अश-शुआरा · 53/227
अनुवाद उच्चारण — अश-शुआरा
فَأَرْسَلَ فِرْعَوْنُ فِي الْمَدَائِنِ حَاشِرِينَ ۝٥٣
Fa arsala Fir`awnu filmadaaa`ini haashireen
📖 हिंदी अर्थ
तब फिरऔन ने (लश्कर जमा करने के ख्याल से) तमाम शहरों में (धड़ा धड़) हरकारे रवाना किए

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • حَاشِرِينَ (हाशिरीन): इकट्ठा करने वाले, सेना जमा करने के लिए भेजे गए लोग।

तफ़सीर:

जब फ़िरऔन को यह ख़बर मिली कि बनी इसराइल मिस्र से निकल चुके हैं और वे आज़ादी की राह पर हैं, तो उसका घमंड और ग़ुस्सा भड़क उठा। उसने अपने अधिकारियों और सैनिकों को अपने पूरे राज्य के शहरों और बस्तियों में भेजा, ताकि वे लोगों को इकट्ठा करें और एक विशाल सेना तैयार करें। उसका इरादा था कि वह बनी इसराइल का पीछा करे और उन्हें वापस लाकर फिर से अपनी ग़ुलामी में जकड़ ले।

यह आयत हमें बताती है कि फ़िरऔन की सारी ताक़त और उसकी सारी साज़िशें अल्लाह की क़ुदरत के आगे बेकार थीं। वह अपनी सेना इकट्ठा करने में लगा था, लेकिन अल्लाह ने अपने नबी मूसा (अलैहिस्सलाम) और उनकी क़ौम को सुरक्षित रास्ता दिखाया था। यह हमारे लिए एक बड़ा सबक़ है कि जब अल्लाह किसी का मददगार होता है, तो दुनिया की तमाम ताक़तें मिलकर भी उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकतीं।

इस आयत से हमें यह भी सीख मिलती है कि सच्चाई और ईमान की राह पर चलने वालों को कभी डरना नहीं चाहिए। चाहे दुश्मन कितना भी ताक़तवर क्यों न हो, अल्लाह की मदद उनके साथ होती है। जैसे फ़िरऔन ने अपनी पूरी ताक़त लगा दी, लेकिन अल्लाह ने बनी इसराइल को समुद्र पार कराकर उन्हें नजात दी और फ़िरऔन को उसके ग़ुरूर की सज़ा दी। यह हमारे लिए एक प्यारा पैग़ाम है कि अल्लाह पर भरोसा रखने वालों को कभी निराश नहीं होना पड़ता।



📜 आयत 51-55 — अश-शुआरा

51إِنَّا نَطْمَعُ أَن يَغْفِرَ لَنَا رَبُّنَا خَطَايَانَا أَن كُنَّا أَوَّلَ الْمُؤْمِنِينَ
हम चँकि सबसे पहले ईमान लाए है इसलिए ये उम्मीद रखते हैं कि हमारा परवरदिगार हमारी ख़ताएँ माफ कर देगा
52۞ وَأَوْحَيْنَا إِلَىٰ مُوسَىٰ أَنْ أَسْرِ بِعِبَادِي إِنَّكُم مُّتَّبَعُونَ
और हमने मूसा के पास वही भेजी कि तुम मेरे बन्दों को लेकर रातों रात निकल जाओ क्योंकि तुम्हारा पीछा किया जाएगा
53فَأَرْسَلَ فِرْعَوْنُ فِي الْمَدَائِنِ حَاشِرِينَ
तब फिरऔन ने (लश्कर जमा करने के ख्याल से) तमाम शहरों में (धड़ा धड़) हरकारे रवाना किए
54إِنَّ هَٰؤُلَاءِ لَشِرْذِمَةٌ قَلِيلُونَ
(और कहा) कि ये लोग मूसा के साथ बनी इसराइल थोड़ी सी (मुट्ठी भर की) जमाअत हैं
55وَإِنَّهُمْ لَنَا لَغَائِظُونَ
और उन लोगों ने हमें सख्त गुस्सा दिलाया है
अश-शुआराकुरान सूची
227आयत
मक्कीRevelation
53आयत

अनुवाद — अश-शुआरा 53

सूरा अश-शुआरा आयत 53 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तब फिरऔन ने (लश्कर जमा करने के ख्याल से) तमाम…

सूरा आयत 53/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 51–55. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए