Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يُكَذِّبُوكَ – वे तुम्हें झुठलाएँ
- قَوْمُ نُوحٍ – नूह (अलैहिस्सलाम) की क़ौम
- عَادٌ – आद (हूद अलैहिस्सलाम की क़ौम)
- ثَمُودُ – समूद (सालिह अलैहिस्सलाम की क़ौम)
तफ़सीर:
ऐ प्यारे नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम)! अगर आपकी क़ौम के लोग आपको झुठलाते हैं और आपके पैग़ाम को क़बूल नहीं करते, तो आप अकेले नहीं हैं जिन्हें झुठलाया गया हो। आपसे पहले भी अल्लाह के पैग़म्बरों को उनकी क़ौमों ने झुठलाया था। नूह (अलैहिस्सलाम) की क़ौम ने उन्हें झुठलाया, आद की क़ौम ने हूद (अलैहिस्सलाम) को झुठलाया, और समूद की क़ौम ने सालिह (अलैहिस्सलाम) को झुठलाया। ये सिर्फ़ कुछ मिसालें हैं, बल्कि इब्राहीम की क़ौम, लूत की क़ौम, मदयन के लोग जिन्होंने शुऐब (अलैहिस्सलाम) को झुठलाया, और फ़िरऔन व उसकी क़ौम ने भी मूसा (अलैहिस्सलाम) को झुठलाया।
लेकिन अल्लाह ने इन सबको तुरंत सज़ा नहीं दी, बल्कि उन्हें मोहलत दी और ढील दी। फिर जब उनका वक़्त आया, तो अल्लाह ने उनमें से हर एक को उसके गुनाहों की वजह से पकड़ लिया। उनकी ताक़त, उनकी दौलत और उनकी तादाद उन्हें अल्लाह की सज़ा से नहीं बचा सकी। अल्लाह का इनकार और अज़ाब कितना सख़्त था! उनकी नेअमतें अज़ाब में बदल गईं और उनका अंजाम हलाकत के सिवा कुछ नहीं था।
इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) को तसल्ली दे रहे हैं और सिखा रहे हैं कि सब्र करें, क्योंकि ये राह हमेशा से कठिन रही है। हर ज़माने में सच्चे दावत देने वालों को झुठलाया गया, लेकिन अंजाम हमेशा सच्चे लोगों के हक़ में रहा। ये हमारे लिए भी एक बड़ा सबक़ है कि जब हमें किसी अच्छे काम पर लोगों की तरफ़ से मुख़ालिफ़त या तंज़ का सामना करना पड़े, तो हमें हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। अल्लाह का दीन हमेशा बुलंद रहा है और रहेगा। जो लोग सच्चाई पर क़ायम रहते हैं, अल्लाह उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ता। इसलिए हमें अपने ईमान पर मज़बूती से क़ायम रहना चाहिए और यक़ीन रखना चाहिए कि अल्लाह की मदद ज़रूर आती है, चाहे देर से ही सही।
📜 आयत 40-44 — सूरा अल-हज
अनुवाद — अल-हज 42
सूरा अल-हज आयत 42 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) अगर ये (कुफ्फ़ार) तुमको झुठलाते हैं तो…सूरा आयत 42/78 — सूरा अल-हज الحج (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हज सुनें, सूरा अल-हज अनुवाद, सूरा अल-हज mp3, सूरा अल-हज pdf. आयत 40–44. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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