Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- جَوَابَ – उत्तर
- آلَ لُوطٍ – लूत (अलैहिस्सलाम) की क़ौम (परिवार और अनुयायी)
- يَتَطَهَّرُونَ – पवित्रता अपनाते हैं, गंदगी और अशुद्धि से बचते हैं
तफ़सीर:
जब हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम को उस घिनौने काम (समलैंगिकता) से रोका और उन्हें अल्लाह की इबादत की ओर बुलाया, तो उनकी क़ौम का जवाब बेहद दुखद और उपहासपूर्ण था। उन्होंने कहा: "इन लोगों को अपने गाँव से निकाल दो, ये लोग पवित्रता अपनाते हैं!"
ग़ौर कीजिए, उन्होंने पवित्रता को जुर्म ठहरा दिया और गुनाह को अपना तरीक़ा बना लिया। वे हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) और उनके अनुयायियों का मज़ाक उड़ा रहे थे, क्योंकि ये लोग उनके गंदे कामों में शामिल नहीं होते थे और उन्हें बुराई से रोकते थे। उनकी सोच इतनी विकृत हो चुकी थी कि उन्हें अपना घिनौना काम अच्छा लगता था और पाक-साफ़ रहने वालों को वे बुरा समझते थे।
यह आयत हमें सिखाती है कि जब समाज में बुराई आम हो जाती है, तो नेक लोगों को अजीब और परेशान करने वाला समझा जाता है। लेकिन एक मोमिन को कभी भी समाज के दबाव में आकर अपने ईमान और पवित्रता से समझौता नहीं करना चाहिए। अल्लाह की राह पर चलने वालों को दुनिया में तकलीफ़ें आती हैं, लेकिन अल्लाह उन्हें अकेला नहीं छोड़ता। जैसा कि इसी क़िस्से में आगे आता है कि अल्लाह ने हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) और उनके साथियों को नजात दी और बुराई करने वालों को हलाक कर दिया।
इस आयत से हमें यह भी सबक मिलता है कि बुराई पर अड़े रहने वाले लोग नेकी का मज़ाक उड़ाते हैं, लेकिन अल्लाह की मदद नेक लोगों के साथ होती है। हमें चाहिए कि हम अपनी पवित्रता और नेकी पर डटे रहें, चाहे लोग हमारा मज़ाक उड़ाएँ या हमें बुरा कहें। अल्लाह ही असली मददगार है और वही अपने नेक बंदों की इज़्ज़त करता है।
📜 आयत 54-58 — सूरा अन-नमल
अनुवाद — अन-नमल 56
सूरा अन-नमल आयत 56 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि वह लोग बोल उठे कि लूत के खानदान को…सूरा आयत 56/93 — सूरा अन-नमल النمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नमल सुनें, सूरा अन-नमल अनुवाद, सूरा अन-नमल mp3, सूरा अन-नमल pdf. आयत 54–58. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


