अश-शुआरा · 59/227
अनुवाद उच्चारण — सूरा अश-शुआरा
كَذَٰلِكَ وَأَوْرَثْنَاهَا بَنِي إِسْرَائِيلَ ۝٥٩
Kazaalika wa awrasnaahaa Baneee Israaa`eel
📖 हिंदी अर्थ
(और जो नाफरमानी करे) इसी तरह सज़ा होगी और आख़िर हमने उन्हीं चीज़ों का मालिक बनी इसराइल को बनाया

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • كَذَٰلِكَ — इसी प्रकार, जैसा वर्णन किया गया।
  • وَأَوْرَثْنَاهَا — और हमने उसे उत्तराधिकार में दे दिया।
  • بَنِي إِسْرَائِيلَ — इस्राईल की संतान (हज़रत याक़ूब अलैहिस्सलाम की औलाद)।

तफ़सीर:

यह आयत उस महान इन्आम (अनुग्रह) की ओर इशारा करती है जो अल्लाह तआला ने बनी इस्राईल को फ़िरऔन और उसकी क़ौम के विनाश के बाद अता किया। जब फ़िरऔन और उसके लश्कर ने हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम का पीछा किया और अल्लाह ने उन्हें समुद्र में ग़रक़ कर दिया, तो उसके बाद अल्लाह ने बनी इस्राईल को उनकी भूमि, धन-दौलत, बाग़ात, चश्मों और शानदार महलों का उत्तराधिकारी बना दिया।

यह अल्लाह की सुन्नत (रीति) है कि जब वह किसी ज़ालिम क़ौम को हलाक करता है, तो उसकी नेअमतें उन लोगों को दे देता है जो अल्लाह के दीन पर चलते हैं और उसके नेक बंदे होते हैं। बनी इस्राईल को यह विरासत इसलिए मिली क्योंकि उन्होंने अल्लाह के नबी मूसा अलैहिस्सलाम पर ईमान लाये और फ़िरऔन के ज़ुल्म को सहा।

यहाँ से हमें यह सबक़ मिलता है कि अल्लाह तआला अपने नेक बंदों को कभी अकेला नहीं छोड़ता। चाहे वे कितने ही कमज़ोर और मुसीबत में क्यों न हों, अल्लाह उनकी मदद ज़रूर करता है और उन्हें उन लोगों का वारिस बना देता है जो ज़मीन पर फ़साद फैलाते हैं। यह आयत मुसलमानों के लिए एक बशारत (ख़ुशख़बरी) है कि अगर वे अल्लाह के दीन पर साबित-क़दम रहें, तो अल्लाह उन्हें भी ज़ालिमों की विरासत देगा और उन्हें ज़मीन का वारिस बनायेगा।

अल्लाह का वादा सच्चा है, और वह अपने बंदों को उनके सब्र और ईमान का बदला दुनिया में भी देता है और आख़िरत में भी। हमें चाहिए कि हम अल्लाह पर भरोसा रखें, उसकी इबादत में मुस्तक़िम रहें, और यक़ीन रखें कि अल्लाह की मदद ज़रूर आयेगी, चाहे देर से ही सही।



📜 आयत 57-61 — सूरा अश-शुआरा

57فَأَخْرَجْنَاهُم مِّن جَنَّاتٍ وَعُيُونٍ
(तुम भी आ जाओ कि सब मिलकर ताअककुब (पीछा) करें)
58وَكُنُوزٍ وَمَقَامٍ كَرِيمٍ
ग़रज़ हमने इन लोगों को (मिस्र के) बाग़ों और चश्मों और खज़ानों और इज्ज़त की जगह से (यूँ) निकाल बाहर किया
59كَذَٰلِكَ وَأَوْرَثْنَاهَا بَنِي إِسْرَائِيلَ
(और जो नाफरमानी करे) इसी तरह सज़ा होगी और आख़िर हमने उन्हीं चीज़ों का मालिक बनी इसराइल को बनाया
60فَأَتْبَعُوهُم مُّشْرِقِينَ
ग़रज़ (मूसा) तो रात ही को चले गए
61فَلَمَّا تَرَاءَى الْجَمْعَانِ قَالَ أَصْحَابُ مُوسَىٰ إِنَّا لَمُدْرَكُونَ
और उन लोगों ने सूरज निकलते उनका पीछा किया तो जब दोनों जमाअतें (इतनी करीब हुयीं कि) एक दूसरे को देखने लगी तो मूसा के साथी (हैरान होकर) कहने लगे
अश-शुआराकुरान सूची
227आयत
मक्कीअवतरण स्थान
59आयत

अनुवाद — अश-शुआरा 59

सूरा अश-शुआरा आयत 59 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (और जो नाफरमानी करे) इसी तरह सज़ा होगी और आख़िर…

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Friday, October 2, 2026

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