अनुवाद उच्चारण — अल-अंबिया
لَوْ أَرَدْنَا أَن نَّتَّخِذَ لَهْوًا لَّاتَّخَذْنَاهُ مِن لَّدُنَّا إِن كُنَّا فَاعِلِينَ ۝١٧
Law aradnaaa an nattakhiza lahwal lat takhaznaahu mil ladunnaaa in kunnaa faa`ileen
📖 हिंदी अर्थ
अगर हम कोई खेल बनाना चाहते तो बेशक हम उसे अपनी तजवीज़ से बना लेते अगर हमको करना होता (मगर हमें शायान ही न था)
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لَهْوًا (लहवन): खेल-तमाशा, यहाँ अर्थ है संतान या पत्नी।
  • مِن لَّدُنَّا (मिन लदुन्ना): अपने पास से, अपनी ओर से।
  • إِن كُنَّا فَاعِلِينَ (इन कुन्ना फ़ा'इलीन): अगर हम ऐसा करने वाले होते।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उन लोगों के ख़यालात का खंडन करती है जो अल्लाह तआला के लिए संतान या पत्नी होने का ग़लत अक़ीदा रखते हैं। अल्लाह तआला फ़रमाता है: अगर हम कोई खेल-तमाशा, यानी संतान या पत्नी, बनाना चाहते, तो हम उसे अपने पास से बना लेते, यानी अपनी मख़लूक़ात में से जो हमें पसंद हो — जैसे हूरें, ग़िल्मान (सेवक), या फ़रिश्ते — उसे चुन लेते, न कि तुम्हारी औलाद या तुम्हारी पत्नियों में से। लेकिन हमने ऐसा कभी नहीं किया और न कर सकते हैं, क्योंकि हमारी शान इन चीज़ों से पाक और बुलंद है। हमारे लिए संतान या पत्नी का होना असंभव है, क्योंकि ये चीज़ें कमज़ोरी, हाजत और मख़्लूक़ होने की अलामत हैं, और अल्लाह इन सब से पाक है।

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला हर ऐब और कमी से पाक है। वह न तो किसी का बाप है, न किसी की औलाद, और न ही उसका कोई शरीक है। यही तौहीद का ख़ालिस अक़ीदा है जो इस्लाम हमें देता है — कि अल्लाह एक है, बेनियाज़ है, और उसकी ज़ात में कोई शबीह या मिसाल नहीं। जो लोग अल्लाह के लिए संतान या पत्नी का अक़ीदा रखते हैं, वह उसकी बड़ाई को समझ नहीं पाए। अल्लाह तआला ने क़ुरआन में कई जगह इस ग़लत फ़िक्र का रद्द किया है ताकि लोग सीधी राह पर आएँ और उसे अकेला, बेशरीक और बेनियाज़ मानें।

यह आयत हमारे दिलों में अल्लाह की अज़मत और कमाल का एहसास पैदा करती है। जब हम जानते हैं कि अल्लाह हर कमी से पाक है, तो हम उसकी इबादत में ख़ुशू और ख़ुज़ू पैदा करते हैं, और उसी से मदद माँगते हैं। यही वह पाक अक़ीदा है जो इंसान को दुनिया और आख़िरत की कामयाबी तक पहुँचाता है। अल्लाह तआला हमें सही अक़ीदे पर साबित क़दम रखे और हमें उसकी पाक ज़ात की सही पहचान दे। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 15-19 — अल-अंबिया

15فَمَا زَالَت تِّلْكَ دَعْوَاهُمْ حَتَّىٰ جَعَلْنَاهُمْ حَصِيدًا خَامِدِينَ
ग़रज़ वह बराबर यही पड़े पुकारा किए यहाँ तक कि हमने उन्हें कटी हुई खेती की तरह बिछा के ठन्डा करके ढेर कर दिया
16وَمَا خَلَقْنَا السَّمَاءَ وَالْأَرْضَ وَمَا بَيْنَهُمَا لَاعِبِينَ
और हमने आसमान और ज़मीन को और जो कुछ इन दोनों के दरमियान है बेकार लगो नहीं पैदा किया
17لَوْ أَرَدْنَا أَن نَّتَّخِذَ لَهْوًا لَّاتَّخَذْنَاهُ مِن لَّدُنَّا إِن كُنَّا فَاعِلِينَ
अगर हम कोई खेल बनाना चाहते तो बेशक हम उसे अपनी तजवीज़ से बना लेते अगर हमको करना होता (मगर हमें शायान ही न था)
18بَلْ نَقْذِفُ بِالْحَقِّ عَلَى الْبَاطِلِ فَيَدْمَغُهُ فَإِذَا هُوَ زَاهِقٌ ۚ وَلَكُمُ الْوَيْلُ مِمَّا تَصِفُونَ
बल्कि हम तो हक़ को नाहक़ (के सर) पर खींच मारते हैं तो वह बिल्कुल के सर को कुचल देता है फिर वह उसी वक्त नेस्तवेनाबूद हो जाता है और तुम पर अफ़सोस है कि ऐसी-ऐसी नाहक़ बातें बनाये करते हो
19وَلَهُ مَن فِي السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ ۚ وَمَنْ عِندَهُ لَا يَسْتَكْبِرُونَ عَنْ عِبَادَتِهِ وَلَا يَسْتَحْسِرُونَ
हालाँकि जो लोग (फरिश्ते) आसमान और ज़मीन में हैं (सब) उसी के (बन्दे) हैं और जो (फरिश्ते) उस सरकार में हैं न तो वह उसकी इबादत की शेख़ी करते हैं और न थकते हैं
अल-अंबियाकुरान सूची
112आयत
मक्कीRevelation
17आयत

अनुवाद — अल-अंबिया 17

सूरा अल-अंबिया आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : अगर हम कोई खेल बनाना चाहते तो बेशक हम उसे…

सूरा आयत 17/112 — अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंबिया सुनें, अल-अंबिया अनुवाद, अल-अंबिया mp3, अल-अंबिया pdf. आयत 15–19. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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