अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَحْكُمُ: न्याय करेगा, फैसला सुनाएगा।
- تَخْتَلِفُونَ: तुम विवाद करते थे, मतभेद रखते थे।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में अपने बंदों को बता रहे हैं कि जो लोग दुनिया में धर्म के मामले में झगड़ते हैं, एक दूसरे को गुमराह कहते हैं, और अपनी जिद्द और हठधर्मी पर अड़े रहते हैं, उनके इस विवाद का अंतिम फैसला अल्लाह ही करेगा। यह फैसला क़यामत के दिन होगा, जब हर इंसान को उसके कर्मों का पूरा-पूरा बदला मिलेगा।
यह आयत मुसलमानों को एक बहुत ही सुंदर शिक्षा देती है — कि जब कोई व्यक्ति हठधर्मिता और अहंकार के कारण झगड़ा करे, तो उसका सबसे अच्छा उत्तर यही है कि उसे अल्लाह के फैसले की ओर टाल दिया जाए। क्योंकि दुनिया में तर्क-वितर्क से अक्सर सच्चाई नहीं निकलती, बल्कि जिद और बहस बढ़ती है। लेकिन क़यामत का दिन वह दिन होगा जब सारे पर्दे उठ जाएंगे, और हर व्यक्ति को साफ़-साफ़ दिख जाएगा कि सच्चाई क्या थी और झूठ क्या था।
इस आयत में एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि अल्लाह तआला ने यहाँ मुसलमानों को सिखाया है कि जब वे किसी झगड़ालू और हठधर्म व्यक्ति से सामना करें, तो उन्हें घबराना नहीं चाहिए और न ही उसी की तरह ज़ोर-ज़बरदस्ती से जवाब देना चाहिए। बल्कि उन्हें यह कहना चाहिए कि "अल्लाह ही हमारे और तुम्हारे बीच फैसला करेगा।" यह एक बहुत ही उच्च स्तर की शालीनता और बुद्धिमानी है, जो इस्लाम हमें सिखाता है।
दावत और नसीहत:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें याद दिलाती है कि इस दुनिया में हम जो भी करते हैं, वह अकारण नहीं जाता। अल्लाह तआला न्याय का पूर्ण स्वामी है। जो लोग सच्चाई पर हैं, उन्हें किसी की जिद और झूठ से डरने की ज़रूरत नहीं। क़यामत का दिन आएगा और अल्लाह हर एक का हिसाब लेगा — चाहे वह कितना ही बड़ा विद्वान हो, चाहे कितना ही ताकतवर हो, चाहे कितना ही अमीर हो। सबको अल्लाह के सामने खड़ा होना है।
इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने धर्म को समझें, सच्चाई पर स्थिर रहें, और बहस-झगड़े से बचें। क्योंकि सच्चाई को छिपाने वाले और जानबूझकर झूठ पर अड़े रहने वाले लोग क़यामत के दिन शर्मिंदा होंगे, जबकि सच्चे मोमिनों को अल्लाह की रहमत और जन्नत की खुशखबरी मिलेगी। याद रखिए, अल्लाह का फैसला सबसे बेहतर और सबसे न्यायपूर्ण है। हमें उसी पर भरोसा रखना चाहिए और उसी की राह पर चलना चाहिए।
📜 आयत 67-71 — अल-हज
अनुवाद — अल-हज 69
सूरा अल-हज आयत 69 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिन बातों में तुम बाहम झगड़ा करते थे क़यामत के…सूरा आयत 69/78 — अल-हज الحج (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हज सुनें, अल-हज अनुवाद, अल-हज mp3, अल-हज pdf. आयत 67–71. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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