Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- أَسْرِ – रात में चलना, रात के समय प्रस्थान करना।
- عِبَادِي – मेरे बंदे (यहाँ अल्लाह ने बनी इस्राईल को अपने बंदे कहकर सम्मानित किया)।
- مُتَّبَعُونَ – तुम्हारा पीछा किया जाएगा, अर्थात शत्रु तुम्हारा पीछा करेंगे।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने अपने नबी मूसा (अलैहिस्सलाम) की ओर वह्य भेजी कि वे रात के समय अपने बंदों (बनी इस्राईल) को लेकर मिस्र से निकल जाएँ। यह आदेश उस समय दिया गया जब फ़िरऔन का ज़ुल्म अपनी इंतिहा पर था और मूसा (अलैहिस्सलाम) को डर था कि फ़िरऔन उन्हें रोक न दे। अल्लाह ने उन्हें आश्वस्त किया कि तुम्हारा पीछा अवश्य किया जाएगा, लेकिन यह पीछा तुम्हारे लिए अल्लाह की क़ुदरत का ज़ाहिर होने का ज़रिया बनेगा।
इस आयत में अल्लाह ने बनी इस्राईल को "मेरे बंदे" कहकर उन्हें सम्मानित किया, जो दर्शाता है कि जब कोई क़ौम अल्लाह के दीन पर चलती है, तो अल्लाह उन्हें अपनी ख़ास निस्बत से नवाज़ता है। यहाँ अल्लाह ने मूसा (अलैहिस्सलाम) को हिदायत दी कि वे चुपके से रात के अंधेरे में निकलें, ताकि फ़िरऔन को भनक न लगे और वे सुरक्षित समुद्र की तरफ बढ़ सकें।
यह वाक़या हमें सिखाता है कि अल्लाह पर भरोसा रखते हुए हिकमत और तदबीर से काम लेना चाहिए। अल्लाह अपने बंदों की हिफ़ाज़त करता है, चाहे रास्ते में कितनी ही मुश्किलें क्यों न आएँ। फ़िरऔन का पीछा करना और उसका लश्कर — यह सब अल्लाह के इंतज़ाम का हिस्सा था, ताकि उसकी क़ुदरत के नमूने सामने आएँ और ईमानवालों का दिल मज़बूत हो।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि जब अल्लाह किसी काम का हुक्म देता है, तो वह उसके नतीजे की ज़िम्मेदारी भी लेता है। मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अल्लाह के हुक्म पर अमल किया और अल्लाह ने उन्हें फ़िरऔन के ज़ुल्म से निजात दिलाई। यह हमारे लिए भी रहनुमाई है कि हम अल्लाह के हुक्मों पर अमल करें और उसकी रहमत पर भरोसा रखें। अल्लाह कभी अपने बंदों को अकेला नहीं छोड़ता, बल्कि हर मुश्किल में उनका साथ देता है और उनके लिए रास्ते खोलता है।
📜 आयत 50-54 — सूरा अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 52
सूरा अश-शुआरा आयत 52 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने मूसा के पास वही भेजी कि तुम मेरे…सूरा आयत 52/227 — सूरा अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शुआरा सुनें, सूरा अश-शुआरा अनुवाद, सूरा अश-शुआरा mp3, सूरा अश-शुआरा pdf. आयत 50–54. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अश-शुआरा
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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