अल-मोमिनुन · 79/118
अनुवाद उच्चारण — अल-मोमिनुन
وَهُوَ الَّذِي ذَرَأَكُمْ فِي الْأَرْضِ وَإِلَيْهِ تُحْشَرُونَ ۝٧٩
Wa Huwal lazee zara akum fil ardi wa ilaihi tuhsharoon
📖 हिंदी अर्थ
और वह वही (ख़ुदा) है जिसने तुम को रुए ज़मीन में (हर तरफ) फैला दिया और फिर (एक दिन) सब के सब उसी के सामने इकट्ठे किये जाओगे
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • ذَرَأَكُمْ: तुम्हें पैदा किया, फैलाया और बसाया।
  • تُحْشَرُونَ: एकत्र किए जाओगे, उठाए जाओगे (क़ियामत के दिन)।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ही वह (सर्वशक्तिमान) है जिसने तुम सब इंसानों को इस धरती पर पैदा किया और तुम्हें यहाँ फैलाकर बसाया। उसने ही तुम्हें अस्तित्व दिया, तुम्हारी रचना की और तुम्हें इस ज़मीन पर रहने की ताक़त व साधन प्रदान किए। यह उसकी रहमत और क़ुदरत की निशानी है कि उसने अरबों-खरबों लोगों को अलग-अलग समय में पैदा करके इस क़दर फैलाया कि कोई उन्हें गिन नहीं सकता।

फिर इसी अल्लाह की तरफ़ तुम सबको एक दिन लौटना है — क़ियामत के दिन तुम सबको उसी के सामने हाज़िर होना है। वह तुम्हें दोबारा ज़िंदा करेगा, तुम्हारी कब्रों से उठाएगा और उस दिन तुम सब उसी की ओर एकत्र किए जाओगे। वहाँ वह तुम्हारे सभी अच्छे और बुरे कर्मों का हिसाब लेगा और हर एक को उसके किए का पूरा बदला देगा — नेकी का इनाम और गुनाह की सज़ा।

यह आयत हमें दो बड़ी सच्चाइयों की याद दिलाती है: पहली — हमारा पैदा करने वाला अकेला अल्लाह है, इसलिए हमें सिर्फ़ उसी की इबादत करनी चाहिए और उसी के आगे झुकना चाहिए। दूसरी — यह ज़िंदगी आख़िरी नहीं है, बल्कि एक दिन हमें उसी की तरफ़ लौटकर जाना है और अपने आमाल का हिसाब देना है। यह यक़ीन इंसान को गुनाहों से रोकता है और नेक कामों की तरफ़ राग़िब करता है।

दावती पहलू:

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह ने हमें इस धरती पर एक मक़सद के साथ भेजा है — ताकि हम उसकी इबादत करें, उसके हुक्मों पर चलें और एक दूसरे के साथ भलाई करें। जिस दिन हम उसके सामने हाज़िर होंगे, उस दिन हमारे पास कोई सहारा नहीं होगा सिवाय हमारे नेक आमाल के। इसलिए आज ही से हमें अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ ढालना चाहिए, ताकि उस दिन हम कामयाबी पा सकें। अल्लाह बड़ा मेहरबान और रहम करने वाला है — जो कोई भी उसकी तरफ़ रुजू करेगा, वह उसे माफ़ कर देगा और जन्नत की नेमतों से नवाज़ेगा।

🎧 सुनें

📜 आयत 77-81 — अल-मोमिनुन

77حَتَّىٰ إِذَا فَتَحْنَا عَلَيْهِم بَابًا ذَا عَذَابٍ شَدِيدٍ إِذَا هُمْ فِيهِ مُبْلِسُونَ
यहाँ तक कि जब हमने उनके सामने एक सख्त अज़ाब का दरवाज़ा खोल दिया तो उस वक्त फ़ौरन ये लोग बेआस होकर बैठ रहे
78وَهُوَ الَّذِي أَنشَأَ لَكُمُ السَّمْعَ وَالْأَبْصَارَ وَالْأَفْئِدَةَ ۚ قَلِيلًا مَّا تَشْكُرُونَ
हालाँकि वही वह (मेहरबान खुदा) है जिसने तुम्हारे लिए कान और ऑंखें और दिल पैदा किये (मगर) तुम लोग हो ही बहुत कम शुक्र करने वाले
79وَهُوَ الَّذِي ذَرَأَكُمْ فِي الْأَرْضِ وَإِلَيْهِ تُحْشَرُونَ
और वह वही (ख़ुदा) है जिसने तुम को रुए ज़मीन में (हर तरफ) फैला दिया और फिर (एक दिन) सब के सब उसी के सामने इकट्ठे किये जाओगे
80وَهُوَ الَّذِي يُحْيِي وَيُمِيتُ وَلَهُ اخْتِلَافُ اللَّيْلِ وَالنَّهَارِ ۚ أَفَلَا تَعْقِلُونَ
और वही वह (ख़ुदा) है जो जिलाता और मारता है कि और रात दिन का फेर बदल भी उसी के एख्तियार में है तो क्या तुम (इतना भी) नहीं समझते
81بَلْ قَالُوا مِثْلَ مَا قَالَ الْأَوَّلُونَ
(इन बातों को समझें ख़ाक नहीं) बल्कि जो अगले लोग कहते आए वैसी ही बात ये भी कहने लगे
अल-मोमिनुनकुरान सूची
118आयत
मक्कीRevelation
79आयत

अनुवाद — अल-मोमिनुन 79

सूरा अल-मोमिनुन आयत 79 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वह वही (ख़ुदा) है जिसने तुम को रुए ज़मीन…

सूरा आयत 79/118 — अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मोमिनुन सुनें, अल-मोमिनुन अनुवाद, अल-मोमिनुन mp3, अल-मोमिनुन pdf. आयत 77–81. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए