अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- हमज़ात – वसवसे (बुरे ख़यालात), उकसाहट, या शैतान के वार। यह 'हम्ज़' से है, जिसका अर्थ है दबाना या धकेलना। शैतान इंसान के दिल में बुरे ख़यालात डालकर उसे गुनाह की तरफ धकेलता है।
- शयातीन – शैतान (इब्लीस और उसकी औलाद)।
तफसीर:
अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को हिदायत दे रहे हैं कि वे दुआ करें: "ऐ मेरे रब! मैं तेरी पनाह चाहता हूँ शैतानों के वसवसों और बुरे ख़यालात से।" यह सिर्फ़ नबी ﷺ के लिए नहीं, बल्कि हर मोमिन के लिए एक सबक़ है कि वह हर वक़्त अल्लाह की पनाह माँगता रहे।
शैतान का हमला इंसान के दिल पर होता है — कभी वह बुरे ख़यालात डालता है, कभी नेक काम से रोकता है, कभी गुनाह की तरफ उकसाता है, और कभी इंसान के दिल में वसवसे डालकर उसे परेशान करता है। ये सब 'हमज़ात' हैं। इसलिए अल्लाह ने हमें सिखाया कि हम कहें: "ऐ रब! मैं तेरी पनाह चाहता हूँ इन शैतानी वसवसों से।"
यह दुआ हमें सिखाती है कि शैतान से लड़ने का असली हथियार अल्लाह की पनाह माँगना है। जब इंसान यह दुआ पढ़ता है, तो अल्लाह उसे शैतान के वसवसों से बचाता है। यही वजह है कि नबी ﷺ ने हमें बहुत सी दुआएँ सिखाई हैं जिनमें शैतान से पनाह माँगी जाती है — जैसे नमाज़ में, क़ुरआन पढ़ने से पहले, और ग़ुस्से के वक़्त।
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि हम अपनी ताक़त पर भरोसा न करें, बल्कि अल्लाह की पनाह माँगें। क्योंकि शैतान बहुत ताक़तवर दुश्मन है, और उसके वसवसों से बचना सिर्फ़ अल्लाह की मदद से ही मुमकिन है। यह दुआ हमारे दिल को साफ़ रखती है और हमें गुनाहों से बचाती है। अल्लाह हम सबको इस दुआ पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 95-99 — अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 97
सूरा अल-मोमिनुन आयत 97 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ये भी) दुआ करो कि ऐ मेरे पालने वाले…सूरा आयत 97/118 — अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मोमिनुन सुनें, अल-मोमिनुन अनुवाद, अल-मोमिनुन mp3, अल-मोमिनुन pdf. आयत 95–99. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








