अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- रत्क़न (رَتْقًا): आपस में जुड़ा हुआ, मिला हुआ, बंद और सटा हुआ।
- फ़तक़ना (فَتَقْنَاهُمَا): हमने उन्हें अलग-अलग किया, खोला, फाड़ा।
- कुल्ला शै'इन हय्यिन (كُلَّ شَيْءٍ حَيٍّ): हर जीवित चीज़।
तफ़सीर:
क्या इनकार करने वालों ने यह नहीं देखा और जाना कि आसमान और ज़मीन दोनों पहले आपस में जुड़े हुए थे, एक ही चीज़ थे, उनके बीच कोई दरार या फासला नहीं था। न आसमान से बारिश होती थी और न ज़मीन से पेड़-पौधे उगते थे। फिर हमने अपनी कुदरत से उन्हें अलग-अलग कर दिया, आसमान को सात आसमान बनाया और ज़मीन को सात ज़मीनें बनाईं। हमने आसमान से बारिश उतारी और ज़मीन से नबातात (वनस्पति) उगाई। और हमने पानी से हर जीवित चीज़ पैदा की — चाहे वह जानवर हो या पौधा — क्योंकि पानी ही हर जीवन का ज़रिया है।
यह कितनी बड़ी निशानी है! यह कुदरत का ऐसा करिश्मा है जो आँखों के सामने है। फिर भी क्या ये लोग ईमान नहीं लाते? क्या वे इन आयतों को देखकर भी अल्लाह की वहदानियत (एकता) को नहीं मानते? क्या वे उस अल्लाह की इबादत नहीं करते जिसने यह सब कुछ बनाया?
यह आयत हमें गहरी सोच की दावत देती है। जब हम इस कायनात (ब्रह्मांड) को देखते हैं — आसमान की बुलंदियाँ, ज़मीन की फ़राख़ी, बारिश का नुज़ूल, और हर तरफ फैली हुई ज़िंदगी — तो हमारा दिल अपने रब की अज़मत (महानता) के सामने झुक जाता है। यह सब कुछ अल्लाह की कुदरत का नतीजा है।
अगर हम सिर्फ़ एक बार ग़ौर करें कि पानी के बिना कोई जीवित चीज़ नहीं रह सकती, और अल्लाह ने पानी को हर जीवन का ज़रिया बनाया है, तो हमें समझ आ जाता है कि यह सब कुछ एक ही क़ादिर (शक्तिशाली) अल्लाह का बनाया हुआ है।
तो फिर ईमान क्यों नहीं लाते? यह आयत हमें बुला रही है कि हम अपनी आँखें खोलें, अपने दिलों को जगाएँ, और उस रब की इबादत करें जिसने यह सब कुछ पैदा किया। यही सच्ची कामयाबी है — कि हम अल्लाह को पहचानें, उस पर ईमान लाएँ, और उसकी इबादत में अपनी ज़िंदगी गुज़ारें। क्योंकि जिसने यह कायनात बनाई, वही हमारी परवरिश करने वाला है, और उसी की राह पर चलने में ही हमारी भलाई है।
📜 आयत 28-32 — अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 30
सूरा अल-अंबिया आयत 30 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो लोग काफिर हो बैठे क्या उन लोगों ने इस…सूरा आयत 30/112 — अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंबिया सुनें, अल-अंबिया अनुवाद, अल-अंबिया mp3, अल-अंबिया pdf. आयत 28–32. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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