अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- بِالْحَقِّ: सत्य के साथ, पूर्ण सत्यता और यथार्थता के साथ।
- لَكَاذِبُونَ: निश्चय ही वे झूठे हैं।
तफ़सीर:
यानी हालात कुछ और ही हैं, जैसा वे (मक्का के मुशरिकीन) समझते या दावा करते हैं। सच्चाई यह है कि हमने उनके पास सत्य (हक़) भेजा — यानी मुहम्मद (ﷺ) को सच्चे दीन और स्पष्ट सत्य के साथ भेजा, जिसमें कोई संदेह नहीं। यह सत्य उनके मिथ्या विचारों, झूठे देवताओं और बातिल अक़ीदों का खंडन करता है। और वे जो अल्लाह के लिए साझीदार (शिर्क) ठहराते हैं, या यह दावा करते हैं कि अल्लाह की कोई संतान है, या पुनरुत्थान (आख़िरत) को झुठलाते हैं — ये सब उनके झूठ हैं। वे अपने इन दावों में बिल्कुल झूठे हैं, क्योंकि अल्लाह इन सब से पाक और उच्च है।
यह आयत हमें सिखाती है कि सत्य हमेशा स्पष्ट और प्रमाणित होता है, और असत्य चाहे कितना भी प्रबल क्यों न दिखे, अंततः वह मिथ्या ही होता है। जो लोग सत्य को ठुकराते हैं, वे वास्तव में अपने ही झूठ में उलझे रहते हैं। अल्लाह ने अपने रसूल (ﷺ) को जो सत्य दिया, वही सच्चाई है, और उसके आगे हर झूठ बेबस है। यह हमारे लिए एक बड़ी शिक्षा है कि हम सत्य को अपनाएँ, उस पर दृढ़ रहें, और किसी भी प्रकार के शिर्क या झूठे विश्वास से बचें। सत्य का मार्ग ही कल्याण का मार्ग है, और अल्लाह का दीन ही सच्चा दीन है। जो इस सत्य को स्वीकार कर ले, वह सफल है, और जो इसे झुठलाए, वह घाटे में रहेगा। अल्लाह हमें सत्य को समझने और उस पर चलने की तौफ़ीक़ दे।
📜 आयत 88-92 — अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 90
सूरा अल-मोमिनुन आयत 90 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बात ये है कि हमने उनके पास हक़ बात पहुँचा…सूरा आयत 90/118 — अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मोमिनुन सुनें, अल-मोमिनुन अनुवाद, अल-मोमिनुन mp3, अल-मोमिनुन pdf. आयत 88–92. हिंदी अर्थ: اردو.
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Wednesday, August 19, 2026
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