अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ (معاني الكلمات):
- क़ौमे इब्राहीम: हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की क़ौम, जिन्होंने उन्हें झुठलाया और उनका विरोध किया।
- क़ौमे लूत: हज़रत लूत अलैहिस्सलाम की क़ौम, जो अपनी अश्लील हरकतों और नैतिक पतन के कारण अल्लाह के अज़ाब का शिकार हुई।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी हज़रत मुहम्मद ﷺ को तसल्ली देते हुए फ़रमाता है कि ऐ रसूल! अगर आपकी क़ौम आपको झुठलाती है और आपका विरोध करती है, तो आप अकेले नहीं हैं। आपसे पहले भी कई नबियों को उनकी क़ौमों ने झुठलाया था। इन्हीं में से हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की क़ौम भी थी, जिन्होंने अपने नबी को नकारा और उनके ख़िलाफ़ साज़िशें रचीं। हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने उन्हें एक अल्लाह की इबादत की दावत दी, लेकिन उन्होंने सुनने से इनकार कर दिया और उन्हें आग में डालने की कोशिश की।
इसी तरह हज़रत लूत अलैहिस्सलाम की क़ौम ने भी अपने नबी को झुठलाया। वे लोग ऐसे घिनौने कामों में लिप्त थे जो उनसे पहले किसी ने नहीं किए थे। हज़रत लूत ने उन्हें अल्लाह की तरफ़ बुलाया और बुराई से रोका, लेकिन उन्होंने न सिर्फ़ उनकी बात मानने से इनकार किया, बल्कि उन्हें अपने शहर से निकालने की धमकी भी दी। आख़िरकार अल्लाह का अज़ाब उन पर नाज़िल हुआ और उनका शहर उलट दिया गया।
अल्लाह तआला इन उदाहरणों से हमें सिखाता है कि सत्य के पैरोकारों को हमेशा मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, लेकिन अल्लाह अपने नबियों की मदद करता है और झुठलाने वालों को सज़ा देता है। यह आयत हमें सब्र और इस्तिक़ामत की तालीम देती है कि हक़ पर क़ायम रहें और अल्लाह पर भरोसा रखें, चाहे कितनी ही मुश्किलें क्यों न आएँ।
दावती पहलू:
यह आयत हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम अपने नबी ﷺ की सुन्नत पर चलें और उन लोगों के अंजाम से सबक़ लें जिन्होंने अपने नबियों को झुठलाया। आज भी अगर हम अल्लाह के दीन की दावत देते हैं और लोग हमारा मज़ाक़ उड़ाते हैं, तो हमें निराश नहीं होना चाहिए। अल्लाह उन लोगों के साथ है जो सब्र करते हैं और हक़ पर क़ायम रहते हैं। हमें चाहिए कि अपने अंदर अच्छे अख़लाक़ (नैतिकता) पैदा करें, बुराइयों से दूर रहें और अल्लाह की रहमत के तलबगार बनें, ताकि हम भी उन क़ौमों की तरह अज़ाब का शिकार होने से बचे रहें और अल्लाह की जन्नत के हक़दार बनें।
📜 आयत 41-45 — अल-हज
अनुवाद — अल-हज 43
सूरा अल-हज आयत 43 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और इबराहीम की क़ौम और लूत की क़ौमसूरा आयत 43/78 — अल-हज الحج (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हज सुनें, अल-हज अनुवाद, अल-हज mp3, अल-हज pdf. आयत 41–45. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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