Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُحْيِي (जिलाता है): जीवन प्रदान करता है, निर्जीव से सजीव बनाता है।
- يُمِيتُ (मारता है): मृत्यु देता है, जीवन समाप्त करता है।
- اخْتِلَافُ (अंतर/बदलाव): एक दूसरे की जगह लेना, क्रमिक परिवर्तन।
- اللَّيْلِ وَالنَّهَارِ (रात और दिन): अंधकार और प्रकाश की अवधि।
तफसीर (व्याख्या):
वही अकेला अल्लाह है जो जीवन देता है और मृत्यु देता है। उसके सिवा कोई जीवन देने वाला नहीं, और न ही उसके सिवा कोई मौत देने वाला है। यही नहीं, रात और दिन के आने-जाने का क्रम, उनकी लंबाई और छोटाई, अंधकार और प्रकाश का बदलाव—यह सब उसी के इशारे पर चलता है। कभी रात लंबी होती है तो दिन छोटा, कभी दिन लंबा होता है तो रात छोटी। यह नियमित बदलाव किसी यादृच्छिक घटना का परिणाम नहीं, बल्कि एक महान रचयिता की योजना का प्रमाण है।
क्या तुम लोग इतना भी नहीं सोचते? क्या तुम्हारी अक्ल इन स्पष्ट निशानियों को देखकर यह निष्कर्ष नहीं निकालती कि यह सब एक सर्वशक्तिमान और सर्वज्ञ प्रभु का कार्य है? जो व्यक्ति जीवन और मृत्यु पर नियंत्रण रखता है, और रात-दिन के इस विशाल तंत्र को चलाता है, वही तो पूजा के योग्य है। यह सृष्टि का प्रमाण है कि उसकी शक्ति असीम है और उसकी बुद्धि अद्वितीय है।
दावत (आमंत्रण):
ऐ इंसान! जरा अपनी आँखें खोलो और अपने चारों ओर देखो। हर सुबह और हर शाम में अल्लाह की कुदरत का एक नया सबक छिपा है। जब तुम देखते हो कि रात के बाद दिन आता है, और दिन के बाद रात, तो समझो कि यह अल्लाह ही है जो इन्हें बदल रहा है। यही अल्लाह तुम्हें जीवन देता है, और यही तुम्हें मौत देगा। फिर क्यों न तुम उसी की इबादत करो? क्यों न तुम उसी के आगे सिर झुकाओ? यह कितनी बड़ी भूल है कि इंसान इन निशानियों को देखकर भी गाफिल रहे, और उस रचयिता को भूल जाए जिसने यह सब बनाया है। अल्लाह की रहमत और कुदरत पर विश्वास करो, और उसकी इबादत में अपनी जिंदगी बिताओ—यही तुम्हारी सफलता का रास्ता है।
📜 आयत 78-82 — सूरा अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 80
सूरा अल-मोमिनुन आयत 80 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वही वह (ख़ुदा) है जो जिलाता और मारता है…सूरा आयत 80/118 — सूरा अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मोमिनुन सुनें, सूरा अल-मोमिनुन अनुवाद, सूरा अल-मोमिनुन mp3, सूरा अल-मोमिनुन pdf. आयत 78–82. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-मोमिनुन
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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