अल-हज · 70/78
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-हज
أَلَمْ تَعْلَمْ أَنَّ اللَّهَ يَعْلَمُ مَا فِي السَّمَاءِ وَالْأَرْضِ ۗ إِنَّ ذَٰلِكَ فِي كِتَابٍ ۚ إِنَّ ذَٰلِكَ عَلَى اللَّهِ يَسِيرٌ ۝٧٠
Alam ta`lam annal laaha ya`lamu maa fis samaaa`i wal ard; inna zaalika fee kitaab; inna zaalika `alal laahi yaseer
📖 हिंदी अर्थ
(ऐ रसूल) क्या तुम नहीं जानते कि जो कुछ आसमान और ज़मीन में है खुदा यक़ीनन जानता है उसमें तो शक नहीं कि ये सब (बातें) किताब (लौहे महफूज़) में (लिखी हुईमौजूद) हैं

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • अलम त'लम – क्या तुमने नहीं जाना?
  • य'लमु – वह जानता है।
  • मा फ़िस्समा-वाति वल-अर्द – जो कुछ आसमानों और ज़मीन में है।
  • फ़ी किताब – (वह) एक किताब (लौह-ए-महफ़ूज़) में (दर्ज) है।
  • यसीर – आसान, सहज।

तफ़सीर:

ऐ नबी! क्या तुम्हें यह मालूम नहीं कि अल्लाह तआला को उस हर चीज़ का पूरा-पूरा इल्म है जो आसमानों में है और जो ज़मीन में है? उसके ज्ञान से कोई चीज़ छिपी नहीं है—ना छोटी, ना बड़ी, ना ज़मीन की गहराइयों में, ना आसमान की बुलंदियों में। यह सारा इल्म उसके पास एक सुरक्षित किताब (लौह-ए-महफ़ूज़) में दर्ज है, जिसमें हर चीज़ का हिसाब-किताब मुक़र्रर कर दिया गया है। और अल्लाह के लिए यह सब कुछ बिल्कुल आसान है—उसके लिए कोई चीज़ मुश्किल नहीं, क्योंकि वही सब कुछ पैदा करने वाला और सब कुछ जानने वाला है।

यह आयत हमें अल्लाह के इल्म की असीमित गहराई का एहसास कराती है। जब हमें यक़ीन हो जाए कि अल्लाह हर चीज़ जानता है—हमारे दिल की बातें, हमारे छिपे इरादे, हमारे अच्छे और बुरे कर्म—तो हमारे अंदर अल्लाह का ख़ौफ़ पैदा होता है और हमें एहसास होता है कि हम अकेले नहीं हैं। अल्लाह हमेशा हमारे साथ है, हमें देख रहा है और हमारे हर अमल का हिसाब रख रहा है।

यह आयत हमें तसल्ली भी देती है कि अल्लाह का इल्म और उसका इंसाफ़ कभी कम नहीं होता। जो लोग ज़ुल्म करते हैं और सोचते हैं कि वे बच जाएँगे, वे भूल जाते हैं कि अल्लाह का इल्म हर चीज़ पर हावी है। और जो लोग नेकी करते हैं, उनके लिए यह ख़ुशख़बरी है कि उनका हर अच्छा काम अल्लाह के पास दर्ज है और उन्हें उसका पूरा इनाम मिलेगा।

अल्लाह के इल्म का यह एहसास हमें ज़िंदगी की हर मुश्किल में सब्र और भरोसा देता है। जब हम जानते हैं कि अल्लाह सब कुछ जानता है और उसके लिए सब कुछ आसान है, तो हम उसी पर भरोसा करते हैं और उसी से मदद माँगते हैं। यही ईमान की असली मिठास है—यह जानना कि हमारा रब सब कुछ सुनता है, सब कुछ देखता है और सब कुछ जानता है।



📜 आयत 68-72 — सूरा अल-हज

68وَإِن جَادَلُوكَ فَقُلِ اللَّهُ أَعْلَمُ بِمَا تَعْمَلُونَ
बेशक तुम सीधे रास्ते पर हो और अगर (इस पर भी) लोग तुमसे झगड़ा करें तो तुक कह दो कि जो कुछ तुम कर रहे हो खुदा उससे खूब वाक़िफ़ है
69اللَّهُ يَحْكُمُ بَيْنَكُمْ يَوْمَ الْقِيَامَةِ فِيمَا كُنتُمْ فِيهِ تَخْتَلِفُونَ
जिन बातों में तुम बाहम झगड़ा करते थे क़यामत के दिन ख़ुदा तुम लोगों के दरमियान (ठीक) फ़ैसला कर देगा
70أَلَمْ تَعْلَمْ أَنَّ اللَّهَ يَعْلَمُ مَا فِي السَّمَاءِ وَالْأَرْضِ ۗ إِنَّ ذَٰلِكَ فِي كِتَابٍ ۚ إِنَّ ذَٰلِكَ عَلَى اللَّهِ يَسِيرٌ
(ऐ रसूल) क्या तुम नहीं जानते कि जो कुछ आसमान और ज़मीन में है खुदा यक़ीनन जानता है उसमें तो शक नहीं कि ये सब (बातें) किताब (लौहे महफूज़) में (लिखी हुईमौजूद) हैं
71وَيَعْبُدُونَ مِن دُونِ اللَّهِ مَا لَمْ يُنَزِّلْ بِهِ سُلْطَانًا وَمَا لَيْسَ لَهُم بِهِ عِلْمٌ ۗ وَمَا لِلظَّالِمِينَ مِن نَّصِيرٍ
बेशक ये (सब कुछ) खुदा पर आसान है और ये लोग खुदा को छोड़कर उन लोगों की इबादत करते हैं जिनके लिए न तो ख़ुदा ही ने कोई सनद नाज़िल की है और न उस (के हक़ होने) का खुद उन्हें इल्म है और क़यामत में तो ज़ालिमों का कोई मददगार भी नहीं होगा
72وَإِذَا تُتْلَىٰ عَلَيْهِمْ آيَاتُنَا بَيِّنَاتٍ تَعْرِفُ فِي وُجُوهِ الَّذِينَ كَفَرُوا الْمُنكَرَ ۖ يَكَادُونَ يَسْطُونَ بِالَّذِينَ يَتْلُونَ عَلَيْهِمْ آيَاتِنَا ۗ قُلْ أَفَأُنَبِّئُكُم بِشَرٍّ مِّن ذَٰلِكُمُ ۗ النَّارُ وَعَدَهَا اللَّهُ الَّذِينَ كَفَرُوا ۖ وَبِئْسَ الْمَصِيرُ
और (ऐ रसूल) जब हमारी वाज़ेए व रौशन आयतें उनके सामने पढ़ कर सुनाई जाती हैं तो तुम (उन) काफिरों के चेहरों पर नाखुशी के (आसार) देखते हो (यहाँ तक कि) क़रीब होता है कि जो लोग उनको हमारी आयातें पढ़कर सुनाते हैं उन पर ये लोग हमला कर बैठे (ऐ रसूल) तुम कह दो (कि) तो क्या मैं तुम्हें इससे भी कहीं बदतर चीज़ बता दूँ (अच्छा) तो सुन लो वह जहन्नुम है जिसमें झोंकने का वायदा खुदा ने काफ़िरों से किया है
अल-हजकुरान सूची
78आयत
मदनीअवतरण स्थान
70आयत

अनुवाद — अल-हज 70

सूरा अल-हज आयत 70 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) क्या तुम नहीं जानते कि जो कुछ आसमान…

सूरा आयत 70/78 — सूरा अल-हज الحج (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हज सुनें, सूरा अल-हज अनुवाद, सूरा अल-हज mp3, सूरा अल-हज pdf. आयत 68–72. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Thursday, October 1, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए