अल-हज · 68/78
अनुवाद उच्चारण — अल-हज
وَإِن جَادَلُوكَ فَقُلِ اللَّهُ أَعْلَمُ بِمَا تَعْمَلُونَ ۝٦٨
Wa in jaadalooka faqulil laahu a`lamu bimaa ta`maloon
📖 हिंदी अर्थ
बेशक तुम सीधे रास्ते पर हो और अगर (इस पर भी) लोग तुमसे झगड़ा करें तो तुक कह दो कि जो कुछ तुम कर रहे हो खुदा उससे खूब वाक़िफ़ है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • جَادَلُوكَ — अर्थात यदि वे आपसे झगड़ा करें, हठपूर्वक तर्क-वितर्क करें।
  • اللَّهُ أَعْلَمُ — अल्लाह सबसे अधिक जानने वाला है।
  • بِمَا تَعْمَلُونَ — उस (कर्म) को जो तुम करते हो।

तफ़सीर:

यदि ये लोग सत्य स्पष्ट हो जाने के बाद भी आपसे हठ और ज़िद के साथ झगड़ा करें, और अपनी बातिल दलीलों से सत्य को झुठलाने की कोशिश करें, तो आप उनसे बहस-मुबाहिसा न करें। क्योंकि जिस व्यक्ति के सामने सत्य स्पष्ट हो जाए और फिर भी वह उसे न माने, उसके साथ तर्क-वितर्क करना बेकार है। ऐसी स्थिति में आप उनसे केवल यह कहें: "अल्लाह ही बेहतर जानता है कि तुम क्या कर रहे हो।" यह कहना उनके लिए एक चेतावनी और धमकी है, क्योंकि अल्लाह तआला उनके सभी कर्मों को देख रहा है, और उनके कुकर्मों, झूठ और हठधर्मिता से पूरी तरह अवगत है। वह उन्हें उनके किए का पूरा बदला देगा।

यह आयत हमें सिखाती है कि जब सत्य स्पष्ट हो जाए और सामने वाला फिर भी हठ करे, तो उससे बहस करना छोड़ देना चाहिए और मामला अल्लाह के सुपुर्द कर देना चाहिए। यही बुद्धिमानी और सही रवैया है। एक दावेदार को अपना काम करना चाहिए — सत्य पहुँचाना — और फिर परिणाम अल्लाह पर छोड़ देना चाहिए। अल्लाह ही न्याय करने वाला है, और उसका न्याय कभी गलत नहीं होता। यही वह रास्ता है जो दिल को सुकून देता है और इंसान को बेकार के झगड़ों से बचाता है। इसलिए हमें भी चाहिए कि जब कोई हमसे हठपूर्वक झगड़ा करे, तो हम उसे नसीहत करें और फिर अल्लाह पर भरोसा करके अपना रास्ता अलग कर लें। यही ईमानवालों की शान है।

🎧 सुनें

📜 आयत 66-70 — अल-हज

66وَهُوَ الَّذِي أَحْيَاكُمْ ثُمَّ يُمِيتُكُمْ ثُمَّ يُحْيِيكُمْ ۗ إِنَّ الْإِنسَانَ لَكَفُورٌ
और वही तो क़ादिर मुत्तलिक़ है जिसने तुमको (पहली बार माँ के पेट में) जिला उठाया फिर वही तुमको मार डालेगा फिर वही तुमको दोबारा ज़िन्दगी देगा
67لِّكُلِّ أُمَّةٍ جَعَلْنَا مَنسَكًا هُمْ نَاسِكُوهُ ۖ فَلَا يُنَازِعُنَّكَ فِي الْأَمْرِ ۚ وَادْعُ إِلَىٰ رَبِّكَ ۖ إِنَّكَ لَعَلَىٰ هُدًى مُّسْتَقِيمٍ
इसमें शक नहीं कि इन्सान बड़ा ही नाशुक्रा है (ऐ रसूल) हमने हर उम्मत के वास्ते एक तरीक़ा मुक़र्रर कर दिया कि वह इस पर चलते हैं फिर तो उन्हें इस दीन (इस्लाम) में तुम से झगड़ा न करना चाहिए और तुम (लोगों को) अपने परवरदिगार की तरफ बुलाए जाओ
68وَإِن جَادَلُوكَ فَقُلِ اللَّهُ أَعْلَمُ بِمَا تَعْمَلُونَ
बेशक तुम सीधे रास्ते पर हो और अगर (इस पर भी) लोग तुमसे झगड़ा करें तो तुक कह दो कि जो कुछ तुम कर रहे हो खुदा उससे खूब वाक़िफ़ है
69اللَّهُ يَحْكُمُ بَيْنَكُمْ يَوْمَ الْقِيَامَةِ فِيمَا كُنتُمْ فِيهِ تَخْتَلِفُونَ
जिन बातों में तुम बाहम झगड़ा करते थे क़यामत के दिन ख़ुदा तुम लोगों के दरमियान (ठीक) फ़ैसला कर देगा
70أَلَمْ تَعْلَمْ أَنَّ اللَّهَ يَعْلَمُ مَا فِي السَّمَاءِ وَالْأَرْضِ ۗ إِنَّ ذَٰلِكَ فِي كِتَابٍ ۚ إِنَّ ذَٰلِكَ عَلَى اللَّهِ يَسِيرٌ
(ऐ रसूल) क्या तुम नहीं जानते कि जो कुछ आसमान और ज़मीन में है खुदा यक़ीनन जानता है उसमें तो शक नहीं कि ये सब (बातें) किताब (लौहे महफूज़) में (लिखी हुईमौजूद) हैं
अल-हजकुरान सूची
78आयत
मदनीRevelation
68आयत

अनुवाद — अल-हज 68

सूरा अल-हज आयत 68 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक तुम सीधे रास्ते पर हो और अगर (इस पर…

सूरा आयत 68/78 — अल-हज الحج (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हज सुनें, अल-हज अनुवाद, अल-हज mp3, अल-हज pdf. आयत 66–70. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए