अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- جَادَلُوكَ — अर्थात यदि वे आपसे झगड़ा करें, हठपूर्वक तर्क-वितर्क करें।
- اللَّهُ أَعْلَمُ — अल्लाह सबसे अधिक जानने वाला है।
- بِمَا تَعْمَلُونَ — उस (कर्म) को जो तुम करते हो।
तफ़सीर:
यदि ये लोग सत्य स्पष्ट हो जाने के बाद भी आपसे हठ और ज़िद के साथ झगड़ा करें, और अपनी बातिल दलीलों से सत्य को झुठलाने की कोशिश करें, तो आप उनसे बहस-मुबाहिसा न करें। क्योंकि जिस व्यक्ति के सामने सत्य स्पष्ट हो जाए और फिर भी वह उसे न माने, उसके साथ तर्क-वितर्क करना बेकार है। ऐसी स्थिति में आप उनसे केवल यह कहें: "अल्लाह ही बेहतर जानता है कि तुम क्या कर रहे हो।" यह कहना उनके लिए एक चेतावनी और धमकी है, क्योंकि अल्लाह तआला उनके सभी कर्मों को देख रहा है, और उनके कुकर्मों, झूठ और हठधर्मिता से पूरी तरह अवगत है। वह उन्हें उनके किए का पूरा बदला देगा।
यह आयत हमें सिखाती है कि जब सत्य स्पष्ट हो जाए और सामने वाला फिर भी हठ करे, तो उससे बहस करना छोड़ देना चाहिए और मामला अल्लाह के सुपुर्द कर देना चाहिए। यही बुद्धिमानी और सही रवैया है। एक दावेदार को अपना काम करना चाहिए — सत्य पहुँचाना — और फिर परिणाम अल्लाह पर छोड़ देना चाहिए। अल्लाह ही न्याय करने वाला है, और उसका न्याय कभी गलत नहीं होता। यही वह रास्ता है जो दिल को सुकून देता है और इंसान को बेकार के झगड़ों से बचाता है। इसलिए हमें भी चाहिए कि जब कोई हमसे हठपूर्वक झगड़ा करे, तो हम उसे नसीहत करें और फिर अल्लाह पर भरोसा करके अपना रास्ता अलग कर लें। यही ईमानवालों की शान है।
📜 आयत 66-70 — अल-हज
अनुवाद — अल-हज 68
सूरा अल-हज आयत 68 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक तुम सीधे रास्ते पर हो और अगर (इस पर…सूरा आयत 68/78 — अल-हज الحج (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हज सुनें, अल-हज अनुवाद, अल-हज mp3, अल-हज pdf. आयत 66–70. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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