अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَكْلَؤُكُمْ (यक्लउकुम): तुम्हारी रक्षा करे, तुम्हें सुरक्षित रखे।
- مِنَ الرَّحْمَٰنِ (मिनर्रहमान): रहमान (अल्लाह) की ओर से, यानी उसके अज़ाब से।
- ذِكْرِ رَبِّهِم (ज़िक्रि रब्बिहिम): अपने रब की याद, यानी क़ुरआन और उसकी नसीहतें।
- مُعْرِضُونَ (मु'रिज़ून): मुँह मोड़ने वाले, किनारा करने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप इन अज़ाब की जल्दी मचाने वालों से कह दीजिए कि भला बताओ, रात हो या दिन, नींद में हो या जागते हुए, कौन है जो तुम्हें रहमान के अज़ाब से बचा सकता है? कौन है जो उसके कहर से तुम्हारी हिफ़ाज़त कर सकता है? जब अल्लाह का फ़ैसला आ जाए, तो कोई उसे टाल नहीं सकता, और न कोई उसके बंदों को उससे बचाने की ताक़त रखता है।
ये लोग जिन ताक़तों पर भरोसा किए बैठे हैं, जिन्हें वे अपना सहारा समझते हैं, क्या वे उन्हें अल्लाह के अज़ाब से बचा सकते हैं? हरगिज़ नहीं! अल्लाह ही वह है जो रात और दिन की अंधेरी और उजली घड़ियों में तुम्हारी रक्षा करता है, तुम्हें अपनी रहमत से ढाँपे रखता है, और तुम्हारी रोज़ी का इंतज़ाम करता है।
मगर अफ़सोस! ये लोग अपने रब की याद से — यानी क़ुरआन से और उसकी नसीहतों से — मुँह मोड़े हुए हैं। वे उस किताब से ग़ाफ़िल हैं जो उनकी भलाई और बुराई का फ़रक़ बताती है। वे उस ज़िक्र से किनारा करते हैं जो उनके दिलों को ज़िंदा कर सकता है और उन्हें सीधे रास्ते पर ला सकता है।
और यही उनकी सबसे बड़ी भूल है — वे अल्लाह की याद से दूर हो गए, इसलिए उन्हें अपनी हिफ़ाज़त का भी एहसास नहीं रहा। अगर वे ज़िक्र से जुड़े होते, तो समझ जाते कि उनका रब कितना मेहरबान है, और उसकी पनाह में आकर वे हर अज़ाब से महफ़ूज़ रहते।
ऐ अल्लाह के बंदो! तुम अपने रब की याद से कभी ग़ाफ़िल न होना। क़ुरआन वह रस्सी है जो तुम्हें अल्लाह से जोड़ती है। जो उसे थामे रहेगा, वह कभी नहीं डरेगा — न रात के अंधेरे में, न दिन की तपिश में। अल्लाह की याद ही वह पनाह है जिसमें आकर इंसान हर ख़तरे से सुरक्षित हो जाता है। तो आओ, हम सब अपने रब के ज़िक्र से जुड़ें, उसकी किताब को पढ़ें और उस पर अमल करें — यही हमारी कामयाबी है, यही हमारी हिफ़ाज़त है।
📜 आयत 40-44 — अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 42
सूरा अल-अंबिया आयत 42 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम उनसे पूछो तो कि खुदा (के अज़ाब)…सूरा आयत 42/112 — अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंबिया सुनें, अल-अंबिया अनुवाद, अल-अंबिया mp3, अल-अंबिया pdf. आयत 40–44. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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