अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- कुनूज़ (خزانے): सोना-चाँदी और धन-दौलत के ख़ज़ाने।
- मक़ाम करीम (عالی مقام): सुंदर महल, ऊँचे-शानदार घर और आलीशान बैठकों की जगहें।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने फ़िरऔन और उसकी क़ौम को उनकी सारी नेअमतों से बेदख़ल करके उन्हें मिस्र से निकाल दिया। उनके पास बाग़ात, चश्मे, सोने-चाँदी के ख़ज़ाने और ऐसे आलीशान महल थे जो देखने वालों को हैरत में डाल देते थे। ये सब चीज़ें उनके लिए ग़ुरूर और घमंड का ज़रिया बन गई थीं, लेकिन जब अल्लाह का फ़ैसला आया तो न तो उनके ख़ज़ाने उनके काम आए और न ही उनकी शानदार इमारतें। याद रखिए, दुनिया की ये चमक-दमक और साज़-सामान अल्लाह की दी हुई आज़माइश है, न कि उसकी मोहब्बत की निशानी। जो लोग इन नेअमतों को पाकर अल्लाह से ग़ाफ़िल हो जाते हैं, वही सबसे बड़ा नुक़सान उठाते हैं। अल्लाह ने उन्हें निकालकर बनी इसराईल को उनकी ज़मीन, बाग़ और महल दे दिए — यानी अल्लाह की क़ुदरत यह है कि वह किसी को उठाता है और किसी को गिराता है। इससे हमें सबक़ लेना चाहिए कि दुनिया की दौलत और ऊँची इमारतों पर नाज़ करने के बजाय अल्लाह की इताअत और शुक्रगुज़ारी अपनाएँ, क्योंकि असली इज़्ज़त तो अल्लाह के करीब रहने में है, न कि मकानों और ख़ज़ानों में।
📜 आयत 56-60 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 58
सूरा अश-शुआरा आयत 58 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ग़रज़ हमने इन लोगों को (मिस्र के) बाग़ों और चश्मों…सूरा आयत 58/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 56–60. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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