अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ثُبُورًا (सुबूरन): हलाकत, विनाश, तबाही। यहाँ इसका अर्थ है मौत या विनाश को पुकारना।
- وَاحِدًا (वाहिदन): एक बार।
- كَثِيرًا (कसीरन): बहुत बार, अनेकों बार।
तफसीर (व्याख्या):
उस दिन जब काफिरों को जहन्नम की आग में डाला जाएगा, तो वे हालात के बोझ से तिलमिला उठेंगे और चीख़-पुकार मचाएँगे। वे कहेंगे: "हाय! हमारी तबाही आ जाए, हम मर जाएँ, हमारा अंत हो जाए!" तब उन्हें फरिश्तों या अल्लाह की ओर से कहा जाएगा: "आज एक बार मौत या विनाश को मत पुकारो, बल्कि बहुत सारे विनाशों को पुकारो!"
यह बात उन्हें ताने के रूप में कही जाएगी, क्योंकि उनका अज़ाब इतना भयंकर और लगातार है कि एक मौत या एक विनाश से उन्हें राहत नहीं मिल सकती। उनके लिए तो कई तरह के अज़ाब हैं—आग, ज़हरीले पानी, जंज़ीरें, और तरह-तरह की यातनाएँ। हर पल उनके लिए एक नया विनाश है, हर घड़ी एक नई तबाही है। इसलिए वे जितनी बार भी मौत को पुकारें, उन्हें मौत नहीं आएगी, बल्कि उनका अज़ाब और बढ़ता जाएगा।
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह की नाफ़रमानी का अंजाम कितना भयानक है। जो लोग दुनिया में अल्लाह के हुक्मों को नहीं मानते, वे आख़िरत में ऐसी जगह पहुँचेंगे जहाँ मौत भी उनके काम नहीं आएगी।
लेकिन इसी के साथ यह आयत हमारे लिए एक नसीहत भी है—कि हमें अल्लाह की रहमत और माफ़ी का दामन थाम लेना चाहिए। दुनिया में हमारे पास तौबा का मौका है, हम अपने गुनाहों से बाज़ आ सकते हैं, अल्लाह से माफ़ी माँग सकते हैं। लेकिन उस दिन कोई मौका नहीं होगा, कोई तौबा क़बूल नहीं होगी।
इसलिए ऐ इंसान! आज ही अपने रब की तरफ़ लौट आ, उसकी रहमत का सहारा ले, और उस आग से बचने की कोशिश कर जो उन लोगों के लिए तैयार की गई है जो हक़ को नहीं मानते। अल्लाह बड़ा मेहरबान है, वह अपने बंदों की तौबा क़बूल करता है और उन्हें जहन्नम से बचाकर जन्नत में दाखिल करता है। यही सबसे बड़ी कामयाबी है।
📜 आयत 12-16 — सूरा अल-फुरकान
अनुवाद — अल-फुरकान 14
सूरा अल-फुरकान आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (उस वक्त उनसे कहा जाएगा कि) आज एक मौत को…सूरा आयत 14/77 — सूरा अल-फुरकान الفرقان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-फुरकान सुनें, सूरा अल-फुरकान अनुवाद, सूरा अल-फुरकान mp3, सूरा अल-फुरकान pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 8, 2026
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