अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- اغْفِرْ – क्षमा कर दे
- ارْحَمْ – दया कर
- خَيْرُ الرَّاحِمِينَ – सबसे अच्छा दया करने वाला
तफ़सीर:
ऐ नबी! आप कहिए: “ऐ मेरे रब! मेरे गुनाहों को माफ़ कर दे और मुझ पर रहम फ़रमा, और तू ही सबसे बेहतर रहम करने वाला है।”
यह दुआ हमें सिखाती है कि इंसान को चाहिए कि वह हमेशा अल्लाह से माफ़ी और रहमत की दरख्वास्त करे। अल्लाह तआला सबसे ज़्यादा रहम करने वाला है — उसकी रहमत माँ की रहमत से भी बढ़कर है, और इंसान की अपनी जान से भी ज़्यादा उसके साथ नेकी करने वाली है। जब कोई बंदा अपने गुनाहों पर पछतावा करके अल्लाह की तरफ़ लौटता है, तो अल्लाह उसे माफ़ कर देता है और उस पर रहम फ़रमाता है।
यह आयत हमें सिखाती है कि हमें अपनी कमज़ोरियों और गुनाहों का एहसास रखना चाहिए और हमेशा अल्लाह से दुआ करते रहना चाहिए। अल्लाह की रहमत की कोई हद नहीं — वह हर उस बंदे को माफ़ कर देता है जो सच्चे दिल से तौबा करता है। यह दुआ हमारे लिए रहमत का दरवाज़ा खोलती है और हमें अल्लाह के क़रीब लाती है।
इसलिए हमें भी इस दुआ को अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बनाना चाहिए और हर वक़्त अल्लाह से माफ़ी और रहमत की दरख्वास्त करते रहना चाहिए, क्योंकि अल्लाह ही सबसे बेहतर रहम करने वाला है और उसकी रहमत से ही हमें जन्नत मिलेगी।
📜 आयत 116-118 — अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 118
सूरा अल-मोमिनुन आयत 118 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) तुम कह दो परवरदिगार तू (मेरी उम्मत…सूरा आयत 118/118 — अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मोमिनुन सुनें, अल-मोमिनुन अनुवाद, अल-मोमिनुन mp3, अल-मोमिनुन pdf. आयत 116–118. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








