अल-मोमिनुन · 97/118
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मोमिनुन
وَقُل رَّبِّ أَعُوذُ بِكَ مِنْ هَمَزَاتِ الشَّيَاطِينِ ۝٩٧
Wa qur Rabbi a`oozu bika min hamazaatish Shayaateen
📖 हिंदी अर्थ
और (ये भी) दुआ करो कि ऐ मेरे पालने वाले मै शैतान के वसवसों से तेरी पनाह माँगता हूँ

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • हमज़ात – वसवसे (बुरे ख़यालात), उकसाहट, या शैतान के वार। यह 'हम्ज़' से है, जिसका अर्थ है दबाना या धकेलना। शैतान इंसान के दिल में बुरे ख़यालात डालकर उसे गुनाह की तरफ धकेलता है।
  • शयातीन – शैतान (इब्लीस और उसकी औलाद)।

तफसीर:

अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को हिदायत दे रहे हैं कि वे दुआ करें: "ऐ मेरे रब! मैं तेरी पनाह चाहता हूँ शैतानों के वसवसों और बुरे ख़यालात से।" यह सिर्फ़ नबी ﷺ के लिए नहीं, बल्कि हर मोमिन के लिए एक सबक़ है कि वह हर वक़्त अल्लाह की पनाह माँगता रहे।

शैतान का हमला इंसान के दिल पर होता है — कभी वह बुरे ख़यालात डालता है, कभी नेक काम से रोकता है, कभी गुनाह की तरफ उकसाता है, और कभी इंसान के दिल में वसवसे डालकर उसे परेशान करता है। ये सब 'हमज़ात' हैं। इसलिए अल्लाह ने हमें सिखाया कि हम कहें: "ऐ रब! मैं तेरी पनाह चाहता हूँ इन शैतानी वसवसों से।"

यह दुआ हमें सिखाती है कि शैतान से लड़ने का असली हथियार अल्लाह की पनाह माँगना है। जब इंसान यह दुआ पढ़ता है, तो अल्लाह उसे शैतान के वसवसों से बचाता है। यही वजह है कि नबी ﷺ ने हमें बहुत सी दुआएँ सिखाई हैं जिनमें शैतान से पनाह माँगी जाती है — जैसे नमाज़ में, क़ुरआन पढ़ने से पहले, और ग़ुस्से के वक़्त।

इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि हम अपनी ताक़त पर भरोसा न करें, बल्कि अल्लाह की पनाह माँगें। क्योंकि शैतान बहुत ताक़तवर दुश्मन है, और उसके वसवसों से बचना सिर्फ़ अल्लाह की मदद से ही मुमकिन है। यह दुआ हमारे दिल को साफ़ रखती है और हमें गुनाहों से बचाती है। अल्लाह हम सबको इस दुआ पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 95-99 — सूरा अल-मोमिनुन

95وَإِنَّا عَلَىٰ أَن نُّرِيَكَ مَا نَعِدُهُمْ لَقَادِرُونَ
और (ऐ रसूल) हम यक़ीनन इस पर क़ादिर हैं कि जिस (अज़ाब) का हम उनसे वायदा करते हैं तुम्हें दिखा दें
96ادْفَعْ بِالَّتِي هِيَ أَحْسَنُ السَّيِّئَةَ ۚ نَحْنُ أَعْلَمُ بِمَا يَصِفُونَ
और बुरी बात के जवाब में ऐसी बात कहो जो निहायत अच्छी हो जो कुछ ये लोग (तुम्हारी निस्बत) बयान करते हैं उससे हम ख़ूब वाक़िफ हैं
97وَقُل رَّبِّ أَعُوذُ بِكَ مِنْ هَمَزَاتِ الشَّيَاطِينِ
और (ये भी) दुआ करो कि ऐ मेरे पालने वाले मै शैतान के वसवसों से तेरी पनाह माँगता हूँ
98وَأَعُوذُ بِكَ رَبِّ أَن يَحْضُرُونِ
और ऐ मेरे परवरदिगार इससे भी तेरी पनाह माँगता हूँ कि शयातीन मेरे पास आएँ
99حَتَّىٰ إِذَا جَاءَ أَحَدَهُمُ الْمَوْتُ قَالَ رَبِّ ارْجِعُونِ
(और कुफ्फ़ार तो मानेगें नहीं) यहाँ तक कि जब उनमें से किसी को मौत आयी तो कहने लगे परवरदिगार तू मुझे (एक बार) उस मुक़ाम (दुनिया) में छोड़ आया हूँ फिर वापस कर दे ताकि मै (अपकी दफ़ा) अच्छे अच्छे काम करूं
अल-मोमिनुनकुरान सूची
118आयत
मक्कीअवतरण स्थान
97आयत

अनुवाद — अल-मोमिनुन 97

सूरा अल-मोमिनुन आयत 97 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ये भी) दुआ करो कि ऐ मेरे पालने वाले…

सूरा आयत 97/118 — सूरा अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मोमिनुन सुनें, सूरा अल-मोमिनुन अनुवाद, सूरा अल-मोमिनुन mp3, सूरा अल-मोमिनुन pdf. आयत 95–99. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Thursday, October 1, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए