Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- رَبِّ (रब्बी): मेरे पालनहार
- انصُرْنِي (उन्सुरनी): मेरी सहायता कर
- بِمَا كَذَّبُونِ (बिमा कज़्ज़बूनी): इसलिए कि उन्होंने मुझे झुठलाया
तफ़सीर (व्याख्या):
हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) ने जब अपनी क़ौम को सच्चाई की ओर बुलाने में नौ सौ पचास साल बिता दिए, और उनकी क़ौम ने हर तरह से उन्हें झुठलाया, मज़ाक उड़ाया और उनकी नसीहतों को ठुकराया, तो उन्होंने अपने रब की दरगाह में यह दुआ की। यह दुआ उस समय की है जब उन्हें अपनी क़ौम के ईमान लाने से पूरी तरह मायूसी हो चुकी थी।
उन्होंने कहा: "ऐ मेरे पालनहार! मेरी सहायता कर, मुझ पर विजय प्रदान कर, क्योंकि इन लोगों ने मुझे झुठलाया है।" यानी उन्होंने अल्लाह से यह नहीं माँगा कि उन्हें दुनिया का ख़ज़ाना मिले या कोई सांसारिक लाभ हो, बल्कि उन्होंने सिर्फ़ अल्लाह की मदद और उसकी तरफ़ से इंसाफ़ की फ़रियाद की। यह इस बात का सबूत है कि नबी और रसूल अपनी क़ौम के अत्याचारों के बावजूद अल्लाह के दीन की ख़ातिर ही सब्र करते हैं और अपने रब से मदद माँगते हैं।
इस आयत में हमारे लिए सबसे बड़ा सबक़ यह है कि जब इंसान सच्चाई पर हो और उसे अपनी क़ौम की तरफ़ से झुठलाया जाए, तो उसे घबराना नहीं चाहिए, बल्कि अल्लाह की तरफ़ रुजू करना चाहिए। अल्लाह ही सबसे बड़ा सहायक है और वही अपने सच्चे बंदों की मदद करता है। हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) की यह दुआ हमें सिखाती है कि कठिन से कठिन हालात में भी अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए और उसी से मदद माँगनी चाहिए।
यह दुआ हमें यह भी बताती है कि अल्लाह के नबी भी जब अपनी क़ौम के इनकार से तंग आ जाते हैं, तो वे अल्लाह की दरगाह में फ़रियाद करते हैं। और अल्लाह ने इस दुआ को क़बूल करके नूह (अलैहिस्सलाम) को उनके दुश्मनों पर विजय दी और उनकी क़ौम के ज़ालिमों को हमेशा के लिए ख़त्म कर दिया। यह उन लोगों के लिए सबसे बड़ी नसीहत है जो सच्चाई को झुठलाते हैं और नबियों की शिक्षाओं का मज़ाक उड़ाते हैं।
📜 आयत 24-28 — सूरा अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 26
सूरा अल-मोमिनुन आयत 26 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : नूह ने (ये बातें सुनकर) दुआ की ऐ मेरे पलने…सूरा आयत 26/118 — सूरा अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मोमिनुन सुनें, सूरा अल-मोमिनुन अनुवाद, सूरा अल-मोमिनुन mp3, सूरा अल-मोमिनुन pdf. आयत 24–28. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-मोमिनुन
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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