अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- شَهْوَةً – वासना की पूर्ति के लिए
- مِن دُونِ النِّسَاءِ – स्त्रियों को छोड़कर
- تَجْهَلُونَ – अज्ञानता का व्यवहार करते हो
तफ़सीर:
हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम को नसीहत करते हुए फ़रमाया: क्या तुम लोग ऐसा घिनौना काम करते हो जिसकी बुराई तुम ख़ुद जानते हो? क्या तुम वासना की पूर्ति के लिए स्त्रियों को छोड़कर पुरुषों के पास जाते हो? यह कैसी हयात-ओ-पाकदामनी से गिरी हुई हरकत है! तुमने अल्लाह तआला के हुक्म की ख़िलाफ़वरी की और उसके नबी की नाफ़रमानी की। तुम लोग दरअसल अज्ञानता में डूबे हुए हो – तुम न तो अल्लाह की बड़ाई को समझते हो, न उसकी नेअमतों का एहसान मानते हो, न अज़ाब के डर को दिल में रखते हो। यही जहालत तुम्हें ऐसे काम पर उभार रही है जो अल्लाह की नज़र में सख्त से सख्त गुनाह है और जिसे दुनिया में तुमसे पहले किसी ने नहीं किया।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह ने इंसान की फ़ितरत को इस तरह बनाया है कि उसकी वासना की पूर्ति का जायज़ और पाक रास्ता निकाह है। जो लोग इस फ़ितरत के ख़िलाफ़ जाते हैं, वे न सिर्फ़ अल्लाह की नाफ़रमानी करते हैं बल्कि अपनी जान को भी बड़े अज़ाब में डालते हैं। अल्लाह तआला की रहमत यह है कि उसने हमें हलाल रास्ता दिखाया और हराम से बचने की तौफ़ीक़ देने का वादा किया। हमें चाहिए कि अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की बताई हुई हदों के अंदर रखें, क्योंकि इन्हीं हदों में हमारी भलाई और सुकून छिपा है। जो लोग इन हदों से बाहर निकलते हैं, वे दुनिया में भी बेचैन रहते हैं और आख़िरत में भी नादिम होते हैं। अल्लाह तआला हम सबको सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 53-57 — अन-नमल
अनुवाद — अन-नमल 55
सूरा अन-नमल आयत 55 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या तुम औरतों को छोड़कर शहवत से मर्दों के आते…सूरा आयत 55/93 — अन-नमल النمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नमल सुनें, अन-नमल अनुवाद, अन-नमल mp3, अन-नमल pdf. आयत 53–57. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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