अश-शुआरा · 186/227
अनुवाद उच्चारण — अश-शुआरा
وَمَا أَنتَ إِلَّا بَشَرٌ مِّثْلُنَا وَإِن نَّظُنُّكَ لَمِنَ الْكَاذِبِينَ ۝١٨٦
Wa maaa anta illaa basharum mislunaa wa innazunnuka laminal kaazibeen
📖 हिंदी अर्थ
और तुम तो हमारे ही ऐसे एक आदमी हो और हम लोग तो तुमको झूठा ही समझते हैं
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • بَشَرٌ مِّثْلُنَا: हमारे जैसा इंसान
  • نَظُنُّكَ: हम तुम्हें समझते हैं / हमारा ख़याल है
  • لَمِنَ الْكَاذِبِينَ: झूठों में से

तफ़सीर:

जब नबी शुऐब (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम को तौहीद का पैग़ाम दिया और उन्हें नाप-तौल में कमी करने, लोगों को उनका हक़ कम देने और ज़मीन में फ़साद फैलाने से रोका, तो उनकी क़ौम ने जवाब में कहा: "तुम तो हमारे जैसे ही एक इंसान हो।" उनका कहना था कि तुम कोई फ़रिश्ता नहीं हो, ना तुम खाना-पीना छोड़ सकते हो, ना तुम्हारे पास कोई ऐसी चीज़ है जो तुम्हें हमसे अलग करे। उन्होंने ये कहकर नबुव्वत का मुक़ाबला किया कि एक इंसान दूसरे इंसान पर रसूल होकर कैसे भेजा जा सकता है? और फिर उन्होंने कहा: "हमें तो पूरा यक़ीन है कि तुम झूठों में से हो।" यानी उन्होंने न सिर्फ़ आपकी नबुव्वत को झुठलाया बल्कि आपको झूठा कहने की जुर्रत भी की।

ये अल्लाह के रसूलों के साथ उनकी क़ौमों का हमेशा से रवैया रहा है। जब कोई नबी अपनी क़ौम के पास आता, तो वे कहते: "तुम हमारे जैसे इंसान हो, तुम पर रिसालत कैसे आ गई?" वे ये भूल जाते थे कि अल्लाह ने हमेशा इंसानों में से ही रसूल चुने हैं, क्योंकि इंसान ही इंसानों की हालत को समझ सकता है और उनके सामने अल्लाह का पैग़ाम पेश कर सकता है। अल्लाह तआला ने फ़रिश्तों को नहीं भेजा, बल्कि इंसानों में से ही पैग़म्बर चुने ताकि लोग उनसे सीख सकें, उनकी ज़िंदगी को देख सकें और उनके अख़लाक़ से फ़ायदा उठा सकें।

इस आयत में हमारे लिए बड़ी सीख है कि नबियों के साथ उनकी क़ौमों का ये रवैया सिर्फ़ शुऐब (अलैहिस्सलाम) के साथ नहीं था, बल्कि हर नबी के साथ यही हुआ। लेकिन नबियों ने हिम्मत नहीं हारी, उन्होंने अल्लाह पर भरोसा किया और अपना पैग़ाम पहुँचाते रहे। ये हमारे लिए सबक़ है कि सच्चाई पर क़ायम रहें, चाहे लोग हमें झुठलाएँ या हमारा मज़ाक़ उड़ाएँ। अल्लाह की मदद सच्चे लोगों के साथ होती है, और आख़िरकार सच्चाई ही जीतती है। जैसे शुऐब (अलैहिस्सलाम) की क़ौम को अल्लाह के अज़ाब ने आ पकड़ा, वैसे ही हर झुठलाने वाली क़ौम का अंजाम बुरा होता है।

🎧 सुनें

📜 आयत 184-188 — अश-शुआरा

184وَاتَّقُوا الَّذِي خَلَقَكُمْ وَالْجِبِلَّةَ الْأَوَّلِينَ
और उस (ख़ुदा) से डरो जिसने तुम्हे और अगली ख़िलकत को पैदा किया
185قَالُوا إِنَّمَا أَنتَ مِنَ الْمُسَحَّرِينَ
वह लोग कहने लगे तुम पर तो बस जादू कर दिया गया है (कि ऐसी बातें करते हों)
186وَمَا أَنتَ إِلَّا بَشَرٌ مِّثْلُنَا وَإِن نَّظُنُّكَ لَمِنَ الْكَاذِبِينَ
और तुम तो हमारे ही ऐसे एक आदमी हो और हम लोग तो तुमको झूठा ही समझते हैं
187فَأَسْقِطْ عَلَيْنَا كِسَفًا مِّنَ السَّمَاءِ إِن كُنتَ مِنَ الصَّادِقِينَ
तो अगर तुम सच्चे हो तो हम पर आसमान का एक टुकड़ा गिरा दो
188قَالَ رَبِّي أَعْلَمُ بِمَا تَعْمَلُونَ
और शुएब ने कहा जो तुम लोग करते हो मेरा परवरदिगार ख़ूब जानता है
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अनुवाद — अश-शुआरा 186

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Tuesday, August 18, 2026

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