अल-हज · 21/78
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-हज
وَلَهُم مَّقَامِعُ مِنْ حَدِيدٍ ۝٢١
Wa lahum maqaami`u min hadeed
📖 हिंदी अर्थ
और उनके (मारने के) लिए लोहे के गुर्ज़ होंगे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • مَقَامِعُ (मक़ामि): यह 'मिक़मा' का बहुवचन है, जिसका अर्थ है लोहे के बड़े हथौड़े या कोड़े, जिनसे प्रहार किया जाता है।
  • مِنْ حَدِيدٍ (मिन हदीद): लोहे से बने हुए।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उन काफ़िरों के भयानक अंजाम का वर्णन कर रही है जिन्होंने अपने रब को नकारा और उसके साथ कुफ़्र किया। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि उनके लिए लोहे के बड़े-बड़े हथौड़े और सख़्त कोड़े तैयार किए गए हैं, जिनसे फ़रिश्ते उनके सिरों पर प्रहार करेंगे। यह प्रहार इतना सख़्त होगा कि उनकी खोपड़ियाँ चकनाचूर हो जाएँगी और वे दर्द से चीख़ेंगे, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिलेगी।

ये लोहे के हथौड़े उनके लिए इसलिए हैं क्योंकि उन्होंने दुनिया में अल्लाह की आयतों को झुठलाया और उसके रसूलों का मज़ाक़ उड़ाया। जिस तरह उन्होंने दुनिया में सख़्त दिली और ज़ुल्म किया, उसी तरह आख़िरत में उनके साथ सख़्ती से पेश आया जाएगा। जब भी वे जहन्नम की आग से निकलने की कोशिश करेंगे, फ़रिश्ते उन्हें इन्हीं लोहे के हथौड़ों से मारकर वापस आग में धकेल देंगे।

यह अज़ाब उनके कुफ़्र और सरकशी का बिल्कुल उचित बदला है। अल्लाह तआला ने उन्हें दुनिया में आज़ादी दी, उन्हें समझने की ताक़त दी, रसूल भेजे, किताबें उतारीं, लेकिन उन्होंने हक़ को नकारा और बातिल पर डटे रहे। इसलिए आज उनके लिए यह सख़्त सज़ा है।

दावती पहलू:

यह आयत हमें अल्लाह के अज़ाब से डराती है और साथ ही उसकी रहमत की तरफ़ बुलाती है। अल्लाह ने हमें दुनिया में मौका दिया है कि हम अपने कर्म सुधार लें। वह बड़ा क्षमाशील और दयालु है — जो कोई भी उसकी ओर लौटे, वह उसे माफ़ कर देता है। यह आयत हमें सिखाती है कि हम अपने रब की नाफ़रमानी से बचें, उसकी इबादत करें, और अपने जीवन को उसके हुक्म के मुताबिक़ ढालें। क़ुरआन हमें जहन्नम के अज़ाब से आगाह करता है ताकि हम जन्नत की राह पकड़ें — वह राह जो अल्लाह के करीब होने और उसकी रज़ा हासिल करने से गुज़रती है। आइए, हम इस नसीहत को दिल से सुनें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इताअत में गुज़ारें, ताकि उस दिन हम उन लोगों में से न हों जिनके लिए लोहे के हथौड़े तैयार किए गए हैं, बल्कि उन लोगों में से हों जिनके लिए जन्नत की नेमतें और अल्लाह की रज़ा है।



📜 आयत 19-23 — सूरा अल-हज

19۞ هَٰذَانِ خَصْمَانِ اخْتَصَمُوا فِي رَبِّهِمْ ۖ فَالَّذِينَ كَفَرُوا قُطِّعَتْ لَهُمْ ثِيَابٌ مِّن نَّارٍ يُصَبُّ مِن فَوْقِ رُءُوسِهِمُ الْحَمِيمُ
ये दोनों (मोमिन व काफिर) दो फरीक़ हैं आपस में अपने परवरदिगार के बारे में लड़ते हैं ग़रज़ जो लोग काफ़िर हो बैठे उनके लिए तो आग के कपड़े केता किए गए हैं (वह उन्हें पहनाए जाएँगें और) उनके सरों पर खौलता हुआ पानी उँडेला जाएगा
20يُصْهَرُ بِهِ مَا فِي بُطُونِهِمْ وَالْجُلُودُ
जिस (की गर्मी) से जो कुछ उनके पेट में है (ऑंतें वग़ैरह) और खालें सब गल जाएँगी
21وَلَهُم مَّقَامِعُ مِنْ حَدِيدٍ
और उनके (मारने के) लिए लोहे के गुर्ज़ होंगे
22كُلَّمَا أَرَادُوا أَن يَخْرُجُوا مِنْهَا مِنْ غَمٍّ أُعِيدُوا فِيهَا وَذُوقُوا عَذَابَ الْحَرِيقِ
कि जब सदमें के मारे चाहेंगे कि दोज़ख़ से निकल भागें तो (ग़ुर्ज मार के) फिर उसके अन्दर ढकेल दिए जाएँगे और (उनसे कहा जाएगा कि) जलाने वाले अज़ाब के मज़े चखो
23إِنَّ اللَّهَ يُدْخِلُ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ جَنَّاتٍ تَجْرِي مِن تَحْتِهَا الْأَنْهَارُ يُحَلَّوْنَ فِيهَا مِنْ أَسَاوِرَ مِن ذَهَبٍ وَلُؤْلُؤًا ۖ وَلِبَاسُهُمْ فِيهَا حَرِيرٌ
जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे अच्छे काम भी किए उनको खुदा बेहश्त के ऐसे हरे-भरे बाग़ों में दाख़िल फरमाएगा जिनके नीचे नहरे जारी होगी उन्हें वहाँ सोने के कंगन और मोती (के हार) से सँवारा जाएगा और उनका लिबास वहाँ रेशमी होगा
अल-हजकुरान सूची
78आयत
मदनीअवतरण स्थान
21आयत

अनुवाद — अल-हज 21

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सूरा आयत 21/78 — सूरा अल-हज الحج (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हज सुनें, सूरा अल-हज अनुवाद, सूरा अल-हज mp3, सूरा अल-हज pdf. आयत 19–23. हिंदी अर्थ: اردو.





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Friday, October 2, 2026

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