अल-मोमिनुन · 91/118
अनुवाद उच्चारण — अल-मोमिनुन
مَا اتَّخَذَ اللَّهُ مِن وَلَدٍ وَمَا كَانَ مَعَهُ مِنْ إِلَٰهٍ ۚ إِذًا لَّذَهَبَ كُلُّ إِلَٰهٍ بِمَا خَلَقَ وَلَعَلَا بَعْضُهُمْ عَلَىٰ بَعْضٍ ۚ سُبْحَانَ اللَّهِ عَمَّا يَصِفُونَ ۝٩١
Mat takhazal laahu minw waladinw wa maa kaana ma`ahoo min ilaah; izal lazahaba kullu ilaahim bimaa khalaqa wa la`alaa ba`duhum `alaa ba`d; Subhaannal laahi `ammaa yasifoon
📖 हिंदी अर्थ
न तो अल्लाह ने किसी को (अपना) बेटा बनाया है और न उसके साथ कोई और ख़ुदा है (अगर ऐसा होता) उस वक्त हर खुदा अपने अपने मख़लूक़ को लिए लिए फिरता और यक़ीनन एक दूसरे पर चढ़ाई करता

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • مَا اتَّخَذَ – नहीं बनाया, नहीं अपनाया
  • وَلَدٍ – संतान, बेटा
  • إِلَٰهٍ – पूज्य, माबूद (यहाँ शरीक के अर्थ में)
  • لَذَهَبَ – तो चला जाता, अपने साथ ले जाता
  • وَلَعَلَا – और ऊँचा होता, ग़ालिब आने की कोशिश करता
  • سُبْحَانَ – पाक है, तंज़ीह (हर ऐब से पाक)

तफ़सीर:

अल्लाह तआला ने अपनी पाक ज़ात के लिए किसी को संतान नहीं बनाया, और न ही उसके साथ कोई दूसरा माबूद है। यह बात उन लोगों के जवाब में है जो अल्लाह के लिए बेटा या शरीक तस्लीम करते थे। अगर फ़रज़न ऐसा होता कि अल्लाह के साथ कोई और माबूद होता, तो हर माबूद अपनी मख़लूक़ात (पैदा की हुई चीज़ों) को लेकर अलग हो जाता और अपनी ख़िल्क़त को दूसरे के हवाले नहीं करता। फिर उनके दरमियान ग़ालिब आने की कोशिश और ऊँचाई हासिल करने की जद्दोजहद होती, जैसा कि दुनिया के बादशाहों का हाल होता है। इसका नतीजा यह होता कि पूरे काएनात का निज़ाम बिगड़ जाता, और हर तरफ़ अराजकता फैल जाती।

लेकिन हम देखते हैं कि यह काएनात बड़े नियम और तरतीब के साथ चल रही है, सूरज, चाँद, सितारे, ज़मीन और आसमान — सब एक ही निज़ाम के पाबंद हैं। यही सबूत है कि इस काएनात का मालिक और माबूद सिर्फ एक ही है — अल्लाह। वह हर उस बात से पाक है जो मुशरिकीन उसके बारे में कहते हैं, चाहे वह शरीक हो या संतान। अल्लाह की ज़ात हर ऐब, हर कमी और हर उस चीज़ से मुबर्रा है जो उसके शान के ख़िलाफ़ है।

यह आयत हमें सिखाती है कि तौहीद (एकेश्वरवाद) ही इस काएनात की बुनियाद है। जिस तरह एक बादशाह ही अपनी सल्तनत का मालिक होता है, उसी तरह अल्लाह तआला अकेला इस पूरी काएनात का मालिक और माबूद है। हमें चाहिए कि अपनी ज़िंदगी के हर मामले में सिर्फ अल्लाह को ही माबूद और मददगार बनाएँ, और उसके साथ किसी को शरीक न करें। यही वह पैग़ाम है जो हर नबी लेकर आया, और यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी तक पहुँचाता है।



📜 आयत 89-93 — अल-मोमिनुन

89سَيَقُولُونَ لِلَّهِ ۚ قُلْ فَأَنَّىٰ تُسْحَرُونَ
तो ये लोग फौरन बोल उठेंगे कि (सब एख्तेयार) ख़ुदा ही को है- अब तुम कह दो कि तुम पर जादू कहाँ किया जाता है
90بَلْ أَتَيْنَاهُم بِالْحَقِّ وَإِنَّهُمْ لَكَاذِبُونَ
बात ये है कि हमने उनके पास हक़ बात पहुँचा दी और ये लोग यक़ीनन झूठे हैं
91مَا اتَّخَذَ اللَّهُ مِن وَلَدٍ وَمَا كَانَ مَعَهُ مِنْ إِلَٰهٍ ۚ إِذًا لَّذَهَبَ كُلُّ إِلَٰهٍ بِمَا خَلَقَ وَلَعَلَا بَعْضُهُمْ عَلَىٰ بَعْضٍ ۚ سُبْحَانَ اللَّهِ عَمَّا يَصِفُونَ
न तो अल्लाह ने किसी को (अपना) बेटा बनाया है और न उसके साथ कोई और ख़ुदा है (अगर ऐसा होता) उस वक्त हर खुदा अपने अपने मख़लूक़ को लिए लिए फिरता और यक़ीनन एक दूसरे पर चढ़ाई करता
92عَالِمِ الْغَيْبِ وَالشَّهَادَةِ فَتَعَالَىٰ عَمَّا يُشْرِكُونَ
(और ख़ूब जंग होती) जो जो बाते ये लोग (ख़ुदा की निस्बत) बयान करते हैं उस से ख़ुदा पाक व पाकीज़ा है वह पोशीदा और हाज़िर (सबसे) खुदा वाक़िफ है ग़रज़ वह उनके शिर्क से (बिल्कुल पाक और) बालातर है
93قُل رَّبِّ إِمَّا تُرِيَنِّي مَا يُوعَدُونَ
(ऐ रसूल) तुम दुआ करो कि ऐ मेरे पालने वाले जिस (अज़ाब) का तूने उनसे वायदा किया है अगर शायद तू मुझे दिखाए
अल-मोमिनुनकुरान सूची
118आयत
मक्कीRevelation
91आयत

अनुवाद — अल-मोमिनुन 91

सूरा अल-मोमिनुन आयत 91 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : न तो अल्लाह ने किसी को (अपना) बेटा बनाया है…

सूरा आयत 91/118 — अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मोमिनुन सुनें, अल-मोमिनुन अनुवाद, अल-मोमिनुन mp3, अल-मोमिनुन pdf. आयत 89–93. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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